फिरोजाबाद में रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया लेखपाल, विजिलेंस जांच शुरू
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संवाद 24 फिरोजाबाद। जिले के एका क्षेत्र में एक राजस्व लेखपाल के खिलाफ भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप सामने आया है। विजिलेंस (सतर्कता) टीम आगरा ने लेखपाल रविंद्र कुमार को एक किसान से 10,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने जमीन की कुराबंदी कार्य कराने के नाम पर कुल 20,000 रुपये की मांग की थी, जिसमें से पहली किस्त के रूप में 10,000 रुपये लेते हुए उसे हिरासत में लिया गया।
करीब के सरकारी रिकॉर्ड और स्थानीय बयानों की छानबीन के लिए विजिलेंस टीम ने जसराना तहसील सहित आसपास के कार्यालयों और गेस्ट हाउस के कमरों में तलाशी ली और आवश्यक अभिलेख अपने साथ लेकर जांच बढ़ा दी। टीम ने तहसील के अन्य कर्मचारियों से पूछताछ भी की है, ताकि रिश्वतखोरी के संभावित पैटर्न और अन्य शामिल व्यक्तियों की भूमिका का पता लगाया जा सके।
इस पूरे प्रकरण की शुरुआत तब हुई जब एक किसान सूबेदार सिंह (राजपुर निवासी) ने लेखपाल द्वारा कुराबंदी का काम पूरा कराने के लिए रिश्वत मांगने की शिकायत विजिलेंस विभाग आगरा में दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर विजिलेंस ने मामले की जांच शुरू की और गोपनीय जाल बिछाकर लेखपाल को रिश्वत लेते पकड़ा।
घटना की पुष्टि के बाद एसडीएम जसराना ने लेखपाल को स्थायी तौर पर सस्पेंड कर दिया है। इसके अलावा विजिलेंस टीम ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है। यह कदम यह संदेश देता है कि सरकारी कर्मचारियों द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रशासन कड़ा रुख अपना रहा है।
एकरे क्षेत्र के लोग इस मामले को भ्रष्टाचार के खिलाफ साहसिक कदम के रूप में देख रहे हैं। स्थानीय किसान और सामाजिक संगठनों ने प्रशंसा की है कि किसानों के अधिकारों और सरकारी कार्यों की पारदर्शिता के लिए यह आवश्यक कार्रवाई है। प्रशासन ने भी कहा है कि आगे से ऐसे मामलों पर कड़ी निगरानी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।






