मूली पराठा बनाने की विधि: सम्पूर्ण सामग्री, स्टेप-बाय-स्टेप रेसिपी, पोषण मूल्य और उपयोगी तथ्य
Share your love

संवाद 24 डेस्क। भारतीय भोजन परंपरा में पराठा केवल एक व्यंजन नहीं, बल्कि स्वाद, पोषण और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। उत्तर भारत में विशेष रूप से पराठों की अनेक किस्में लोकप्रिय हैं, जिनमें आलू, गोभी, प्याज़, मेथी और मूली के पराठे प्रमुख हैं। मूली पराठा अपने विशिष्ट स्वाद, हल्की तीखापन और उच्च पोषण मूल्य के कारण एक विशेष स्थान रखता है। यह पराठा न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि स्वास्थ्य की दृष्टि से भी लाभकारी माना जाता है।
यह लेख मूली पराठा बनाने की स्टेप-बाय-स्टेप विधि, सम्पूर्ण सामग्री, पोषण संबंधी तथ्य, स्वास्थ्य लाभ, सामान्य गलतियाँ, प्रोफेशनल किचन टिप्स और परोसने के सुझाव विस्तार से शामिल हैं।
मूली पराठा: एक परिचय
मूली (रैडिश) भारतीय रसोई में सदियों से प्रयोग की जाने वाली सब्ज़ी है। इसका उपयोग सलाद, सब्ज़ी, सूप और पराठों में व्यापक रूप से किया जाता है। मूली पराठा आमतौर पर नाश्ते या दोपहर के भोजन में परोसा जाता है और इसे दही, मक्खन, अचार या चटनी के साथ खाया जाता है।
पारंपरिक तौर पर मूली पराठा सर्दियों के मौसम में अधिक बनाया जाता है, क्योंकि इस समय मूली ताज़ा, रसदार और स्वाद में सर्वोत्तम होती है।
मूली पराठा क्यों है खास?
मूली पराठे की विशेषता इसके स्वाद और स्वास्थ्य लाभ दोनों में निहित है:
• मूली में प्राकृतिक फाइबर की प्रचुर मात्रा होती है
• यह पाचन तंत्र को बेहतर बनाती है
• कम कैलोरी होने के कारण वजन नियंत्रित करने में सहायक
• इसमें विटामिन C, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं
इन सभी गुणों के कारण मूली पराठा एक संतुलित और पौष्टिक भोजन माना जाता है।
मूली पराठा बनाने के लिए आवश्यक सम्पूर्ण सामग्री
आटे के लिए:
1. गेहूं का आटा – 2 कप
2. नमक – स्वादानुसार
3. पानी – आवश्यकतानुसार (गूंधने के लिए)
भरावन (स्टफिंग) के लिए:
1. ताज़ी मूली – 2 मध्यम आकार की
2. हरी मिर्च – 1 से 2 (बारीक कटी हुई)
3. अदरक – 1 छोटा टुकड़ा (कद्दूकस किया हुआ)
4. हरा धनिया – 2 टेबलस्पून (बारीक कटा हुआ)
5. नमक – स्वादानुसार
6. लाल मिर्च पाउडर – ½ टीस्पून
7. अजवाइन – ½ टीस्पून
8. जीरा पाउडर – ½ टीस्पून
9. गरम मसाला – ¼ टीस्पून (वैकल्पिक)
10. नींबू का रस – 1 टीस्पून (वैकल्पिक)
सेंकने के लिए:
• घी या तेल – आवश्यकतानुसार
मूली पराठा बनाने से पहले आवश्यक तैयारी
मूली पराठा बनाते समय सबसे महत्वपूर्ण चरण मूली से अतिरिक्त पानी निकालना होता है। यदि ऐसा न किया जाए, तो पराठा बेलते समय फट सकता है।
मूली तैयार करने की विधि:
1. मूली को अच्छे से धोकर छील लें
2. कद्दूकस कर लें
3. हल्का नमक मिलाकर 10 मिनट के लिए छोड़ दें
4. साफ कपड़े या छलनी से मूली का पानी निचोड़ लें
5. निकाले गए पानी को फेंके नहीं – इसका उपयोग आटा गूंधने में किया जा सकता है
मूली पराठा बनाने की स्टेप-बाय-स्टेप विधि
चरण 1: आटा गूंधना
• गेहूं के आटे में नमक मिलाएँ
• मूली का निकाला हुआ पानी या साधारण पानी डालकर नरम आटा गूंधें
• आटे को ढककर 15–20 मिनट के लिए आराम दें
चरण 2: भरावन तैयार करना
• निचोड़ी हुई मूली में हरी मिर्च, अदरक, हरा धनिया डालें
• सभी सूखे मसाले मिलाएँ
• स्वादानुसार नमक और नींबू का रस डालकर अच्छी तरह मिलाएँ
चरण 3: पराठा भरना
• आटे की मध्यम आकार की लोई बनाएँ
• हल्का बेलकर बीच में मूली का भरावन रखें
• किनारों को इकट्ठा कर बंद करें
चरण 4: पराठा बेलना
• भरी हुई लोई को हल्के हाथ से बेलें
• बहुत ज़्यादा दबाव न डालें
चरण 5: पराठा सेंकना
• तवा गरम करें
• पराठा डालें और मध्यम आंच पर सेंकें
• दोनों ओर घी या तेल लगाकर सुनहरा होने तक पकाएँ
प्रोफेशनल किचन टिप्स
• मूली बहुत ताज़ी होनी चाहिए
• भरावन में अधिक मसाले न डालें, मूली का स्वाद दब सकता है
• पराठा बेलते समय सूखा आटा कम से कम प्रयोग करें
• घी में सेंका पराठा स्वाद में अधिक बेहतर होता है
मूली पराठा बनाते समय होने वाली सामान्य गलतियाँ
1. मूली का पानी न निकालना
2. अधिक भरावन भर देना
3. तेज़ आंच पर पराठा सेंकना
4. बहुत पतला बेलना
मूली पराठा का पोषण मूल्य (लगभग)
पोषक तत्व मात्रा (1 पराठा)
कैलोरी
180–220 kcal
फाइबर
3–4 ग्राम
प्रोटीन
5–6 ग्राम
वसा
6–8 ग्राम
विटामिन C
मध्यम मात्रा
मूली पराठा खाने के स्वास्थ्य लाभ
• पाचन सुधारने में सहायक
• कब्ज़ की समस्या में लाभकारी
• इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है
• हृदय स्वास्थ्य के लिए अच्छा
• शरीर को डिटॉक्स करने में सहायक
परोसने के पारंपरिक और आधुनिक तरीके
• सादा दही और सफेद मक्खन के साथ
• हरी चटनी और नींबू के साथ
• अचार और लस्सी के साथ
• आधुनिक अंदाज़ में दही-डिप या योगर्ट सॉस के साथ
मूली पराठा भारतीय पारंपरिक भोजन का एक ऐसा व्यंजन है, जो स्वाद, स्वास्थ्य और संतुलित पोषण का उत्कृष्ट उदाहरण है। सही विधि और थोड़ी सावधानी के साथ बनाया गया मूली पराठा न केवल घर में बल्कि होटल और रेस्तरां के स्तर का स्वाद दे सकता है।
यह रेसिपी न केवल उपयोगी है, बल्कि भारतीय खान-पान की समृद्ध परंपरा को भी दर्शाती है। यदि इसे सही सामग्री और तकनीक के साथ बनाया जाए, तो मूली पराठा हर आयु वर्ग के लोगों के लिए एक आदर्श भोजन बन सकता है।






