कन्नौज की सुगंध विरासत पर दिल्ली में मंथन, असीम अरुण ने अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर को किया आमंत्रित
Share your love

संवाद 24 संवाददाता। दिल्ली में बुधवार को इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज (INTACH) के तत्वावधान में ‘कन्नौज परफ्यूमस्केप’ विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण की गरिमामयी उपस्थिति रही।
व्याख्यान में अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर प्रोजित बी. मुखर्जी ने इत्र के इतिहास, उसके विकास और सांस्कृतिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विभिन्न कालखंडों से जुड़े दुर्लभ इत्रों के ऐतिहासिक विज्ञापनों को प्रस्तुत करते हुए उनसे संबंधित रोचक प्रसंग भी साझा किए, जिससे श्रोताओं को कन्नौज की सुगंध परंपरा की गहराई से जानकारी मिली।
इस अवसर पर राज्यमंत्री असीम अरुण ने कन्नौज की इत्र परंपरा को भारत की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण अंग बताया। उन्होंने कहा कि कन्नौज की सुगंध कला केवल एक उद्योग नहीं, बल्कि सदियों पुरानी विरासत है, जिसे संरक्षित करने और आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। मंत्री ने बताया कि नवाचार, कौशल उन्नयन और वैश्विक मंचों के माध्यम से कन्नौज के इत्र को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री असीम अरुण ने प्रोफेसर प्रोजित बी. मुखर्जी को कन्नौज आकर इत्र पर व्याख्यान देने का औपचारिक आमंत्रण दिया। मंत्री के निमंत्रण को स्वीकार करते हुए प्रोफेसर मुखर्जी ने कन्नौज में व्याख्यान देने के साथ-साथ इत्र से जुड़े विभिन्न ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्कृतिक पहलुओं का अध्ययन करने की इच्छा व्यक्त की।
विशेषज्ञों के अनुसार यह पहल कन्नौज की सुगंध विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और वैश्विक स्तर पर इसके महत्व को स्थापित करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।






