यूपी विधानसभा चुनाव 2027: बसपा ने तेज की तैयारियां, संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का निर्देश
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संवाद 24 लखनऊ। आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर बहुजन समाज पार्टी ने अपनी संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी प्रमुख मायावती ने आल इंडिया बैठक की अध्यक्षता करते हुए कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने का स्पष्ट निर्देश दिया। बैठक में जनाधार विस्तार, राजनीतिक रणनीति और मौजूदा राष्ट्रीय परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने संगठनात्मक गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। मायावती ने कहा कि सत्ता प्राप्ति के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को तन, मन और धन से जुटना होगा। उन्होंने बूथ स्तर पर सक्रियता बढ़ाने, नए मतदाताओं तक पहुंच बनाने और सामाजिक समीकरण मजबूत करने पर विशेष बल दिया।
बैठक में कहा गया कि देश में ऐसा राजनीतिक और सामाजिक वातावरण बनना चाहिए, जिससे बहुजन समाज को वास्तविक लाभ मिल सके। पार्टी ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में पूर्व में बनी बसपा सरकारों ने सामाजिक परिवर्तन और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में ठोस कार्य किए। पार्टी नेतृत्व ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के आदर्शों पर चलते हुए सामाजिक न्याय की प्रतिबद्धता दोहराई।
बसपा नेतृत्व ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश के साथ-साथ अन्य राज्यों में भी बहुजन मिशन के प्रति समर्थन बढ़ रहा है। पिछले वर्ष दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय बैठक में दिए गए निर्देशों की समीक्षा करते हुए राज्यों से प्रगति रिपोर्ट ली गई। पार्टी ने कहा कि संगठन विस्तार अभियान को और गति दी जाएगी।
मायावती ने अपने संबोधन में विभिन्न विपक्षी दलों और उनकी सरकारों पर गरीब, किसान और बहुजन विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कथनी और करनी के अंतर के कारण कई दलों की विश्वसनीयता प्रभावित हुई है। ऐसे में बसपा को एक मजबूत और विश्वसनीय विकल्प के रूप में खुद को प्रस्तुत करना होगा।
बैठक में कार्यकर्ताओं को आगाह किया गया कि कुछ स्वार्थी तत्व बहुजन आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास कर सकते हैं। ऐसे लोगों से सावधान रहने और मिशन के प्रति पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करने की अपील की गई। साथ ही अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक समझौतों पर भी चर्चा हुई और कहा गया कि किसी भी संभावित समझौते में किसानों और वंचित वर्गों के हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।
बैठक के अंत में सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बहुजन समाज को सशक्त और नेतृत्वकारी भूमिका में स्थापित करने के संकल्प को दोहराया। पार्टी नेतृत्व ने एकजुटता, अनुशासन और जमीनी सक्रियता को आगामी चुनावों में सफलता की कुंजी बताया।





