स्वदेशी शक्ति का प्रहार: भारत की नई टॉप-अटैक मिसाइल ने बदली युद्ध रणनीति

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संवाद 24 नई दिल्ली। भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक और बड़ा कदम बढ़ाते हुए स्वदेशी रूप से विकसित तीसरी पीढ़ी की मैन-पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (MPATGM) का सफल परीक्षण किया है। इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि भारत अब अत्याधुनिक युद्ध तकनीकों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है।

महाराष्ट्र में सफल परीक्षण, लक्ष्य पूरी तरह ध्वस्त
यह परीक्षण महाराष्ट्र के अहिल्यानगर स्थित केके रेंज में किया गया, जहां मिसाइल ने चलते हुए लक्ष्य को बेहद सटीकता के साथ निशाना बनाया। परीक्षण के दौरान मिसाइल ने सभी निर्धारित मानकों पर खरा उतरते हुए लक्ष्य को पूरी तरह नष्ट कर दिया, जिससे इसकी विश्वसनीयता और प्रभावशीलता सिद्ध हुई।

‘फायर एंड फॉरगेट’ तकनीक से लैस घातक हथियार
MPATGM की सबसे बड़ी खासियत इसकी ‘फायर एंड फॉरगेट’ क्षमता है। इसका मतलब यह है कि एक बार मिसाइल दागे जाने के बाद ऑपरेटर को उसे निर्देश देने की आवश्यकता नहीं होती। मिसाइल अपने उन्नत सेंसर की मदद से लक्ष्य को स्वयं पहचानती और नष्ट करती है।

टॉप-अटैक क्षमता से टैंकों की कमजोर नस पर वार
यह मिसाइल ‘टॉप-अटैक मोड’ में हमला करती है, यानी यह दुश्मन के टैंक पर ऊपर से प्रहार करती है। चूंकि टैंकों की ऊपरी सुरक्षा अपेक्षाकृत कमजोर होती है, इसलिए यह तकनीक दुश्मन के भारी बख्तरबंद वाहनों को भी बेअसर करने में सक्षम है।

दिन-रात हर मौसम में मारक क्षमता
MPATGM में इमेजिंग इन्फ्रारेड सीकर, ऑल-इलेक्ट्रिक कंट्रोल सिस्टम और अत्याधुनिक फायर कंट्रोल सिस्टम लगाए गए हैं। इन तकनीकों की मदद से यह मिसाइल दिन-रात और हर मौसम में लक्ष्य को सटीकता से भेद सकती है।

भारतीय वैज्ञानिकों और उद्योग की संयुक्त सफलता
इस मिसाइल के विकास में DRDO की कई प्रयोगशालाओं के साथ-साथ भारतीय उद्योगों ने भी अहम भूमिका निभाई है। यह साझेदारी ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान की सफलता का मजबूत उदाहरण मानी जा रही है।

सेना को मिलेगा रणनीतिक बढ़त का हथियार
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि MPATGM के शामिल होने से भारतीय सेना की पैदल टुकड़ियों को युद्ध के मैदान में बड़ी रणनीतिक बढ़त मिलेगी। इसे सैनिक आसानी से कंधे पर ले जाकर दाग सकते हैं, जिससे पहाड़ी और सीमावर्ती इलाकों में भी इसका उपयोग संभव होगा।

रक्षा मंत्री ने दी बधाई, आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफल परीक्षण पर DRDO और उससे जुड़े सभी वैज्ञानिकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि भारत की रक्षा तैयारियों को और मजबूत करेगी तथा आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को नई ऊर्जा देगी।

भविष्य के युद्धों के लिए भारत पूरी तरह तैयार
MPATGM का सफल परीक्षण इस बात का संकेत है कि भारत भविष्य की युद्ध चुनौतियों के लिए आधुनिक और स्वदेशी हथियार प्रणालियां विकसित करने में सक्षम है। यह मिसाइल न केवल देश की सुरक्षा को मजबूत करेगी, बल्कि वैश्विक रक्षा मंच पर भारत की तकनीकी क्षमता का भी परिचय देगी।

Madhvi Singh
Madhvi Singh

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