सीलमपुर में 24 घंटे बाद भी धधक रही है आग: स्कूटी चार्जिंग की एक चिंगारी ने कैसे खाक कर दिया करोड़ों का शॉपिंग कॉम्प्लेक्स?
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संवाद 24 नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली का पुराना सीलमपुर इलाका पिछले 24 घंटों से धुआं-धुआं है। शांति मोहल्ला स्थित एक चार मंजिला कपड़ों के शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में रविवार शाम को लगी भीषण आग सोमवार को भी पूरी तरह शांत नहीं हो पाई है। दमकल विभाग की 50 से अधिक गाड़ियां और 100 से अधिक जांबाज दमकलकर्मी लगातार इस ‘नरक’ जैसी ज्वाला पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन भारी मात्रा में रखे कपड़ों और संकरी गलियों ने इस अभियान को बेहद चुनौतीपूर्ण बना दिया है।
एक स्कूटी और विनाशकारी धमाका
घटना की शुरुआत रविवार शाम करीब 4:22 बजे हुई। चश्मदीदों और पुलिस की प्राथमिक जांच के अनुसार, कॉम्प्लेक्स के भूतल (Ground Floor) पर स्थित एक दुकान में एक इलेक्ट्रिक स्कूटी चार्जिंग पर लगी हुई थी। अचानक स्कूटी की बैटरी में जोरदार धमाका हुआ और आग की लपटें निकलने लगीं। देखते ही देखते आग ने वहां रखे सिंथेटिक और सूती कपड़ों के थान को अपनी चपेट में ले लिया। चूंकि यह चार मंजिला इमारत पूरी तरह से कपड़ों के शोरूम और गोदामों से भरी थी, इसलिए आग को फैलने में कुछ ही मिनट लगे।
24 घंटे से जारी है दमकल का संघर्ष
दमकल विभाग को जब पहली सूचना मिली, तो मौके पर 5 गाड़ियां भेजी गई थीं। लेकिन आग की विकरालता को देखते हुए संख्या बढ़ानी पड़ी। अब तक 50 से ज्यादा दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंच चुकी हैं। अधिकारियों का कहना है कि इमारत के भीतर कपड़ों के गट्ठर दबे हुए हैं, जिनमें आग अंदर ही अंदर सुलग रही है। जब दमकलकर्मी ऊपर से पानी डालते हैं, तो ऊपरी सतह तो ठंडी हो जाती है, लेकिन नीचे दबे कपड़ों की गर्मी दोबारा आग भड़का देती है। इसके अलावा, सीलमपुर की संकरी गलियां और वहां फंसे वाहनों के कारण दमकल की बड़ी गाड़ियों को घटनास्थल तक पहुंचने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।
धुएं के गुबार से सहमा इलाका
आग इतनी भीषण है कि इसकी तपिश और काले धुएं का गुबार कई किलोमीटर दूर से देखा जा सकता है। धुएं के कारण स्थानीय लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। एहतियात के तौर पर आसपास के कई घरों और दुकानों को खाली करा लिया गया है। कई परिवार डर के मारे अपने रिश्तेदारों के घर चले गए हैं। पूरी इमारत में दरारें आ गई हैं, जिससे इसके गिरने का खतरा भी मंडरा रहा है।
करोड़ों का नुकसान, लेकिन टला बड़ा हादसा
राहत की बात यह रही कि जब आग लगी, उस समय इमारत में मौजूद 15-20 मजदूर और कर्मचारी समय रहते बाहर निकल आए। हालांकि, दुकान मालिक एजाज अहमद अंसारी सहित कई व्यापारियों का करोड़ों रुपये का स्टॉक जलकर राख हो गया है। व्यापारियों का कहना है कि यह सीजन का समय था और गोदाम पूरी तरह माल से भरे हुए थे। यह घटना एक बार फिर दिल्ली के भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा मानकों और इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग को लेकर बड़े सवाल खड़े करती है। दमकल विभाग का अनुमान है कि कूलिंग ऑपरेशन में अभी कई घंटे और लग सकते हैं।






