यू.पी. बोर्ड परीक्षा में बदलाव: अब पहले से छपी होगी रोल नंबर वाली OMR शीट
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संवाद 24 डेस्क। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद् (UPMSP) द्वारा आयोजित UP Board High School Examination 2026 (कक्षा 10वीं) में ओएमआर (OMR) शीट के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। बोर्ड का लक्ष्य परीक्षा को अधिक पारदर्शी, सटीक और त्रुटि-रहित बनाना है। इस साल के परीक्षा पैटर्न में इन बदलावों का सीधा असर उन लाखों छात्रों पर पड़ेगा, जो 18 फ़रवरी 2026 से परीक्षा देंगे।
नीचे हम विस्तार से इन बदलावों, उनके कारणों, प्रभाव और आवश्यक दिशा-निर्देशों पर बात करेंगे।
ओएमआर शीट क्या है और क्यों महत्वपूर्ण है?
OMR (Optical Mark Recognition) शीट वह उत्तर-पुस्तिका का हिस्सा है जिस पर छात्र बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) का उत्तर गोलों (bubbles) के रूप में भरता है। इन उत्तरों को कंप्यूटर स्कैन करके मूल्यांकन किया जाता है। सटीक заполнение (भरण) न होने पर अंक कट सकते हैं या पूरी शीट अमान्य घोषित हो सकती है। यही वजह है कि बोर्ड ने नियमों में बदलाव किया है ताकि मानवीय त्रुटि की संभावना कम हो।
2026 के OMR नियमों में मुख्य बदलाव
. प्रि-प्रिंटेड रोल नंबर और विषय
सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि OMR शीट पर अब परीक्षार्थी का रोल नंबर, विषय, प्रश्नपत्र सीरीज आदि पहले से प्रिंट होकर आएँगे। इससे छात्रों को खुद इन विवरणों को लिखने की जरूरत नहीं होगी, जिससे गलती की संभावना काफी कम हो जाती है।
पहले छात्रों को रोल नंबर, विषय कोड, परीक्षा केंद्र कोड आदि खुद भरना होता था। इसमें छोटी-सी गलती भी पूरे परिणाम को प्रभावित कर सकती थी। अब इस प्रक्रिया के प्री-प्रिंटेड होने से यह जोखिम कम हुआ है।
. गलती होने पर ‘ऑरेंज शीट’
बोर्ड ने यह भी निर्देश दिया है कि यदि छात्र परीक्षा के दौरान OMR भरते समय गलती कर लेता है – जैसे- ✔ गलत गोला भरना ✔ रोल नंबर या प्रश्न पत्र सीरीज गलत भर देना ✔ अन्य महत्वपूर्ण विवरणों को गलत भरना
तो ऐसी OMR शीट निरस्त (invalid) कर दी जाएगी और छात्र को ऑरेंज रंग की अतिरिक्त OMR शीट दी जाएगी। इसमें छात्र को फिर से अपने रोल नंबर और विषय आदि भरने होंगे।
. इसका उद्देश्य स्पष्ट है — छात्रों को गलती की पुनरावृत्ति का मौका देना, लेकिन केवल एक बार। इससे छात्रों को भय-मुक्त होकर सही भरने का अवसर मिलेगा।
परीक्षा संरचना: OMR-आधारित और वर्णनात्मक
UP Board High School का परीक्षा पैटर्न इस प्रकार है:
प्रश्न प्रकार
मार्क्स
उत्तर प्रकार
बहुविकल्पीय (MCQ)
20
OMR में गोल भरना
वर्णनात्मक
50
उत्तरपुस्तिका में लिखना
पूरे 70 अंकों का प्रश्नपत्र इसी रूप में है। OMR भाग कंप्यूटर द्वारा स्कैन किया जाता है जबकि अन्य उत्तर शिक्षक द्वारा जांचे जाते हैं।
बोर्ड का उद्देश्य: त्रुटि-मुक्त मूल्यांकन
यह बदलाव इसीलिए किया गया है ताकि:
OMR भरते समय मानवीय भूल कम हो
छात्रों ने अधिक स्पष्ट और आसान प्रक्रिया में OMR भर सकें
मूल्यांकन अधिक निष्पक्ष, तेज़ और पारदर्शी हो
कंप्यूटर आधारित मूल्यांकन में एक छोटी-सी गलती भी बड़े अंकों में नुकसान ला सकती है — इसी से बचने के लिए OMR के प्री-प्रिंटेड विवरण और अतिरिक्त ऑरेंज शीट जैसी व्यवस्था लाई गई है।
चालू परीक्षा में विद्यार्थियों की संख्या
इस साल हाई-स्कूल (कक्षा 10) में लगभग 27.61 लाख छात्र परीक्षाएं दे रहे हैं। यह संख्या अत्यधिक है, इसलिए OMR-आधारित मूल्यांकन की गुणवत्ता और त्रुटि-रहित प्रक्रिया की आवश्यकता और बढ़ जाती है।
OMR भरते समय ध्यान देने योग्य तकनीकी बातें
OMR शीट मशीन द्वारा स्कैन की जाती है और निम्न बातों से मूल्यांकन सटीक होता है:
. सहायक निर्देश
✔ केवल नीले या काले बॉलप्वाइंट पेन का इस्तेमाल करें। ✔ गोले को पूरी तरह से, साफ-सुथरे रूप से भरें। ✔ एक प्रश्न के लिए केवल एक गोला भरें। ✔ कटर, मेंढक, व्हाइटनर, मिट्टी या कोई अन्य सुधार सामग्री का प्रयोग न करें। ✔ OMR को मोड़ें, फाड़ें, गीला न करें।
इन सभी बातों को पालन करने पर स्कैन त्रुटि-रहित होती है और अंक सही मिलते हैं।
गलत भरने पर क्या प्रभाव पड़ता है?
OMR में एक भी गलत गोला या अर्ध भरा गोला कंप्यूटर द्वारा सही नहीं पढ़ा जाता है और अंक कट सकते हैं। अगर छात्र ने रोल नंबर, विषय को गलत भरा है तो पूरा OMR अमान्य घोषित हो सकता है। यही कारण है कि बोर्ड ने ऑरेंज शीट जैसी व्यवस्था कर दी है ताकि किसी छात्र को दोबारा प्रयास का मौका मिले।
शिक्षा के क्षेत्र में अन्य परिवर्तन और सुरक्षा उपाय
UP Board पुर्ण परीक्षा प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए प्रश्न पत्र सुरक्षित वितरण, सख्त निगरानी, सीसीटीवी, स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनाती आदि जैसे सुरक्षा उपाय भी लागू कर रहा है। इन सभी के लक्ष्य परीक्षा को अनुचित साधनों से पूरी तरह सुरक्षित रखना है।
शिक्षकों और अभिभावकों की भूमिका
जहाँ बोर्ड नए नियम लागू कर रहा है, वहीं अभिभावक और शिक्षक की भूमिका भी अहम है। छात्रों को परीक्षा से पहले OMR अभ्यास कराना, समय-प्रबंधन टिप्स देना, और परीक्षा समग्र तैयारी पर ध्यान देना ज़रूरी है।
छात्रों के लिए सुझाव
परीक्षा से पहले OMR शीट का अभ्यास करें।
प्रश्नपत्र को ध्यान से पढ़ें और OMR को सही अनुसार भरें।
निर्देशों को ध्यान से पढ़ें, भूलकर भी कट/व्हाइटनर न करें।
गलती होने पर शांत रहें – बोर्ड की ऑरेंज शीट व्यवस्था उपयोग करें।
परीक्षा हॉल में तैनात निरीक्षकों के निर्देशों का पालन करें।
2026 की UP Board High School परीक्षा में OMR संबंधी यह व्यवस्था छात्रों के हित में है। इससे मूल्यांकन अधिक सटीक, परीक्षा प्रक्रिया सरल, और गलतियों को सुधरने का अवसर दिया जा रहा है। परीक्षार्थियों को चाहिए कि वे इन नियमों का पूर्ण पालन करें, ताकि वे अपने मेहनत का पूरा फल प्राप्त कर सकें। बोर्ड की इन व्यवस्थाओं से यह स्पष्ट होता है कि परीक्षा गुणवत्ता में सुधार, निष्पक्षता और पारदर्शिता को उच्च प्राथमिकता दी जा रही है।






