खट्टा-मीठा स्वाद का जादू: घर पर परफेक्ट गुजराती दाल बनाने की विधि
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संवाद 24 डेस्क। भारतीय व्यंजनों की विविधता में दालों का विशेष स्थान है, लेकिन जब बात स्वाद के अनोखे संतुलन की आती है तो गुजरात की पारंपरिक गुजराती दाल अपने खट्टे-मीठे फ्लेवर के कारण अलग पहचान बनाती है। यह दाल केवल एक साधारण व्यंजन नहीं, बल्कि क्षेत्रीय संस्कृति, पोषण और पाक-कला का शानदार संगम है। इसमें गुड़ की मिठास, इमली या नींबू की खटास और मसालों की सुगंध मिलकर ऐसा स्वाद तैयार करती है जो हर उम्र के लोगों को पसंद आता है।
इस लेख में गुजराती दाल की सम्पूर्ण सामग्री, स्टेप-बाय-स्टेप विधि, पोषण जानकारी, विशेषज्ञ टिप्स और विविध रूपों को विस्तार से समझाया गया है।
गुजराती दाल क्या है?
गुजराती दाल मुख्यतः अरहर (तूर) दाल से बनाई जाती है, लेकिन इसकी खासियत इसका स्वाद संतुलन है — इसमें मीठा, खट्टा और हल्का तीखापन एक साथ महसूस होता है। अन्य भारतीय दालों की तुलना में यह अधिक पतली होती है और अक्सर चावल, फुल्का, थेपला या खिचड़ी के साथ परोसी जाती है।
यह दाल पारंपरिक गुजराती थाली का महत्वपूर्ण हिस्सा है और त्योहारों, पारिवारिक भोजन तथा दैनिक खाने में समान रूप से लोकप्रिय है।
गुजराती दाल बनाने के लिए आवश्यक सामग्री (4 लोगों के लिए)
मुख्य सामग्री
1. अरहर (तूर) दाल – 1 कप
2. पानी – 3 से 4 कप
3. मूंगफली – 2 बड़े चम्मच
4. टमाटर – 1 मध्यम (बारीक कटा हुआ)
5. हरी मिर्च – 2 (चीरी हुई)
6. अदरक – 1 छोटा चम्मच (कद्दूकस किया हुआ)
7. करी पत्ते – 10 से 12
8. इमली का गूदा – 1 बड़ा चम्मच (या 1 छोटा नींबू का रस)
9. गुड़ – 2 से 3 छोटे चम्मच (स्वादानुसार)
10. हल्दी पाउडर – ½ छोटा चम्मच
11. लाल मिर्च पाउडर – ½ छोटा चम्मच
12. नमक – स्वादानुसार
तड़के के लिए
1. तेल या घी – 2 बड़े चम्मच
2. राई (सरसों के दाने) – 1 छोटा चम्मच
3. जीरा – 1 छोटा चम्मच
4. मेथी दाना – 5 से 6 दाने
5. सूखी लाल मिर्च – 2
6. हींग – एक चुटकी
7. दालचीनी – 1 छोटा टुकड़ा (वैकल्पिक)
8. लौंग – 2 (वैकल्पिक)
सजावट के लिए
• हरा धनिया – 2 बड़े चम्मच (कटा हुआ)
• कद्दूकस किया हुआ नारियल (वैकल्पिक)
गुजराती दाल बनाने की स्टेप-बाय-स्टेप विधि
चरण 1: दाल धोना और भिगोना
• अरहर दाल को साफ पानी से 2–3 बार धो लें।
• बेहतर परिणाम के लिए 20–30 मिनट भिगो सकते हैं (हालांकि यह अनिवार्य नहीं है)।
चरण 2: दाल पकाना
• प्रेशर कुकर में दाल, मूंगफली, हल्दी और 3 कप पानी डालें।
• मध्यम आंच पर 3–4 सीटी आने तक पकाएं।
• कुकर ठंडा होने पर दाल को अच्छी तरह मैश कर लें।
चरण 3: बेस तैयार करना
• एक गहरे बर्तन में पकी हुई दाल डालें।
• इसमें टमाटर, हरी मिर्च, अदरक, नमक और थोड़ा पानी मिलाकर उबाल आने दें।
चरण 4: खट्टा-मीठा स्वाद जोड़ना
• अब दाल में इमली का गूदा और गुड़ डालें।
• धीमी आंच पर 8–10 मिनट पकाएं ताकि स्वाद अच्छी तरह मिल जाए।
चरण 5: तड़का तैयार करना
• एक छोटे पैन में तेल या घी गर्म करें।
• राई डालें — चटकने पर जीरा, मेथी दाना, सूखी लाल मिर्च और करी पत्ते डालें।
• हींग डालें और तुरंत यह तड़का दाल में डाल दें।
चरण 6: अंतिम पकाव
• तड़का डालने के बाद दाल को 5 मिनट और उबालें।
• गैस बंद करके हरा धनिया डालें।
आपकी गुजराती दाल तैयार है।
परफेक्ट स्वाद के लिए प्रोफेशनल टिप्स
1. गुड़ का संतुलन
ज्यादा गुड़ डालने से दाल मिठाई जैसी लग सकती है। स्वाद संतुलित रखें।
2. खट्टापन नियंत्रित करें
इमली और नींबू दोनों एक साथ न डालें।
3. दाल की कंसिस्टेंसी
गुजराती दाल सामान्य दाल से थोड़ी पतली होती है।
4. मूंगफली का महत्व
यह टेक्सचर और स्वाद दोनों बढ़ाती है — इसे न छोड़ें।
5. धीमी आंच पर पकाना
फ्लेवर विकसित करने के लिए अंतिम उबाल धीमी आंच पर दें।
गुजराती दाल के पोषण लाभ
गुजराती दाल स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पोषण से भरपूर भी है।
प्रमुख पोषक तत्व
• प्रोटीन – मांसपेशियों के लिए
• फाइबर – पाचन के लिए
• आयरन – रक्त स्वास्थ्य
• विटामिन B – ऊर्जा उत्पादन
• एंटीऑक्सीडेंट मसाले
मूंगफली स्वस्थ वसा और अतिरिक्त प्रोटीन प्रदान करती है, जबकि गुड़ आयरन का अच्छा स्रोत है।
गुजराती दाल के क्षेत्रीय और आधुनिक वेरिएशन
- जैन गुजराती दाल
• इसमें प्याज और लहसुन का उपयोग नहीं होता। - वेगन संस्करण
• घी की जगह तेल का प्रयोग करें। - प्रेशर कुकर इंस्टेंट संस्करण
• सभी सामग्री एक साथ कुकर में डालकर भी बना सकते हैं। - मसाला गुजराती दाल
• इसमें गरम मसाला और काजू डाले जाते हैं। - हेल्दी लो-कैलोरी संस्करण
• गुड़ की मात्रा कम करें और तेल कम रखें।
गुजराती थाली में दाल का महत्व
पारंपरिक गुजराती भोजन में स्वाद का संतुलन मुख्य सिद्धांत है। थाली में मीठा, नमकीन, खट्टा और तीखा सभी स्वाद शामिल होते हैं। गुजराती दाल इस संतुलन का केंद्र बिंदु मानी जाती है।
इसे आमतौर पर परोसा जाता है:
• स्टीम्ड चावल
• जीरा राइस
• खिचड़ी
• फुल्का या रोटी
• ढोकला और फाफड़ा के साथ भी
परोसने के तरीके (प्रेजेंटेशन टिप्स)
• ऊपर से घी की कुछ बूंदें डालें।
• हरे धनिये और नारियल से सजाएं।
• नींबू का स्लाइस साथ रखें।
• मिट्टी के बर्तन में परोसने से स्वाद बढ़ता है।
घर पर गुजराती दाल क्यों बनाएं?
1. रेस्टोरेंट जैसा स्वाद घर पर
2. पौष्टिक और संतुलित भोजन
3. परिवार के सभी सदस्यों के लिए उपयुक्त
4. जल्दी बनने वाली रेसिपी
5. बजट-फ्रेंडली
विशेषज्ञ सुझाव: स्वाद को अगले स्तर तक कैसे ले जाएं
• तड़के में दालचीनी और लौंग डालने से रिच फ्लेवर आता है।
• अंत में थोड़ा घी डालने से सुगंध बढ़ती है।
• दाल को 10 मिनट ढककर रखने से फ्लेवर सेट होता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
- क्या गुजराती दाल बिना गुड़ के बन सकती है?
हाँ, लेकिन पारंपरिक स्वाद के लिए गुड़ जरूरी माना जाता है। - क्या इसे फ्रिज में स्टोर कर सकते हैं?
हाँ, 2–3 दिन तक सुरक्षित रहती है। - क्या प्रेशर कुकर जरूरी है?
नहीं, लेकिन इससे समय बचता है। - क्या मूंग दाल से बना सकते हैं?
हाँ, लेकिन स्वाद पारंपरिक नहीं रहेगा।
गुजराती दाल भारतीय पाक-कला का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसमें स्वाद का वैज्ञानिक संतुलन और पोषण का सही मेल देखने को मिलता है। खट्टा-मीठा स्वाद, सुगंधित तड़का और पौष्टिक सामग्री इसे रोज़मर्रा के भोजन से लेकर विशेष अवसरों तक उपयुक्त बनाते हैं।
यदि सही सामग्री, संतुलित मसाले और बताए गए प्रोफेशनल स्टेप्स का पालन किया जाए, तो कोई भी व्यक्ति घर पर रेस्टोरेंट जैसी स्वादिष्ट गुजराती दाल आसानी से बना सकता है।






