118 पंजीकृत छात्रों में से सिर्फ 23 मिले, सीडीओ के औचक निरीक्षण में खुली स्कूल व्यवस्था की पोल
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संवाद 24 संवाददाता। सरकारी स्कूलों में नामांकन और वास्तविक उपस्थिति के बीच बढ़ते अंतर की तस्वीर शुक्रवार को उस समय सामने आई, जब मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) विधान जायसवाल ने अकबरपुर क्षेत्र स्थित तिंगाई प्राथमिक विद्यालय द्वितीय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में पंजीकृत 118 बच्चों के सापेक्ष मात्र 23 छात्र ही उपस्थित पाए गए। बच्चों की बेहद कम उपस्थिति पर सीडीओ ने गहरी नाराजगी जताते हुए प्रधानाध्यापक और सहायक शिक्षकों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि विद्यालय में बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए।
निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने कक्षा कक्षों में जाकर बच्चों से संवाद किया और उनके शैक्षिक स्तर की भी परख की। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि पढ़ाई को रोचक और व्यावहारिक बनाया जाए, ताकि बच्चे नियमित रूप से स्कूल आने के लिए प्रेरित हों। इसके साथ ही मिड-डे मील, पाठ्य सामग्री और अन्य शैक्षिक सुविधाओं की भी जांच की गई।
सीडीओ ने विद्यालय परिसर, कक्षाओं और शौचालयों की साफ-सफाई पर विशेष जोर देते हुए कहा कि स्वच्छ वातावरण बच्चों के स्वास्थ्य और सीखने की क्षमता के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने और अभिभावकों को शिक्षा से जोड़ने पर भी बल दिया।
निरीक्षण के दौरान विद्यालय में प्रधानाध्यापक सहित सहायक अध्यापक शिखा उपस्थित मिलीं। सीडीओ ने चेतावनी दी कि भविष्य में लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद सीडीओ विधान जायसवाल ने नरिहा गांव में संचालित गोशाला का भी निरीक्षण किया, जहां व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। उन्होंने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को बीमार पशुओं के नियमित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के अंत में गांव में चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनीं।
सरकारी स्कूलों में नामांकन के बावजूद कम उपस्थिति का यह मामला शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत को उजागर करता है, जिस पर अब प्रशासन की सख्ती तय मानी जा रही है।






