1993 बम धमाकों का दोषी अबू सलेम परिवारिक कार्यक्रम में होगा शामिल
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संवाद 24 आजमगढ़। अंडरवर्ल्ड डॉन और 1993 के मुंबई सीरियल बम धमाकों के आरोपी गैंगस्टर अबू सलेम को अपने बड़े भाई के चालीसवें पुण्यतिथि समारोह में शामिल होने के लिए बांबे हाईकोर्ट द्वारा दो दिन की पैरोल दी गई है। यह पैरोल आजमगढ़ (उत्तर प्रदेश) आने के उद्देश्य से प्रदान की गई है, जहाँ अबू सलेम अपने परिवार के साथ चालीसवें दिन की रस्मों में भाग लेंगे।
पैरोल बांबे हाईकोर्ट की विशेष अनुमति पर दी गई है, ताकि अबू सलेम अपने दिवंगत भाई अबू हकीम उर्फ चुनचुन की 40वीं दिन की पूजा, कुरान ख्वानी और पारिवारिक अनुष्ठानों में भाग ले सकें। सलेम का यह अनुरोध परिवार से मिलने और अंतिम संस्कार की रस्मों में शामिल होने हेतु किया गया था।
अबू सलेम 1993 के मुंबई सीरियल बम धमाकों तथा एक बिल्डर की हत्या के मामलों में दोषी पाए गए हैं और वर्तमान में नासिक सेंट्रल जेल में सजा काट रहे हैं। वह भारतीय अंडरवर्ल्ड के कुख्यात गैंगस्टरों में से एक हैं और उनकी सजा आज भी प्रभावशील है।
परिवार के अनुसार अबू सलेम चार भाइयों में दूसरे नंबर पर हैं। उनका बड़ा भाई अबू हकीम अंसारी 14 नवंबर 2025 को सरायमीर के पठानटोला स्थित अपने घर में निधन हो गया था, जिसके बाद सलेम ने पैरोल के लिए आवेदन किया था। उनके अन्य भाई अबू जैश लखनऊ में और एज़ाज आजमगढ़ के मुबारकपुर में रहते हैं।
इससे पहले अक्टूबर 2007 में अबू सलेम अपनी मां की मौत के समय भी पैरोल पर आजमगढ़ आए थे, जहाँ उन्होंने अंतिम संस्कार तथा चालीसवें दिन की रस्मों में भाग लिया था। इस प्रकार पैरोल का यह एक और मानवीय/पारिवारिक परिस्थिति पर आधारित उदाहरण है।






