भेंकासन: जांघों की शक्ति और रीढ़ की लचक का अद्भुत योग रहस्य”

संवाद 24 डेस्क। भेंकासन (Frog Pose – Prone) एक पारंपरिक योगासन है जिसमें शरीर की आकृति मेंढक (भेंक) जैसी बनती है। यह आसन मुख्य रूप से जांघों, कूल्हों, रीढ़ और पेट के हिस्से पर गहरा प्रभाव डालता है। संस्कृत में “भेंक” का अर्थ मेंढक होता है और “आसन” का अर्थ बैठने या स्थिर स्थिति से है।

यह आसन मध्यम से उन्नत स्तर का माना जाता है, लेकिन सही तकनीक और अभ्यास के साथ इसे सुरक्षित रूप से किया जा सकता है। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी है जो लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं, खिलाड़ियों के लिए, तथा शरीर की लचक और शक्ति बढ़ाना चाहते हैं।

नीचे इस आसन को करने की विस्तृत विधि, लाभ, वैज्ञानिक आधार और सावधानियाँ दी जा रही हैं।

🧘‍♂️ भेंकासन करने की स्टेप-बाय-स्टेप विधि

चरण 1: प्रारंभिक स्थिति
1. योग मैट पर पेट के बल (प्रोन पोज़िशन) लेट जाएँ।
2. पैरों को सीधा रखें और हाथों को शरीर के पास रखें।
3. माथा या ठुड्डी जमीन पर टिकाएँ और शरीर को आराम दें।
4. कुछ गहरी सांसें लें ताकि शरीर स्थिर हो जाए।

चरण 2: पैरों को मोड़ना
1. दोनों घुटनों को धीरे-धीरे मोड़ें।
2. एड़ियों को कूल्हों की ओर लाएँ।
3. ध्यान रखें कि घुटने ज्यादा फैलें नहीं — कूल्हों की चौड़ाई के आसपास रखें।

चरण 3: हाथों की पकड़ बनाना
1. दोनों हाथों को पीछे ले जाकर पैरों के पंजों या टखनों को पकड़ें।
2. यदि संभव हो तो हाथों की हथेलियाँ पैरों के ऊपर रखें।
3. कोहनियों को ऊपर की ओर रखें।

चरण 4: अंतिम मुद्रा में आना
1. सांस अंदर लेते हुए छाती को जमीन से ऊपर उठाएँ।
2. पैरों को नीचे की ओर दबाएँ ताकि जांघों में खिंचाव आए।
3. गर्दन को पीछे की ओर हल्का झुकाएँ।
4. शरीर का वजन पेट और जांघों पर संतुलित रखें।

चरण 5: स्थिति बनाए रखना
1. सामान्य श्वास लेते रहें।
2. शुरुआत में 10–20 सेकंड रुकें।
3. अभ्यास बढ़ने पर 30–60 सेकंड तक जा सकते हैं।

चरण 6: वापस आना
1. धीरे-धीरे छाती नीचे रखें।
2. पैरों को छोड़ें।
3. शरीर को रिलैक्स करें।
4. कुछ समय मकरासन या बालासन में विश्राम करें।

🌿 भेंकासन के प्रमुख लाभ

1️⃣ जांघों और कूल्हों की लचक बढ़ाता है
यह आसन क्वाड्रिसेप्स (जांघ की मांसपेशियाँ) और हिप फ्लेक्सर्स पर गहरा स्ट्रेच देता है। इससे:
• पैरों की जकड़न कम होती है
• एथलेटिक प्रदर्शन बेहतर होता है
• लंबे समय तक बैठने के दुष्प्रभाव कम होते हैं

2️⃣ रीढ़ की हड्डी को मजबूत और लचीला बनाता है
छाती उठाने और बैकबेंड की वजह से:
• स्पाइन की मोबिलिटी बढ़ती है
• पीठ दर्द में राहत मिल सकती है
• पोस्टर सुधारता है

3️⃣ पाचन तंत्र को सक्रिय करता है
पेट पर दबाव पड़ने से:
• पाचन सुधरता है
• गैस और कब्ज में राहत मिल सकती है
• आंतों की कार्यक्षमता बढ़ती है

4️⃣ हृदय और फेफड़ों के लिए लाभकारी
छाती खुलने से:

• फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है
• सांस गहरी होती है
• शरीर में ऑक्सीजन सप्लाई बेहतर होती है

5️⃣ तनाव और मानसिक थकान कम करता है
योग में बैकबेंड आसन ऊर्जा बढ़ाने वाले माने जाते हैं:

• मानसिक तनाव कम होता है
• मूड बेहतर होता है
• ऊर्जा स्तर बढ़ता है

6️⃣ हार्मोनल संतुलन में सहायक
पेट और ग्रंथियों पर प्रभाव के कारण:

• एंडोक्राइन सिस्टम को उत्तेजना मिलती है
• हार्मोन संतुलन में मदद मिल सकती है

7️⃣ मोटापा कम करने में सहायक
यह आसन:

• पेट और जांघों की चर्बी कम करने में मदद कर सकता है
• मेटाबॉलिज्म को सक्रिय करता है

8️⃣ खिलाड़ियों और फिटनेस प्रेमियों के लिए उपयोगी
विशेष रूप से:

• रनर्स
• साइक्लिस्ट
• जिम करने वाले

इनके लिए यह आसन बहुत उपयोगी है क्योंकि यह पैरों की मांसपेशियों को खोलता है।

🔬 वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भेंकासन
आधुनिक शरीर रचना विज्ञान के अनुसार, यह आसन निम्न क्षेत्रों को प्रभावित करता है:
• Quadriceps muscles
• Hip flexors
• Lower back muscles
• Abdominal organs
• Chest expansion muscles

बैकबेंड योगासन parasympathetic nervous system को सक्रिय कर सकते हैं, जिससे तनाव कम होता है और रिलैक्सेशन बढ़ता है।

मानसिक लाभ
भेंकासन केवल शारीरिक नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी लाभकारी है:
• आत्मविश्वास बढ़ाता है
• थकान कम करता है
• ध्यान क्षमता सुधारता है
• भावनात्मक संतुलन देता है

🧘 शुरुआती लोगों के लिए आसान तरीका
यदि पूरा आसन कठिन लगे तो:

✅ एक-एक पैर से करें
✅ योग बेल्ट का उपयोग करें
✅ छाती ज्यादा ऊपर न उठाएँ
✅ तकिया या कुशन का सहारा लें

⚠️ भेंकासन करते समय सावधानियाँ
यह बहुत महत्वपूर्ण भाग है।

किन लोगों को नहीं करना चाहिए
• घुटने की चोट वाले
• गंभीर कमर दर्द वाले
• हर्निया मरीज
• हाल की सर्जरी वाले
• हाई ब्लड प्रेशर (डॉक्टर से पूछें)
• गर्भवती महिलाएँ

करते समय ध्यान रखें
1. झटके से पैरों को न पकड़ें।
2. घुटनों पर ज्यादा दबाव न डालें।
3. दर्द और खिंचाव में अंतर समझें।
4. सांस रोककर न रखें।
5. वार्म-अप जरूर करें।

🔥 सामान्य गलतियाँ
• घुटनों को बहुत ज्यादा फैलाना
• कमर को जोर से मोड़ना
• गर्दन को अधिक पीछे झुकाना
• सांस रोक लेना

अभ्यास का सही समय

सबसे अच्छा समय:
✅ सुबह खाली पेट
✅ योग अभ्यास के बीच
✅ शाम को हल्के भोजन के 4–5 घंटे बाद

🪷 भेंकासन के बाद कौन-से आसन करें
संतुलन के लिए:

• मकरासन
• बालासन
• पश्चिमोत्तानासन
• शवासन

🧘‍♀️ कितने समय में लाभ मिलेगा?
नियमित अभ्यास से:

• 2 सप्ताह → लचक महसूस होगी
• 4 सप्ताह → शक्ति और आराम
• 8 सप्ताह → स्पष्ट सुधार

भेंकासन एक शक्तिशाली योगासन है जो शरीर की लचक, शक्ति, पाचन, मानसिक संतुलन और ऊर्जा को बढ़ाने में मदद करता है। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी है जो बैठकर काम करते हैं या पैरों की जकड़न से परेशान हैं।

लेकिन ध्यान रखें — सही तकनीक और सावधानी के साथ ही इसका अभ्यास करें।

योग में निरंतरता ही सफलता का सबसे बड़ा मंत्र है।

Radha Singh
Radha Singh

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