अमेरिका में ऐतिहासिक बर्फ़ीला तूफ़ान: उड़ानें ठप, बिजली गुल और आपातकाल की घोषणा
Share your love

संवाद 24 नई दिल्ली। अमेरिका में एक भयंकर विंटर स्टॉर्म ने देश के जीवन पर भारी प्रभाव डाला है, जिससे हजारों उड़ानें रद्द हो गईं, लाखों लोग बिना बिजली के हैं और कई राज्यों में आपातकाल घोषित किया गया है। मौसम की इस भयंकर मार के चलते नागरिकों का सामान्य जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों में जुटा हुआ है।
तूफ़ान का पैमाना — विशाल और अभूतपूर्व
यह विंटर स्टॉर्म, जिसे ‘विंटर स्टॉर्म फर्न’ नाम दिया गया है, अमेरिका के दक्षिणी रॉकी पहाड़ों से लेकर न्यू इंग्लैंड तक फैला हुआ है और करीब 2,000 मील से अधिक क्षेत्र को प्रभावित कर चुका है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी बर्फ़बारी, ओले व जमा देने वाली बारिश के साथ-साथ कोल्ड वेव की वजह से तापमान बेहद नीचे गिर रहा है जिससे राहत कार्यों में और मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
हवाई यातायात में तबाही — हजारों उड़ानें रद्द
तूफ़ान ने एयर ट्रैवल को बुरी तरह प्रभावित किया है 13,000 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गई हैं — कोविड-19 के बाद यह एक सबसे बड़ी रद्दी उड़ानों की संख्या है। LaGuardia, Reagan National, Dallas-Fort Worth, Chicago, Atlanta सहित कई प्रमुख एयरपोर्टों पर जानलेवा ठंड और बर्फ़ की वजह से संचालन मुश्किल हुआ है। यह बाधा सिर्फ अंतरराज्यीय उड़ानों तक सीमित नहीं है; अंतरराष्ट्रीय यात्री भी प्रभावित हुए हैं जिनके कार्यक्रम प्रभावित हुए और रिफंड/री-शेड्यूलिंग जैसे विकल्प अपनाने पड़े हैं।
बिजली गुल — ठंड का प्रभाव गहरा
तूफ़ान की वजह से लाखों घरों और व्यवसायों को बिजली नहीं मिल रही है। दक्षिणी राज्यों टेक्सास, लुइज़ियाना, मिसिसिपी, और टेनेसी में बिजली सप्लाई काट दी गई है और कई इलाकों में पावर लाइनों पर बर्फ़ जमने से गिर गए पेड़ों ने और भी बाधाएँ खड़ी कर दी हैं। कुल मिलाकर 1,000,000 से अधिक उपभोक्ता बिजली की कमी का सामना कर रहे हैं, और ऊर्जा विभाग की आपात आदेश प्रणाली सक्रिय की गई है ताकि डेटा केंद्र और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के लिए बैकअप जनरेटर चालू किए जा सकें।
रोजमर्रा की ज़िन्दगी बुरी तरह प्रभावित
सड़कें बर्फ़ की मोटी चादर के कारण जाम हैं, स्कूल बंद किए गए हैं और कई शहरों में सार्वजनिक परिवहन सेवाएँ ठप हो गई हैं। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से घर पर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है क्योंकि ठंड और बर्फ़ की परत सड़क पर खतरनाक हालात पैदा कर रही है।
आपातकाल की घोषणा — सुरक्षा व सहायता के आदेश
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हालात की गंभीरता को देखते हुए कई राज्यों में संघीय आपातकाल लागू किया है। इन घोषणाओं से राज्यों को संसाधन जुटाने, अनुदान प्राप्त करने और राहत कार्यों को तेज़ी से लागू करने में मदद मिलेगी। FEMA और राष्ट्रीय गार्ड को तैनात कर दिया गया है ताकि बर्फ़ व बिजली गुल जैसे हालात से निपटा जा सके।
मौसम विज्ञान की राय — इतना भयावह क्यों?
नेशनल वेदर सर्विस के विशेषज्ञों का कहना है कि इस तूफ़ान की खास बात सिर्फ बर्फ़ नहीं, बल्कि इसके बाद आने वाली भयंकर ठंड है, जो कई दिनों तक बनी रह सकती है। इससे राहत एजेंसियों को राहत पहुँचाने, सड़कें साफ़ करने और बिजली बहाल करने में और भी कठिनाइयाँ होंगी। तापमान कुछ जगहों पर -30°C से भी नीचे जाने की उम्मीद जताई गई है जिससे फ्रॉस्टबाइट और हाइपोथर्मिया का जोखिम बढ़ गया है।
लोगों की ज़िन्दगी पर असर
इस तूफ़ान ने न सिर्फ यात्रा योजनाओं को प्रभावित किया बल्कि आवास, कामकाज, शिक्षा और जीवन के रोज़मर्रा के अनुभव को भी बदल दिया है। प्रशासन लगातार चेतावनियाँ जारी कर रहा है ताकि लोग सुरक्षित रहें और आवश्यक वस्तुओं जैसे पानी, खाना और दवाइयाँ अपने पास रख सकें। मौसम विभाग का अंदाज़ा है कि यह तूफ़ान पूर्वी तट की ओर आगे बढ़ रहा है और अधिक बर्फ़बारी व ठंड ला सकता है। राहत और बहाली कार्य के बावजूद सड़क यात्रा, आवागमन और बिजली आपूर्ति में अस्थिरता बनी रह सकती है, जिससे अगले कुछ दिनों तक सामान्य स्थिति बहाल होना मुश्किल होगा।






