वेनेजुएला जाने से बचें भारतीय नागरिक, हालात बिगड़े; भारत सरकार ने जारी की सख्त एडवाइजरी
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संवाद 24 नई दिल्ली। भारत सरकार ने वेनेजुएला में तेजी से बदलते हालात को देखते हुए अपने नागरिकों के लिए सख्त एडवाइजरी जारी की है। विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को वेनेजुएला की गैर-आवश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है और वहां पहले से मौजूद भारतीयों से अत्यधिक सतर्कता बरतने का आग्रह किया है।

विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी से जुड़ी घटनाओं के बाद वहां की स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। ऐसे में भारतीय नागरिक अपनी गतिविधियों को सीमित रखें और किसी भी आपात स्थिति में काराकास स्थित भारतीय दूतावास के लगातार संपर्क में रहें।
मंत्रालय ने कहा है कि वेनेजुएला में किसी भी कारण से मौजूद भारतीय नागरिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। वर्तमान में वेनेजुएला में लगभग 50 गैर-निवासी भारतीय और करीब 30 भारतीय मूल के लोग रह रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो का राजनीतिक सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। 23 नवंबर 1962 को जन्मे मादुरो कभी बस चालक थे और श्रमिक संघ से जुड़े रहे। वर्ष 1992 में उन्होंने तत्कालीन सैन्य अधिकारी ह्यूगो शावेज के नेतृत्व में राजनीति में कदम रखा और धीरे-धीरे उनके करीबी बन गए। शावेज के शासनकाल में मादुरो ने नेशनल असेंबली के अध्यक्ष और विदेश मंत्री जैसे अहम पद संभाले।
2013 में ह्यूगो शावेज के निधन के बाद मादुरो वेनेजुएला के राष्ट्रपति बने। हालांकि उनके कार्यकाल में देश गंभीर आर्थिक संकट, बेलगाम महंगाई, खाद्य संकट और मानवाधिकार उल्लंघनों से जूझता रहा। सरकार विरोधी आंदोलनों को कठोरता से दबाने के आरोप भी मादुरो पर लगते रहे हैं। जनवरी 2025 के चुनाव में वह तीसरी बार राष्ट्रपति चुने गए थे।
बढ़ते राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच भारत सरकार की यह एडवाइजरी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जारी की गई है।






