अमेरिका और पाकिस्तान ने शुरू किया आतंक विरोधी संयुक्त सैन्य अभ्यास, दो सप्ताह तक चलेगा ‘प्रेरित अभियान‑2026’
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संवाद 24 दिल्ली। अमेरिका और पाकिस्तान की सेनाओं ने शुक्रवार को पाकिस्तान में आतंक विरोधी संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘प्रेरित अभियान‑2026’ की शुरुआत की। यह अभ्यास दो सप्ताह तक चलेगा और इसका मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच सहयोग, तालमेल और आधुनिक युद्धक कौशल बढ़ाना है।
साझा प्रशिक्षण से बढ़ेगी क्षमता
अभ्यास में सैनिक शहरी युद्ध, आतंक विरोधी रणनीतियाँ और त्वरित प्रतिक्रिया कौशल सीखेंगे। दोनों देशों के सैनिक एक-दूसरे की संचालन विधियों और अनुभवों को समझेंगे, ताकि आतंकवाद के खिलाफ भविष्य में संयुक्त मिशनों में दक्षता बढ़ सकेते।
दोनों देशों की सेनाओं का सहयोग
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने बताया कि अभ्यास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा साझा योजना और ड्रिल है। इसमें सैनिक वास्तविक परिस्थितियों जैसे आतंक विरोधी ऑपरेशन, घेराबंदी और आतंकवादियों की गतिविधियों पर नजर रखने का अभ्यास करेंगे।
पूर्व अनुभवों का लाभ
‘प्रेरित अभियान’ श्रृंखला का यह तेरहवाँ संस्करण है। पिछले वर्षों में हुए अभ्यासों ने दोनों देशों को अनुभव साझा करने और तालमेल बढ़ाने में मदद की है। इस बार भी सेनाएँ पुराने अनुभवों और नई रणनीतियों को अभ्यास में शामिल करेंगी।
रणनीतिक महत्व
विशेषज्ञों का कहना है कि यह अभ्यास केवल सैनिक कौशल बढ़ाने तक सीमित नहीं है। इससे अंतरराष्ट्रीय सहयोग और आपसी विश्वास भी मजबूत होगा, जिससे आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी कदम उठाना आसान होगा। अभ्यास के दौरान कमांडर यह सुनिश्चित करेंगे कि सैनिक समान मानकों के अनुसार निर्णय लेने और ऑपरेशन संचालित करने में दक्ष हों। इससे भविष्य में आतंक विरोधी अभियानों में बेहतर तालमेल और तेज प्रतिक्रिया सुनिश्चित होगी।
सुरक्षा चुनौतियों का सामना
यह अभ्यास ऐसे समय में आयोजित किया गया है जब पाकिस्तान को आतंकवाद से जुड़े बढ़ते खतरे का सामना करना पड़ रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि ‘प्रेरित अभियान‑2026’ से दोनों देशों की सेनाएँ सुरक्षा सहयोग और संयुक्त संचालन में नई ऊँचाई हासिल कर सकती हैं।






