नई वैश्विक शक्ति का उदय: क्या भारत और ब्राजील मिलकर बदल देंगे दुनिया का नक्शा

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​संवाद 24, नई दिल्ली। दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र और उभरती हुई अर्थव्यवस्थाएं—भारत और ब्राजील—अब एक नए युग की शुरुआत करने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला डी सिल्वा के बीच हाल ही में हुई टेलीफोनिक बातचीत ने वैश्विक राजनीति में एक नई हलचल पैदा कर दी है। यह केवल दो देशों के बीच की बातचीत नहीं थी, बल्कि ‘ग्लोबल साउथ’ (Global South) की आवाज को बुलंद करने और वैश्विक मंच पर अपनी धाक जमाने का एक संयुक्त संकल्प था।

​रणनीतिक साझेदारी और वैश्विक सुधारों पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति लूला ने द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को ‘नई ऊंचाइयों’ पर ले जाने की प्रतिबद्धता दोहराई है। दोनों नेताओं ने व्यापार, रक्षा, स्वास्थ्य और कृषि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अब तक हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। लेकिन इस बातचीत का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा वह था, जहां दोनों देशों ने वैश्विक सुधारों, विशेष रूप से ‘रिफॉर्मड मल्टीलेटरलिज्म’ (Reformed Multilateralism) की वकालत की। भारत और ब्राजील का मानना है कि संयुक्त राष्ट्र (UN) जैसी वैश्विक संस्थाओं में अब व्यापक बदलाव की जरूरत है ताकि उभरते देशों को उचित प्रतिनिधित्व मिल सके।

​आर्थिक सहयोग और तकनीकी तालमेल
भारत और ब्राजील के बीच आर्थिक संबंध तेजी से मजबूत हो रहे हैं। दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार को अगले पांच वर्षों में 20 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। एयरोस्पेस, डिजिटल भुगतान (UPI), और कृषि तकनीक (Agro-tech) जैसे क्षेत्रों में सहयोग की अपार संभावनाएं देखी जा रही हैं। ब्राजील की दिग्गज कंपनी एम्ब्रेयर (Embraer) का भारत में कार्यालय खोलना और रक्षा क्षेत्र में संयुक्त युद्धाभ्यास इस साझेदारी की गंभीरता को दर्शाता है।

​ब्रिक्स (BRICS) की अध्यक्षता और भविष्य का रोडमैप
इस साल की शुरुआत भारत के लिए बेहद खास है क्योंकि ब्राजील ने ब्रिक्स (BRICS) की अध्यक्षता आधिकारिक रूप से भारत को सौंप दी है। भारत ने ‘Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability’ (RICS) के विजन के साथ 2026 के लिए अपनी प्राथमिकताएं तय की हैं। ब्राजील के राष्ट्रपति लूला ने भारत की इस नई भूमिका का स्वागत किया है और आश्वासन दिया है कि दोनों देश मिलकर विकासशील देशों की समस्याओं—जैसे जलवायु परिवर्तन और खाद्य सुरक्षा—का समाधान खोजेंगे।

​विकासशील देशों के साझा नेतृत्व का संकल्प
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा, “राष्ट्रपति लूला के साथ बात करके बहुत खुशी हुई। हमारी रणनीतिक साझेदारी नए साल में नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है। ग्लोबल साउथ के हितों को आगे बढ़ाने के लिए हमारा सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है।” यह बयान स्पष्ट करता है कि भारत अब केवल अपनी प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि वह उन सभी देशों का नेतृत्व करना चाहता है जो अब तक वैश्विक विकास की मुख्यधारा से दूर रहे हैं।

​आगामी शिखर सम्मेलन और कूटनीतिक भविष्य
राष्ट्रपति लूला जल्द ही भारत की यात्रा पर आने वाले हैं, जिसे दोनों देशों के बीच संबंधों का एक निर्णायक मोड़ माना जा रहा है। रक्षा समझौतों से लेकर अंतरिक्ष सहयोग तक, भारत और ब्राजील की यह ‘दोस्ती’ अब एक ऐसी शक्ति बन रही है जिसे नजरअंदाज करना दुनिया के लिए नामुमकिन होगा।

Madhvi Singh
Madhvi Singh

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