स्कूल से सीधे स्पेस रिसर्च तक YUVIKA 2026: युवा प्रतिभाओं को अंतरिक्ष विज्ञान से जोड़ने की ISRO की अनूठी पहल!
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संवाद 24 डेस्क। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अपने वार्षिक शिक्षण और प्रशिक्षण आयोजन YUVIKA (YUva VIgyani KAryakram) के 2026 सत्र के लिए ऑनलाइन पंजीकरण (registration) प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कार्यक्रम कक्षा 9 में अध्ययनरत छात्रों को अंतरिक्ष विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अनुसंधान के मूलभूत सिद्धांतों से परिचित कराने का एक विशेष अवसर प्रदान करता है। ISRO का यह पहल युवा प्रतिभाओं को विज्ञान, इंजीनियरिंग और अंतरिक्ष अध्ययन की ओर प्रेरित करने की दिशा में एक महत्वाकांक्षी कदम है।
YUVIKA — उत्पत्ति और उद्देश्य
YUVIKA का पूरा नाम “Young Scientist Programme” (YUva VIgyani KAryakram) है, जिसका लक्ष्य है कम उम्र से ही छात्रों में अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी के प्रति रुचि और जागरूकता बढ़ाना। यह कार्यक्रम विशेष रूप से उन छात्रों के लिए तैयार किया गया है जो विज्ञान विषय में रुचि रखते हैं और अपने भविष्य को अंतरिक्ष अनुसंधान या STEM (Science, Technology, Engineering & Mathematics) क्षेत्रों में विकसित करना चाहते हैं।
यह पहल ISRO की व्यापक शिक्षा नीति का हिस्सा है, जो यह मानती है कि ‘बुनियादी शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए’; बल्कि इसे व्यावहारिक, प्रयोगात्मक और प्रेरणादायक अनुभव के रूप में भी प्रस्तुत किया जाना चाहिए। इसी सोच के तहत “Catch them young” — यानी छोटे उम्र से बच्चों को वैज्ञानिक सोच और अनुसंधान के प्रति प्रेरित करना — YUVIKA की मूल भावना है।
YUVIKA का इतिहास: एक संक्षिप्त समीक्षा
YUVIKA की शुरुआत 2019 में हुई थी। यह कार्यक्रम ISRO के द्वारा हर साल आयोजित किया जाता है और देश भर के छात्र इससे जुड़े हैं। नोटबंदी के बाद, भारत में विज्ञान शिक्षा पर और अधिक बल दिया गया और इसी के परिणामस्वरूप YUVIKA जैसे कार्यक्रम समय-समय पर बेहतर बनते गए।
आज तक इसके कई संस्करण आयोजित किए जा चुके हैं, जैसे YUVIKA 2022, 2023, 2024 एवं 2025, जिनमें हजारों छात्रों ने भाग लिया और न केवल अंतरिक्ष विज्ञान की जानकारी प्राप्त की, बल्कि विज्ञान को करियर के रूप में चुनने में भी सहायता मिली।
YUVIKA 2026 की घोषणा और पंजीकरण प्रक्रिया
ISRO ने YUVIKA-2026 की घोषणा 20 फरवरी 2026 को की और इसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया 27 फरवरी 2026 से शुरू हो गई है। छात्र 31 मार्च 2026 तक इस कार्यक्रम के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
पंजीकरण करने के लिए इच्छुक छात्रों को ISRO की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होता है, जहां वे आवश्यक विवरण दर्ज करके अपना फॉर्म भर सकते हैं। चूंकि यह कार्यक्रम राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होता है, इसलिए आवेदन और चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है।
YUVIKA 2026 के लिए महत्वपूर्ण तिथियाँ
गतिविधि
तिथि
कार्यक्रम की घोषणा
20 फ़रवरी 2026
ऑनलाइन पंजीकरण शुरू
27 फ़रवरी 2026
ऑनलाइन पंजीकरण अंतिम तिथि
31 मार्च 2026
पहली चयन सूची
13 अप्रैल 2026
दूसरी सूची/पुष्टिकरण
20 अप्रैल 2026
YUVIKA कार्यक्रम की अवधि
11 से 22 मई 2026
ये तिथियाँ कार्यक्रम के प्रभावी संचालन के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और छात्रों को अपने तैयारियों को सही समय पर पूरा करने में सहायता प्रदान करती हैं।
YUVIKA 2026: पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)
YUVIKA 2026 में भाग लेने के लिए कुछ मूलभूत पात्रता नियम तय किए गए हैं:
शैक्षणिक स्तर: छात्र भारतीय स्कूल में कक्षा 9 में पढ़ रहे हों, जैसा कि 1 जनवरी 2026 तक दर्ज है।
स्थान: केवल भारत में स्थित स्कूलों के छात्र ही इस कार्यक्रम के लिए आवेदन कर सकते हैं।
पासपोर्ट, शैक्षणिक रिकॉर्ड: योग्यता के आधार पर चयन करने के लिए आवश्यकता अनुसार शैक्षणिक रिकॉर्ड भी मांगे जा सकते हैं।
चयन प्रक्रिया में शैक्षणिक प्रदर्शन के अलावा विज्ञान मेले, आयु, खेल, NCC/NSS जैसे अतिरिक्त गतिविधियों के अनुभव को भी महत्व दिया जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को चयन प्रक्रिया में वैयक्तिक वेटेज भी प्रदान किया जाता है, ताकि देश भर के छात्रों को कार्यक्रम में समान अवसर मिल सके।
चयन प्रक्रिया (Selection Process)
YUVIKA में चयन की प्रक्रिया काफी विस्तृत और वैज्ञानिक रूप से तैयार की गई है, जिससे एक संतुलित और विविध प्रतिभा को शामिल किया जा सके। आम तौर पर चयन के लिए निम्नलिखित मानदंडों का उपयोग किया जाता है:
8वीं कक्षा या पिछले परीक्षा में प्राप्त अंक — इसको लगभग 50% वेटेज दिया जाता है।
ऑनलाइन क्विज परीक्षण में प्रदर्शन — लगभग 10% वेटेज।
विज्ञान मेला, पाठ्येतर गतिविधि में भागीदारी — 2% से 10% तक।
ओलंपियाड, खेल में प्रदर्शन — 2% से 10% तक।
NCC/NSS/Scout & Guides सदस्यता — अतिरिक्त वेटेज।
ग्रामीण क्षेत्र में अध्ययन — अतिरिक्त वेटेज।
यह चयन प्रक्रिया छात्रों की संपूर्ण क्षमता का मूल्यांकन करने के लिए डिजाइन की गई है, जिससे प्रतिभाशाली छात्र सही अवसर प्राप्त कर सकें।
YUVIKA कार्यक्रम का ढांचा और अनुभव
YUVIKA एक दो सप्ताह का आवासीय कार्यक्रम (Residential Programme) है, जिसमें छात्रों को ISRO के विभिन्न केन्द्रों पर आमंत्रित किया जाता है। इस दौरान उन्हें निम्नलिखित अनुभव प्राप्त होते हैं:
ISRO वैज्ञानिकों द्वारा विशेषज्ञ व्याख्यान और कथा-सत्र
प्रयोगशालाओं, केंद्रों और अनुसंधान संस्थानों के भ्रमण
रॉकेट, सैटेलाइट प्रणालियों और मिशन नियोजन से संबंधित शिक्षा
परियोजना कार्य, टीम-आधारित प्रयोग आदि
विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक और व्यक्तिगत मार्गदर्शन
कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को वास्तविक दुनिया के विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान का व्यावहारिक अनुभव देना है। इस अनुभव से छात्रों के करियर विकल्पों में वृद्धि होती है और उन्हें भविष्य में उच्च तकनीकी शैक्षणिक और पेशेवर मार्ग चुनने की प्रेरणा मिलती है।
YUVIKA का महत्व
शिक्षा के अनुभवात्मक पहलू को बढ़ावा: यह कार्यक्रम छात्रों को किताबों से बाहर निकलकर वास्तविक दुनिया की वैज्ञानिक खोज और अनुसंधान से जोड़ता है।
अंतरिक्ष करियर के लिए प्रोत्साहन: YUVIKA से जुड़े छात्र विश्व-स्तरीय वैज्ञानिकों के साथ बातचीत कर सकते हैं, जो उन्हें STEM विषयों को गंभीरता से अपनाने के लिए प्रेरित करता है।
वैज्ञानिक सोच और समस्या-समाधान कौशल: इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों में आलोचनात्मक सोच और समस्या-समाधान की क्षमता विकसित होती है।
भारत में विज्ञान संस्कृति को प्रोत्साहन: यह कार्यक्रम देशभर में विज्ञान के प्रति रुचि और नवाचार को बढ़ावा देता है, जो कि भारत को तकनीकी और वैज्ञानिक समाज बनने की दिशा में अग्रसर करता है।
YUVIKA 2026 के लिए आवेदन कैसे करें
YUVIKA 2026 के लिए इच्छुक छात्रों को ISRO की आधिकारिक पंजीकरण पोर्टल पर जाना चाहिए। सामान्यतः उम्मीदवारों को निम्न चरणों से गुजरना होता है:
आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकरण करना।
आवश्यक विवरण भरना और प्रपत्र जमा करना।
शैक्षणिक दस्तावेज, UDISE कोड, प्रमाणपत्र आदि अपलोड करना।
उत्तरार्ध चयन प्रक्रिया के लिए उपलब्ध रहना।
आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन है और छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि से पहले अपना आवेदन पूरा कर लें।
YUVIKA-2026 भारत के सबसे महत्वाकांक्षी और प्रेरणादायक शैक्षणिक कार्यक्रमों में से एक है, जो छात्रों को अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया से गहराई से परिचित कराता है। ISRO द्वारा यह पहल केवल विज्ञान शिक्षा तक सीमित नहीं है बल्कि यह समग्र कौशल निर्माण, वैज्ञानिक सोच और करियर उन्मुख प्रशिक्षण का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस कार्यक्रम के माध्यम से भारत के विद्यमान शिक्षण मॉडल में ‘अनुभव-आधारित शिक्षा’ की भूमिका को और अधिक बल मिला है, जिससे आने वाले वर्षों में और भी अधिक प्रतिभाशाली युवा वैज्ञानिक सामने आएंगे।






