मुरादाबाद में ATS की बड़ी कार्रवाई, बीडीएस छात्र को किया गिरफ्तार
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उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में आतंकवाद से जुड़ी एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने एक बीडीएस छात्र को गिरफ्तार किया है, जिस पर प्रतिबंधित आतंकी संगठन ISIS के लिए युवाओं की भर्ती करने और कट्टरपंथी विचारधारा फैलाने का आरोप है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार आरोपी लंबे समय से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से युवाओं को प्रभावित कर आतंकी नेटवर्क से जोड़ने की कोशिश कर रहा था।
सहारनपुर का रहने वाला है आरोपी
गिरफ्तार आरोपी की पहचान हारिश अली के रूप में हुई है, जो सहारनपुर जिले का निवासी बताया जा रहा है। वह मुरादाबाद के एक कॉलेज में बीडीएस (बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी) का छात्र था। जानकारी के अनुसार उसके पिता ने वर्ष 2024 में उसे मुरादाबाद के कॉलेज में दाखिला दिलाया था। शुरुआत में वह कॉलेज के हॉस्टल में रहा, लेकिन बाद में बाहर किराए के मकान में रहने लगा। जांच एजेंसियों के अनुसार उसकी गतिविधियां संदिग्ध होने के कारण लंबे समय से उस पर नजर रखी जा रही थी।
सोशल मीडिया बना आतंक फैलाने का माध्यम
एटीएस की जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और एन्क्रिप्टेड एप्स के जरिए कट्टरपंथी सामग्री फैलाता था। उसने “अल-इत्तिहाद मीडिया फाउंडेशन” नाम से एक ऑनलाइन ग्रुप भी बनाया था, जिसके जरिए वह युवाओं को जोड़ने और आतंकी संगठन की विचारधारा का प्रचार करता था। आरोप है कि वह ऐसे लोगों को निशाना बनाता था जो सरकार या देश के खिलाफ टिप्पणियां करते थे और फिर उन्हें धीरे-धीरे कट्टरपंथ की ओर धकेलता था।
कई जिलों में फैलाया नेटवर्क
पश्चिमी यूपी के युवाओं को बनाया निशाना
जांच एजेंसियों के मुताबिक आरोपी ने मुरादाबाद के अलावा संभल, अमरोहा, बिजनौर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में भी युवाओं से संपर्क बनाया। बताया जा रहा है कि पिछले दो वर्षों में वह कई बार जम्मू-कश्मीर भी गया था, जिससे उसके नेटवर्क और गतिविधियों पर संदेह और गहरा गया। अब एटीएस उसके संपर्क में रहे अन्य लोगों की पहचान करने और पूरे नेटवर्क का खुलासा करने में जुटी है।
देश में खिलाफत व्यवस्था स्थापित करने का आरोप
एटीएस अधिकारियों के अनुसार आरोपी का मकसद लोकतांत्रिक व्यवस्था को खत्म कर शरिया आधारित खिलाफत प्रणाली स्थापित करना था। इसी उद्देश्य से वह ISIS से जुड़े हैंडलर्स और अन्य संदिग्ध संपर्कों के साथ जुड़ा हुआ था। उसके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि (निवारण) अधिनियम यानी UAPA के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
मुरादाबाद में पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
सुरक्षा एजेंसियों के रिकॉर्ड के अनुसार मुरादाबाद और आसपास के क्षेत्रों में पहले भी कई बार आतंकी संगठनों से जुड़े संदिग्धों की गिरफ्तारी हो चुकी है। ISIS, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिद्दीन से जुड़े कुछ मामलों में भी यहां कार्रवाई की जा चुकी है। ऐसे में इस ताजा गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और बढ़ा दी है।






