पारंपरिक दक्षिण भारतीय रसम: स्वाद, सेहत और सुगंध का अनोखा संगम
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संवाद 24 डेस्क। रसम दक्षिण भारत का एक लोकप्रिय, हल्का और सुपाच्य व्यंजन है, जिसे न केवल स्वाद के लिए बल्कि औषधीय गुणों के लिए भी जाना जाता है। इमली, टमाटर, काली मिर्च और सुगंधित मसालों से बना रसम सर्दी-जुकाम, अपच और थकान में विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है।
रसम बनाने की सामग्री (2–3 लोगों के लिए)
मुख्य सामग्री
• तुअर दाल – 2 टेबलस्पून
• टमाटर – 2 मध्यम (बारीक कटे हुए)
• इमली – नींबू के आकार की (गूदा निकाला हुआ)
• पानी – लगभग 4 कप
• नमक – स्वादानुसार
रसम मसाला (घर पर तैयार या रेडीमेड)
• धनिया के बीज – 1 टेबलस्पून
• सूखी लाल मिर्च – 2
• काली मिर्च – 1 टीस्पून
• जीरा – 1 टीस्पून
तड़के के लिए
• घी या तेल – 1 टेबलस्पून
• राई – 1 टीस्पून
• सूखी लाल मिर्च – 1
• करी पत्ता – 8–10 पत्ते
• हींग – एक चुटकी
अंत में
• हरा धनिया – बारीक कटा हुआ
रसम बनाने की स्टेप-बाय-स्टेप विधि
स्टेप 1: दाल पकाना
तुअर दाल को अच्छी तरह धोकर 1 कप पानी में प्रेशर कुकर में 2–3 सीटी तक पकाएं। पकने के बाद दाल को हल्का मैश कर लें और अलग रखें।
स्टेप 2: इमली का पानी तैयार करना
इमली को 1 कप गुनगुने पानी में भिगोकर उसका खट्टा पानी निकाल लें। गूदा छानकर अलग कर दें।
स्टेप 3: रसम मसाला बनाना
एक कड़ाही में धनिया के बीज, सूखी लाल मिर्च, काली मिर्च और जीरा बिना तेल के हल्का भूनें। ठंडा होने पर इन्हें दरदरा पीस लें।
स्टेप 4: रसम का बेस तैयार करना
एक गहरे पैन में इमली का पानी, कटे टमाटर, नमक और तैयार रसम मसाला डालें। मध्यम आंच पर 5–7 मिनट तक उबालें, जब तक कच्चापन खत्म न हो जाए।
स्टेप 5: दाल मिलाना
अब इसमें पकी हुई दाल और 1–2 कप पानी डालें। रसम को उबाल आने तक गर्म करें, लेकिन ज्यादा देर तक न पकाएं, वरना स्वाद हल्का हो सकता है।
स्टेप 6: तड़का लगाना
एक छोटे पैन में घी/तेल गरम करें। राई डालें, चटकने पर सूखी लाल मिर्च, करी पत्ता और हींग डालें। यह तड़का तुरंत रसम में डाल दें।
स्टेप 7: परोसना
ऊपर से हरा धनिया डालें। गरमागरम रसम तैयार है।
परोसने के सुझाव
• रसम को उबले चावल के साथ या सूप की तरह पिया जा सकता है।
• सर्दियों में काली मिर्च की मात्रा थोड़ी बढ़ाई जा सकती है।
पोषण और स्वास्थ्य से जुड़े तथ्य
• रसम पाचन को बेहतर बनाता है और इम्युनिटी बढ़ाने में सहायक है।
• इसमें कैलोरी कम होती है, इसलिए यह हल्का और हेल्दी विकल्प है।
• आयुर्वेद में रसम को वात-कफ संतुलन में उपयोगी माना गया है।
पारंपरिक रसम न केवल दक्षिण भारतीय भोजन की पहचान है, बल्कि यह स्वाद और सेहत का संतुलित मेल भी है। सरल सामग्री और आसान विधि के कारण यह हर रसोई में बनाया जा सकता है।






