
लखनऊ, संवाददाता।
उत्तर प्रदेश में निवेश के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए राज्य सरकार छह लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने की तैयारी में जुटी है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस)-5 के दौरान प्राप्त निवेश प्रस्तावों में से लगभग पाँच लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर जल्द ही काम शुरू होने जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि निवेशकों को हर आवश्यक सुविधा समयबद्ध ढंग से उपलब्ध कराई जाए। सरकार का लक्ष्य है कि अगले तीन सप्ताह के भीतर निवेशकों को भूमि आवंटन प्रक्रिया पूरी कराई जाए।
औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के पास वर्तमान में लगभग 6300 एकड़ भूमि उपलब्ध है, जिसमें से 33,000 करोड़ रुपये की लघु परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके साथ ही करीब एक लाख करोड़ रुपये की लंबित परियोजनाओं को भी शीघ्र पूरा करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है, जिससे निवेशक न केवल नए उद्योग स्थापित करें बल्कि पुरानी इकाइयों के विस्तार में भी रुचि लें।
जानकारी के अनुसार, अब तक जीआईएस-4 में सबसे अधिक निवेश हुआ था, जिसकी कुल राशि 1,01,056 करोड़ रुपये रही। वहीं, जीआईएस-5 में यह आंकड़ा इससे भी अधिक होने की संभावना जताई जा रही है।
राज्य सरकार का दावा है कि यह निवेश प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा और लाखों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करेगा।






