“विद्युत विभाग की लापरवाही उजागर, जेई के खिलाफ जांच शुरू”
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संवाद 24 गोरखपुर। विद्युत वितरण निगम के चौरीचौरा खंड से एक गंभीर शिकायत सामने आई है, जिसमें बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा को बिजली कनेक्शन देने में देरी का आरोप लगाया गया है। बैंक की ओर से आवश्यक शुल्क के रूप में ₹2,45,367 जमा कराए जाने के बाद भी डेढ़ महीने से कनेक्शन जारी नहीं किया गया। स्थानीय सूत्रों के अनुसार बैंक कर्मचारी ने इस बारे में जूनियर अभियंता से कई बार मुलाकात की, लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ा।
मुख्य अभियंता आशुतोष श्रीवास्तव को जब इस देरी की शिकायत प्राप्त हुई, तो उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए कनेक्शन जारी कर दिया और मामले की तफ्तीश के आदेश दिए। उन्होंने विद्युत वितरण मंडल प्रथम के अधीक्षण अभियंता के.के. राठौर को निर्देश देते हुए अवर अभियंता (JE) सुरेंद्र चंद्र पाल के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए जांच रिपोर्ट तैयार करने को कहा है।
जानकारी के मुताबिक बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा खोराबार-जंगल सिकरी बाईपास तिराहे पर स्थित है। बैंक के कर्मचारियों ने जेई से सौ से अधिक बार कनेक्शन जारी कराने का अनुरोध किया, लेकिन जब कोई ठोस जवाब नहीं मिला तो मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में पहुंचा। बाद में बैंक को आनन-फानन में कनेक्शन दिया गया और कार्रवाई के संकेत दिए गए।
यह मामला विद्युत आपूर्ति विभाग में व्यवस्था और जवाबदेही पर उठ रहे सवालों को फिर से उजागर करता है। अधिकारियों का कहना है कि नियमों के अनुसार भुगतान के तुरंत बाद कनेक्शन जारी किए जाने चाहिए, और यदि विलंब होता है तो उसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। इसके अतिरिक्त जांच के बाद आगे और कार्रवाई हो सकती है, जिससे विद्युत वितरण प्रणाली में जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।






