14 फरवरी 2026 का वैदिक पंचांग एवं राशिफल

संवाद 24 आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री।
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 14 फरवरी 2026, शनिवार

कालगणना
कलियुग – 5127
विक्रम संवत् – 2082
शक संवत् – 1947
सम्वत्सर – सिद्धार्थी
अयन – उत्तरायण
ऋतु – शिशिर

मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – फाल्गुन
पक्ष – कृष्ण
तिथि – द्वादशी दोपहर 12:28 तक, तत्पश्चात् त्रयोदशी
वार – शनिवार

नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – पूर्वाषाढ़ा शाम 06:00 तक, तत्पश्चात् उत्तराषाढ़ा
योग – वज्र अगले दिन तड़के 03:41 तक, तत्पश्चात् सिद्धि
करण – गर दोपहर 12:28 तक, तत्पश्चात् वणिज रात्रि 12:54 तक, फिर विष्टि (भद्रा)
चंद्र गोचर – धनु राशि में रात्रि 12:50 तक, तत्पश्चात् मकर राशि

सूर्य, काल एवं मुहूर्त (फर्रुखाबाद स्थानीय समय)
सूर्योदय – 07:00
सूर्यास्त – 06:07
अभिजित मुहूर्त – दोपहर 12:12 से 12:55 तक
निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:09 से 01:02 तक (15 फरवरी)
राहुकाल – सुबह 09:45 से 11:09 तक
दिशाशूल – पूर्व दिशा में (शनिवार होने के कारण)
पंचक – नहीं है
भद्रा – रात्रि 12:54 से प्रारंभ (मृत्यु लोक की भद्रा)

व्रत-पर्व विवरण
आज “शनि प्रदोष व्रत” है। त्रयोदशी तिथि और शनिवार का संयोग भगवान शिव और शनि देव दोनों की कृपा पाने के लिए दुर्लभ अवसर है। आज के दिन प्रदोष काल (सूर्यास्त के समय) शिव पूजा करने से सभी कष्टों और शनि दोषों से मुक्ति मिलती है।

विशेष जानकारी
आज चन्द्रमा रात्रि तक धनु राशि में रहेंगे। शाम 06:00 बजे तक पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुक्र का) है, जो प्रेम और संबंधों के लिए अनुकूल है, उसके बाद सूर्य का नक्षत्र उत्तराषाढ़ा लगेगा जो स्थिरता और संकल्प शक्ति देता है। प्रदोष व्रत के कारण आज सायंकाल दीपदान का विशेष महत्व है।

दिशा-विवेक
दक्षिण और पश्चिम दिशा में यात्रा आज शुभ।
पूर्व दिशा में यात्रा आवश्यक हो तो अदरक या तिल खाकर प्रस्थान करें।
सोते समय सिर दक्षिण अथवा पूर्व दिशा की ओर रखें।

आज का राशिफल 14 फरवरी 2026, शनिवार

मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज भाग्य का साथ मिलेगा। शनि प्रदोष के कारण रुके हुए सरकारी काम पूरे होंगे। धार्मिक कार्यों में मन लगेगा। सायंकाल शिव मंदिर में दीप जलाएं, व्यापार में लाभ होगा।
उपाय – हनुमान चालीसा का पाठ करें।

वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। कार्यक्षेत्र में गुप्त शत्रुओं से सावधान रहने की आवश्यकता है। दोपहर के बाद धन लाभ के योग बनेंगे। पैतृक संपत्ति से लाभ मिल सकता है।
उपाय – शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं।

मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
दाम्पत्य जीवन में प्रेम बढ़ेगा। व्यापार में नई साझेदारी लाभदायक रहेगी। अविवाहितों के लिए विवाह के प्रस्ताव आ सकते हैं। सामाजिक मान-सम्मान में वृद्धि होगी।
उपाय – भगवान गणेश को शमी पत्र अर्पित करें।

कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी। पुराने रोगों से मुक्ति मिलेगी। मामा पक्ष से सहयोग मिलेगा। नौकरीपेशा लोगों के लिए दिन मेहनत भरा लेकिन सफल रहेगा।
उपाय – शिवलिंग पर काले तिल और जल अर्पित करें।

सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
विद्यार्थियों के लिए उत्तम दिन है। प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी। संतान की ओर से मान-सम्मान मिलेगा। निवेश के लिए दोपहर के बाद का समय शुभ है।
उपाय – सूर्य नारायण को अर्घ्य दें और शनि स्तोत्र का पाठ करें।

कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
घरेलू सुख-साधनों में वृद्धि होगी। माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा। भूमि-भवन से जुड़े विवाद सुलझ सकते हैं। मानसिक शांति का अनुभव करेंगे।
उपाय – शनि चालीसा का पाठ करें।

तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
पराक्रम में वृद्धि होगी। भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा। छोटी दूरी की यात्रा सफल रहेगी। व्यवसाय में विस्तार की योजना फलीभूत होगी।
उपाय – हनुमान जी को चमेली का तेल अर्पित करें।

वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
धन लाभ के प्रबल योग हैं। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा। अपनी वाणी से आप बिगड़े हुए काम बना लेंगे। उत्तम भोजन की प्राप्ति होगी।
उपाय – बजरंग बाण का पाठ करें।

धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज चन्द्रमा आपकी ही राशि में हैं। आत्मविश्वास बढ़ेगा। समाज के प्रतिष्ठित लोगों से मुलाकात होगी। व्यापार में लिए गए निर्णय लाभदायक सिद्ध होंगे।
उपाय – मस्तक पर केसर का तिलक लगाएं।

मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
खर्चों की अधिकता रहेगी। व्यर्थ की भागदौड़ से थकान हो सकती है। विदेश से जुड़े व्यापार में सफलता मिलेगी। शाम को शिव पूजा से मानसिक शांति मिलेगी।
उपाय – “ॐ शं शनैश्चराय नमः” का जाप करें।

कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आय के नए स्रोत बनेंगे। मित्रों का सहयोग मिलेगा। पुराने निवेश से बड़ा लाभ होने की संभावना है। संतान पक्ष से खुशियां प्राप्त होंगी।
उपाय – पीपल के नीचे तिल के तेल का दीप जलाएं।

मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
कार्यक्षेत्र में आपकी धाक जमेगी। व्यापार और नौकरी में उन्नति के अवसर मिलेंगे। पिता का मार्गदर्शन लाभदायक रहेगा। राजकीय कार्यों में सफलता मिलेगी।
उपाय – भगवान शिव का जलाभिषेक करें।

Samvad 24 Office
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