अश्विनी वैष्णव ने वाशिंगटन में की महत्वपूर्ण खनिज बैठक में भागीदारी, भारत की तकनीकी सुरक्षा पर बड़े फैसले की उम्मीद
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संवाद 24 दिल्ली। भारत के केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव रविवार को वाशिंगटन डी.सी. पहुँचे। यहां वह “महत्वपूर्ण खनिज” मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लेंगे। यह बैठक अमेरिका के वित्त सचिव के नेतृत्व में आयोजित की जाएगी, जिसमें जी‑7 देशों के वित्त मंत्री और भारत, ऑस्ट्रेलिया जैसे सहयोगी देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
महत्वपूर्ण खनिजों पर चर्चा
बैठक का मुख्य उद्देश्य महत्वपूर्ण खनिजों की सुरक्षा और स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करना है। ये खनिज इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, रक्षा सामग्री, नवीकरणीय ऊर्जा और विद्युत वाहनों के लिए आवश्यक हैं। चीन इन खनिजों के उत्पादन और आपूर्ति में बढ़त रखता है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं को जोखिम होता है। इस बैठक के माध्यम से भारत और अन्य देश अपनी आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।
अश्विनी वैष्णव का संदेश
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि वह कल होने वाली बैठक में भाग लेंगे और यह भारत के तकनीकी और ऊर्जा सुरक्षा लक्ष्य के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सुरक्षित खनिज आपूर्ति श्रृंखलाएँ देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।
वैश्विक रणनीति का हिस्सा
विश्लेषकों का कहना है कि यह बैठक केवल औपचारिक चर्चा नहीं है। यह वैश्विक रणनीति का हिस्सा है, जिसमें प्रमुख आर्थिक शक्तियाँ सुरक्षित और भरोसेमंद संसाधन स्रोतों को सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही हैं। भारत की भागीदारी यह संदेश देती है कि देश अपनी घरेलू सुरक्षा के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी योगदान देना चाहता है। बैठक के निर्णय वैश्विक खनिज नीति, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तकनीकी नेतृत्व पर प्रभाव डाल सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बैठक सफल होती है, तो यह भारत के विकसित भारत लक्ष्य को हासिल करने में सहायक सिद्ध होगी।






