मायावती ने सपा पर साधा निशाना, ‘PDA दिवस’ को बताया चुनावी नाटकबाजी
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संवाद 24 लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोलते हुए उसे दलित, पिछड़ा वर्ग और बसपा विरोधी करार दिया है। उन्होंने सपा द्वारा कांशीराम जयंती पर ‘PDA दिवस’ मनाने की घोषणा को राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित कदम बताया है।
मायावती ने कहा कि सपा का चाल-चरित्र और चेहरा हमेशा से बहुजन समाज के हितों के खिलाफ रहा है। उनके अनुसार, चुनाव नजदीक आते ही सपा को दलित और पिछड़े वर्ग की याद आती है, जबकि उसके पूर्व के राजनीतिक व्यवहार से उसकी नीयत स्पष्ट होती रही है।
बसपा प्रमुख ने वर्ष 1993 के सपा-बसपा गठबंधन और 2 जून 1995 को हुए चर्चित लखनऊ स्टेट गेस्ट हाउस कांड का जिक्र करते हुए इसे लोकतांत्रिक इतिहास की काली घटना बताया। उन्होंने कहा कि उस घटना ने सपा की मानसिकता और बहुजन समाज के प्रति उसके रवैये को उजागर कर दिया था।
मायावती ने अपने बयान में सपा और भाजपा को एक-दूसरे का पूरक बताते हुए आरोप लगाया कि सपा के आचरण से भाजपा को राजनीतिक लाभ मिला। उन्होंने दावा किया कि इससे मुस्लिम और बहुजन समाज को नुकसान उठाना पड़ा है।
बसपा सुप्रीमो ने बहुजन समाज से अपील की कि वे सपा की कथित ‘वोट की राजनीति’ और जातिवादी रुख से सावधान रहें। उन्होंने कहा कि बसपा ही वास्तविक रूप से दलितों, पिछड़ों और वंचित वर्गों के अधिकारों की लड़ाई लड़ती रही है।
गौरतलब है कि आगामी चुनावी माहौल में प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज होती जा रही है और विभिन्न दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं।






