एमपी-यूपी का ऐतिहासिक संगम: काशी से विकास की नई पटकथा
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मोहन यादव ने वाराणसी में आयोजित “एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन 2026” के मंच से दोनों राज्यों के बीच एक नए युग की शुरुआत का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि अब प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि सहयोग के माध्यम से विकास की नई कहानी लिखी जाएगी। सम्मेलन में दोनों राज्यों के बीच कई अहम समझौते (MoU) हुए, जो औद्योगिक, धार्मिक और आर्थिक क्षेत्रों में बड़े बदलाव की दिशा तय करते हैं।
बाबा विश्वनाथ की नगरी से साझा विरासत का संदेश
कार्यक्रम का आयोजन काशी विश्वनाथ मंदिर की पावन नगरी में हुआ, जहां सीएम ने सांस्कृतिक और धार्मिक जुड़ाव को विकास का आधार बताया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश का रिश्ता भगवान राम और भगवान कृष्ण के काल से जुड़ा है—चित्रकूट से उज्जैन तक की यह सांस्कृतिक श्रृंखला दोनों राज्यों को स्वाभाविक साझेदार बनाती है।
केन-बेतवा परियोजना: बुंदेलखंड की तस्वीर बदलेगी
सीएम ने Narendra Modi के नेतृत्व में चल रही केन-बेतवा लिंक परियोजना को ऐतिहासिक बताया। यह परियोजना बुंदेलखंड क्षेत्र में जल संकट को दूर करने के साथ-साथ कृषि, पेयजल और ऊर्जा के क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन लाने वाली है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले केवल वादे होते थे, अब धरातल पर काम दिख रहा है।
ऊर्जा, उद्योग और रोजगार पर साझा फोकस
दोनों राज्यों के बीच 2000 मेगावाट की सोलर परियोजना पर भी तेजी से काम चल रहा है। इसके अलावा लघु उद्योग, MSME, कृषि उत्पाद और GI टैग आधारित उत्पादों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर सहमति बनी है। इसका उद्देश्य युवाओं को रोजगार और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजार देना है।
धार्मिक पर्यटन सर्किट: काशी-उज्जैन-चित्रकूट को जोड़ने की योजना
सम्मेलन में एक बड़ा निर्णय धार्मिक पर्यटन को लेकर लिया गया। उज्जैन , चित्रकूट और वाराणसी को जोड़कर एक संयुक्त धार्मिक पर्यटन सर्किट विकसित किया जाएगा। इससे न केवल पर्यटन बढ़ेगा बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
संस्कृति का पुनर्जागरण: 400 कलाकारों का महानाट्य
सीएम ने घोषणा की कि सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित भव्य महानाट्य का मंचन 3 से 5 अप्रैल तक काशी में किया जाएगा, जिसमें लगभग 400 कलाकार भाग लेंगे। इसका उद्देश्य भारतीय सांस्कृतिक विरासत को नए रूप में प्रस्तुत करना है।
ODOP मॉडल और तकनीकी सहयोग
मध्य प्रदेश अपने “एक जिला एक उत्पाद” (ODOP) मॉडल को उत्तर प्रदेश के साथ साझा करेगा। साथ ही काशी विश्वनाथ और महाकाल मंदिर में भीड़ प्रबंधन तकनीकों के आदान-प्रदान पर भी सहमति बनी है, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
निष्कर्ष: प्रतिस्पर्धा से सहयोग की ओर
एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब राज्य आपसी प्रतिस्पर्धा से आगे बढ़कर साझेदारी के जरिए विकास का मॉडल तैयार कर रहे हैं। काशी से उठी यह पहल आने वाले समय में आर्थिक, सांस्कृतिक और सामाजिक स्तर पर बड़े बदलाव की आधारशिला साबित हो सकती है।






