ईरान में फांसी का मुद्दा बना वैश्विक टकराव, ट्रंप ने दी “कड़ी कार्रवाई” की चेतावनी
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संवाद 24 दिल्ली। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर वहां चल रहे विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों को फांसी दी जाती है, तो अमेरिका “बहुत मजबूत कार्रवाई” करेगा। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब ईरान में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं और सरकार पर दमन के गंभीर आरोप लग रहे हैं।
ट्रंप का अल्टीमेटम: कार्रवाई के संकेत साफ
डोनाल्ड ट्रंप ने एक साक्षात्कार में कहा कि अगर ईरानी सरकार ने प्रदर्शनकारियों को मौत की सजा दी, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगा। ट्रंप के मुताबिक, मानवाधिकारों का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
ईरान में क्यों भड़का जनआक्रोश
ईरान में विरोध प्रदर्शन महंगाई, बेरोजगारी, बढ़ती जीवन-यापन लागत और सरकार की सख्त नीतियों के खिलाफ भड़क रहे हैं। शुरुआत में शांतिपूर्ण रहे ये प्रदर्शन अब हिंसक रूप ले चुके हैं। कई शहरों में झड़पों, गिरफ्तारियों और मौतों की खबरें सामने आई हैं, जिससे हालात और गंभीर हो गए हैं।
सुरक्षा बलों पर सख्ती के आरोप
मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि ईरानी सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया है। इंटरनेट सेवाओं पर रोक, मीडिया नियंत्रण और बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां सरकार की मंशा पर सवाल खड़े कर रही हैं। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी इन कदमों की आलोचना हो रही है।
वैश्विक प्रतिक्रिया और कूटनीतिक दबाव
ईरान की स्थिति पर यूरोपीय देशों, संयुक्त राष्ट्र और कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने चिंता जताई है। कई देशों ने ईरान से अपील की है कि वह अपने नागरिकों के मौलिक अधिकारों का सम्मान करे और शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में कदम बढ़ाए।
ईरानी नेतृत्व का जवाब
ईरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्ला अली खामेनेई और सरकारी अधिकारियों ने बाहरी हस्तक्षेप को खारिज करते हुए कहा है कि देश की सुरक्षा और संप्रभुता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अमेरिका की चेतावनियों को दबाव की राजनीति करार दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात नहीं संभले, तो यह संकट सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं रहेगा। इसका असर मध्य-पूर्व की स्थिरता, वैश्विक राजनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर पड़ सकता है। आने वाले दिन यह तय करेंगे कि यह टकराव किस दिशा में जाएगा।






