व्हाट्सएप यूजर्स के लिए रेड अलर्ट: अगर ये 5 सेटिंग्स ऑन नहीं कीं, तो हैकर्स के निशाने पर होगा आपका निजी डेटा।

संवाद 24 डेस्क। आज के डिजिटल युग में, व्हाट्सएप सिर्फ एक मैसेजिंग ऐप नहीं रह गया है, बल्कि यह हमारे व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन का एक अभिन्न अंग बन चुका है। चाहे बैंक की जानकारी साझा करनी हो या परिवार के साथ निजी क्षण, हम सब कुछ व्हाट्सएप के जरिए करते हैं। लेकिन इसी लोकप्रियता के कारण, यह प्लेटफॉर्म साइबर अपराधियों और स्कैमर्स के निशाने पर भी सबसे ऊपर है। हाल ही में व्हाट्सएप ने अपनी सुरक्षा प्रणालियों को और अधिक कड़ा किया है। ‘संवाद 24’ के इस विशेष लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि आप अपने अकाउंट को कैसे अभेद्य बना सकते हैं।

डिजिटल सुरक्षा का बढ़ता संकट और व्हाट्सएप की भूमिका
इंटरनेट के विस्तार के साथ साइबर अपराधों में अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई है। फिशिंग, पहचान की चोरी (Identity Theft) और सोशल इंजीनियरिंग के जरिए स्कैमर्स मासूम यूजर्स को अपना शिकार बना रहे हैं। व्हाट्सएप, जो ‘एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन’ (End-to-End Encryption) का दावा करता है, वह मैसेज की गोपनीयता तो बनाए रखता है, लेकिन यदि आपका अकाउंट ही किसी के हाथ लग जाए, तो यह एन्क्रिप्शन भी किसी काम का नहीं रह जाता। इसलिए, व्हाट्सएप की नई सख्त सेटिंग्स को समझना और लागू करना अब ऐच्छिक नहीं, बल्कि अनिवार्य हो गया है।

टू-स्टेप वेरिफिकेशन: सुरक्षा की पहली मजबूत दीवार
व्हाट्सएप सुरक्षा के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण फीचर ‘टू-स्टेप वेरिफिकेशन’ (Two-Step Verification) है। यह एक एक्स्ट्रा लेयर है जो आपके अकाउंट को तब भी सुरक्षित रखती है जब किसी के पास आपका सिम कार्ड या ओटीपी (OTP) पहुंच जाए।
. यह कैसे काम करता है? जब आप इसे इनेबल करते हैं, तो आपको 6 अंकों का एक पिन सेट करना होता है। जब भी आप किसी नए फोन में अपना व्हाट्सएप रजिस्टर करेंगे, तो ओटीपी के साथ-साथ यह पिन भी मांगा जाएगा।
. अनिवार्यता: स्कैमर्स अक्सर कॉल फॉरवर्डिंग या सिम स्वैपिंग के जरिए ओटीपी चुरा लेते हैं। ऐसे मामलों में टू-स्टेप वेरिफिकेशन पिन आपके अकाउंट का अंतिम बचाव होता है।

साइलेंस अननोन कॉलर्स’ और प्राइवेसी चेकअप
स्कैमर्स अक्सर अनजान विदेशी नंबरों (+92, +84, +62 आदि) से कॉल करके यूजर्स को फंसाते हैं। व्हाट्सएप ने इसके समाधान के लिए ‘Silence Unknown Callers’ फीचर पेश किया है।
. फायदा: इसे एक्टिवेट करने के बाद, किसी भी अनजान नंबर से आने वाली कॉल आपके फोन की घंटी नहीं बजाएगी। यह कॉल केवल आपके ‘कॉल लॉग’ में दिखेगी। इससे अनचाहे स्पैम और स्कैम कॉल्स से होने वाली मानसिक परेशानी और सुरक्षा जोखिम कम हो जाते हैं।
. प्राइवेसी चेकअप: व्हाट्सएप के सेटिंग्स में ‘Privacy Checkup’ का एक नया विकल्प जोड़ा गया है। यह आपको स्टेप-बाय-स्टेप गाइड करता है कि कौन आपका प्रोफाइल फोटो देख सकता है, कौन आपको ग्रुप में जोड़ सकता है और आपकी ‘लास्ट सीन’ स्थिति क्या है।

पासकी (Passkey): पासवर्ड के बिना भविष्य की सुरक्षा
व्हाट्सएप ने हाल ही में ‘पासकी’ (Passkey) फीचर रोलआउट किया है। यह पारंपरिक पासवर्ड या ओटीपी की तुलना में बहुत अधिक सुरक्षित है।
. तकनीक: पासकी आपके फोन के बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट, फेस आईडी या स्क्रीन लॉक पिन) का उपयोग करती है। यह स्कैमर्स के लिए आपके अकाउंट को हैक करना लगभग असंभव बना देता है क्योंकि पासकी केवल आपके भौतिक डिवाइस पर ही मौजूद होती है और इसे फिशिंग के जरिए चुराया नहीं जा सकता।

ग्रुप प्राइवेसी और प्रोफाइल फोटो की सुरक्षा
अक्सर देखा गया है कि स्कैमर्स किसी का भी नंबर रैंडमली ग्रुप में जोड़ लेते हैं और वहां अश्लील कंटेंट या लॉटरी के झांसे वाले मैसेज भेजते हैं।
. सेटिंग्स: आपको अपनी प्राइवेसी सेटिंग्स में ‘Groups’ को ‘Everyone’ से बदलकर ‘My Contacts’ कर देना चाहिए।
. प्रोफाइल फोटो: यदि आपकी प्रोफाइल फोटो सार्वजनिक (Public) है, तो स्कैमर उसका उपयोग करके आपके नाम से फर्जी अकाउंट बना सकते हैं। इसे हमेशा ‘My Contacts’ पर ही रखें।

चैट बैकअप और एन्क्रिप्शन
कई यूजर्स को लगता है कि उनके मैसेज केवल फोन में सुरक्षित हैं, लेकिन उनका क्लाउड बैकअप (Google Drive या iCloud) असुरक्षित हो सकता है। व्हाट्सएप अब ‘End-to-End Encrypted Backup’ की सुविधा देता है। इसे चालू करने पर, आपके बैकअप को एक पासवर्ड या 64-अंकों की एन्क्रिप्शन कुंजी के पीछे सुरक्षित रखा जाता है, जिसे स्वयं गूगल, एप्पल या व्हाट्सएप भी नहीं पढ़ सकते।

स्कैमर्स से बचने के स्वर्ण नियम;
. कभी भी ओटीपी (OTP) साझा न करें: बैंक या व्हाट्सएप का कोई भी प्रतिनिधि आपसे कभी ओटीपी नहीं मांगता।
. संदेहास्पद लिंक पर क्लिक न करें: “फ्री रिचार्ज” या “सरकारी योजना” के नाम पर आने वाले लिंक से बचें।
. ईमेल एड्रेस जोड़ें: टू-स्टेप वेरिफिकेशन के साथ अपना ईमेल जरूर लिंक करें ताकि पिन भूलने पर आप उसे रिकवर कर सकें।
. डेस्कटॉप/वेब सुरक्षा: यदि आप कंप्यूटर पर व्हाट्सएप चलाते हैं, तो उपयोग के बाद ‘Log Out’ करना न भूलें।

तकनीक जितनी सुविधाजनक है, उतनी ही जोखिम भरी भी हो सकती है। व्हाट्सएप द्वारा उठाए गए ये सख्त कदम तभी प्रभावी होंगे जब यूजर्स जागरूक होंगे। अपनी सेटिंग्स को आज ही अपडेट करें और डिजिटल दुनिया में खुद को सुरक्षित रखें।

Geeta Singh
Geeta Singh

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