घर पर तैयार करें शुद्ध और स्वादिष्ट कलाकंद: आसान स्टेप-बाय-स्टेप विधि
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संवाद 24 डेस्क। भारतीय मिठाइयों की परंपरा में कलाकंद एक ऐसी मिठाई है जो अपने दानेदार टेक्सचर, हल्की मिठास और दूधिया स्वाद के कारण विशेष स्थान रखती है। त्योहारों, पारिवारिक आयोजनों और विशेष अवसरों पर परोसा जाने वाला कलाकंद न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि पोषण की दृष्टि से भी समृद्ध माना जाता है
कलाकंद क्या है?
कलाकंद एक पारंपरिक भारतीय मिठाई है, जिसे मुख्यतः दूध और पनीर से बनाया जाता है। इसकी पहचान इसका हल्का दानेदार रूप और मलाईदार स्वाद है। उत्तर भारत सहित देश के कई हिस्सों में यह विशेष लोकप्रिय है।
आवश्यक सामग्री व मात्रा
•फुल क्रीम दूध
1 लीटर
•नींबू का रस या सिरका
2 टेबलस्पून
•चीनी
½ कप (स्वादानुसार)
•इलायची पाउडर
½ टीस्पून
•कटा हुआ पिस्ता/बादाम
2 टेबलस्पून
घी
•1 टीस्पून (ट्रे ग्रीस करने हेतु)
कलाकंद बनाने की स्टेप-बाय-स्टेप विधि
स्टेप 1: पनीर तैयार करें
• एक भारी तले के बर्तन में दूध उबालें।
• उबाल आने पर आंच धीमी करें और धीरे-धीरे नींबू का रस या सिरका डालें।
• दूध फटने पर गैस बंद कर दें।
• मलमल के कपड़े से छानकर पनीर अलग कर लें और हल्का-सा पानी निथार दें।
(ध्यान रखें, पनीर अधिक सूखा न हो)
स्टेप 2: पनीर को पकाना
• कढ़ाही में तैयार पनीर डालें और मध्यम आंच पर लगातार चलाते हुए पकाएँ।
• पनीर हल्का दानेदार होते हुए गाढ़ा होने लगेगा।
स्टेप 3: चीनी मिलाएँ
• अब इसमें चीनी डालें और अच्छी तरह मिलाएँ।
• चीनी पिघलने पर मिश्रण फिर से ढीला होगा, इसे लगातार चलाते रहें।
• मिश्रण कढ़ाही के किनारे छोड़ने लगे तब समझें कि यह तैयार है।
स्टेप 4: स्वाद और खुशबू
• इलायची पाउडर डालकर मिलाएँ।
• गैस बंद कर दें।
स्टेप 5: जमाना और सजावट
• घी लगी ट्रे या थाली में मिश्रण फैलाएँ।
• ऊपर से कटे हुए पिस्ता-बादाम डालें और हल्के हाथ से दबाएँ।
• कमरे के तापमान पर ठंडा होने दें या 1 घंटे के लिए फ्रिज में रखें।
स्टेप 6: परोसने के लिए तैयार
• जमने के बाद चौकोर या मनचाहे आकार में काटें।
• स्वादिष्ट घर का बना कलाकंद परोसें।
महत्वपूर्ण सुझाव
• फुल क्रीम दूध का प्रयोग करने से कलाकंद अधिक मलाईदार बनता है।
• लगातार चलाना आवश्यक है, ताकि मिश्रण तले में न लगे।
• मिठास अपने स्वाद के अनुसार घटा-बढ़ा सकते हैं।
घर पर बनाया गया कलाकंद न केवल स्वच्छ और स्वास्थ्यवर्धक होता है, बल्कि बाजार की मिठाइयों की तुलना में अधिक ताजगी और शुद्धता भी प्रदान करता है। उपरोक्त विधि अपनाकर कोई भी व्यक्ति आसानी से पारंपरिक स्वाद का आनंद ले सकता है।






