लखनऊ में कई माह चले अभियान के बाद भी नहीं मिला कोई अवैध घुसपैठिया
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संवाद 24 लखनऊ। राजधानी लखनऊ में अवैध रूप से बांग्लादेशी नागरिकों के रहने की आशंका को लेकर कई महीनों तक चलाए गए सघन सत्यापन अभियान में पुलिस को अब तक एक भी अवैध घुसपैठिया नहीं मिला है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार शहर के सभी जोनों में व्यापक जांच, दस्तावेज सत्यापन और क्षेत्रीय अभियान चलाए गए, जिनमें कोई संदिग्ध व्यक्ति सामने नहीं आया।
संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) के मुताबिक शासन के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान के दौरान झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों सहित विभिन्न बस्तियों में टीमों ने घर-घर जाकर पहचान पत्रों की जांच की। जांच में सामने आया कि इन इलाकों में रहने वाले अधिकांश लोग असम सहित अन्य राज्यों के हैं और उनके दस्तावेज सत्यापन में सही पाए गए।
अभियान फिलहाल जारी है और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के मिलने पर तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा की जा रही है।
हालांकि हाल ही में ठाकुरगंज क्षेत्र में एटीएस के इनपुट पर एक महिला को जाली आधार कार्ड के साथ गिरफ्तार किया गया था। जांच में सामने आया कि महिला बांग्लादेश से अवैध रूप से भारत आई थी और अलग-अलग नामों से दस्तावेज तैयार कराए थे। इस मामले में उसके सहयोगी को भी गिरफ्तार किया गया है।
गौरतलब है कि इससे पहले जनवरी 2025 में लखनऊ की महापौर ने शहर में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों के रहने का दावा किया था। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब तक किए गए सत्यापन अभियान में ऐसा कोई बड़ा नेटवर्क सामने नहीं आया है, फिर भी खुफिया एजेंसियों की मदद से निगरानी और जांच अभियान लगातार जारी रहेगा।






