रूस के उफा में चाकूबाजी से मचा हड़कंप, भारतीय छात्र निशाने पर
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संवाद 24 नई दिल्ली । रूस के बश्कोर्तोस्तान गणराज्य की राजधानी उफा में शनिवार देर रात उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक मेडिकल विश्वविद्यालय के छात्रावास में अचानक चाकू से हमला कर दिया गया। इस हमले में चार भारतीय छात्रों सहित कई लोग घायल हो गए। घटना के बाद पूरे कैंपस में दहशत का माहौल बन गया और अंतरराष्ट्रीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
स्पोर्ट्स हॉल में अचानक घुसा हमलावर, छात्रों पर किया अंधाधुंध हमला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 15 वर्षीय एक किशोर हॉस्टल के स्पोर्ट्स हॉल में दाखिल हुआ और बिना किसी चेतावनी के वहां मौजूद छात्रों पर चाकू से वार करने लगा। छात्र कुछ समझ पाते, इससे पहले ही कई लोग घायल हो चुके थे। चश्मदीदों ने बताया कि हमले के दौरान छात्र जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए।
हमले के बाद फैली अफरा-तफरी, चारों ओर खून और चीख-पुकार
हमले के तुरंत बाद छात्रावास में चीख-पुकार मच गई। कई छात्र सदमे में आ गए, जबकि कुछ ने घायल साथियों की मदद करने की कोशिश की। परिसर में खून बिखरा हुआ था, जिसे देखकर स्थिति की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है। घटना की सूचना मिलते ही आपातकालीन सेवाओं को बुलाया गया।
घायल भारतीय छात्रों को अस्पताल में कराया गया भर्ती
हमले में घायल हुए छात्रों को तुरंत एंबुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, चार भारतीय छात्रों को गंभीर चोटें आई हैं, जिनमें से एक की हालत चिंताजनक बताई जा रही है। अन्य घायल छात्रों का इलाज जारी है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
भारतीय दूतावास हरकत में, अधिकारियों को मौके के लिए रवाना किया गया
घटना की जानकारी मिलते ही रूस स्थित भारतीय दूतावास सक्रिय हो गया। दूतावास ने बयान जारी कर कहा कि वे स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हैं और कज़ान स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के अधिकारी उफा रवाना हो चुके हैं। घायलों को हर संभव चिकित्सा और प्रशासनिक सहायता दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पुलिस ने आरोपी को दबोचा, गिरफ्तारी के दौरान दो पुलिसकर्मी घायल
स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हमलावर किशोर को हिरासत में ले लिया। हालांकि गिरफ्तारी के दौरान उसने पुलिस का विरोध किया और दो पुलिस अधिकारियों पर भी चाकू से हमला कर दिया, जिससे वे भी घायल हो गए। बाद में आरोपी ने खुद को भी नुकसान पहुंचाया और उसे बच्चों के अस्पताल में भर्ती कराया गया।
हमले के पीछे नफरत या उग्र विचारधारा की आशंका
कुछ मीडिया रिपोर्टों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, हमलावर के व्यवहार और घटनास्थल पर मिले संकेतों से उसके उग्र या कट्टर विचारों से प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि अधिकारियों ने साफ किया है कि इस संबंध में अभी जांच जारी है और किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
विदेशों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों की सुरक्षा पर उठे सवाल
यह घटना ऐसे समय पर सामने आई है, जब बड़ी संख्या में भारतीय छात्र रूस सहित अन्य देशों में मेडिकल और तकनीकी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इस हमले ने विदेशों में पढ़ रहे छात्रों और उनके परिजनों की चिंता बढ़ा दी है। छात्र संगठनों ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग उठाई है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने बढ़ाई सुरक्षा, जांच तेज
घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कैंपस में सुरक्षा बढ़ा दी है। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और छात्रावासों की निगरानी कड़ी कर दी गई है। साथ ही इस पूरे मामले की उच्च-स्तरीय जांच शुरू कर दी गई है, ताकि हमले के पीछे के कारणों का खुलासा हो सके।
जांच के नतीजों पर टिकी निगाहें, छात्रों में अब भी डर
फिलहाल पूरा मामला जांच के अधीन है और सभी की निगाहें जांच एजेंसियों के निष्कर्ष पर टिकी हुई हैं। कैंपस में पढ़ने वाले भारतीय और अन्य विदेशी छात्रों में अब भी डर का माहौल है। उम्मीद की जा रही है कि प्रशासन ठोस कदम उठाकर छात्रों का भरोसा बहाल करेगा।






