पॉक्सो प्रकरण में घिरे शंकराचार्य, बोले किसी अन्य राज्य की पुलिस करे जांच
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संवाद 24 प्रयागराज। की झूंसी थाने में दर्ज बाल यौन शोषण मामले को लेकर ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने खुलकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि वे पुलिस जांच का सामना करने के लिए तैयार हैं और जांच में पूरा सहयोग करेंगे। स्वामी ने कहा कि वे कहीं भागने वाले नहीं हैं और यदि पुलिस उनके मठ पहुंचती है तो उनका स्वागत किया जाएगा।
यह मामला उस समय चर्चा में आया जब प्रयागराज की पॉक्सो कोर्ट के आदेश पर उनके और उनके शिष्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। कोर्ट के आदेश के बाद झूंसी पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया। बताया जा रहा है कि शिकायत के आधार पर दोनों नाबालिग पीड़ितों के बयान भी दर्ज किए गए हैं।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता के एक वर्ग में जांच को लेकर अविश्वास की भावना है। उन्होंने मांग की कि मामले की जांच किसी अन्य प्रदेश की पुलिस से कराई जाए, ताकि निष्पक्षता को लेकर कोई संदेह न रहे। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे वर्तमान जांच में भी सहयोग करेंगे।
गिरफ्तारी की आशंका के सवाल पर शंकराचार्य ने कहा कि शिकायत दर्ज हुए काफी समय हो चुका है और वे लगातार अपने स्थान पर मौजूद हैं। इसलिए गिरफ्तारी की आवश्यकता नहीं बनती। फिर भी यदि पुलिस कार्रवाई करती है तो वे उसका विरोध नहीं करेंगे और कानून प्रक्रिया का सम्मान करेंगे।
दूसरी ओर, अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कोर्ट के आदेश का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से अब “दूध का दूध और पानी का पानी” हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रभावशाली व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए अदालत का सहारा लेना पड़ा, जो अपने आप में महत्वपूर्ण है।
मामले में पुलिस जांच जारी है और दोनों पक्षों की ओर से बयानबाजी के बीच सियासी हलचल भी तेज हो गई है। अब निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हैं।





