एंटी-टेररिज्म कॉन्फ्रेंस में अमित शाह का सख्त संदेश, NIA के नए डेटाबेस और क्राइम मैनुअल लॉन्च
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संवाद 24 नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि आतंकवाद अब पुराने तरीकों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि टेक्नोलॉजी-ड्रिवन हो चुका है। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों को भी उससे एक कदम आगे रहना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि आतंक से निर्णायक लड़ाई के लिए टेक्नोलॉजी, डेटा और आपसी समन्वय सबसे बड़ा हथियार है।
शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित एंटी-टेररिज्म कॉन्फ्रेंस–2025 के उद्घाटन अवसर पर अमित शाह ने NIA द्वारा विकसित दो अहम डेटाबेस और एक क्राइम मैनुअल लॉन्च किए। ये संसाधन देशभर की जांच और सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक साझा और मानकीकृत ढांचा उपलब्ध कराएंगे।
गृह मंत्री ने सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशकों से अपील की कि वे इन मैनुअल्स को केवल औपचारिक दस्तावेज न बनाएं, बल्कि जांच, चार्जशीट और अभियोजन की पूरी प्रक्रिया में इन्हें अनिवार्य रूप से लागू करें।
“ड्यूटी टू शेयर” की सोच अपनाने का आह्वान
अमित शाह ने कहा कि आतंकवाद से लड़ाई में अब “Need to Know” नहीं, बल्कि “Duty to Share” की मानसिकता जरूरी है। अगर अलग-अलग एजेंसियों का डेटा आपस में जुड़ा नहीं होगा, तो वह बिना गोली की बंदूक जैसा होगा। उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्यों के बीच डेटा शेयरिंग, कमांड और कोऑर्डिनेशन का नया मजबूत ढांचा तैयार किया गया है।
संगठित अपराध और आतंकवाद का गहरा कनेक्शन
शाह ने चेताया कि संगठित अपराध और आतंकवाद एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। कई अपराधी पहले फिरौती, वसूली और अवैध गतिविधियों में शामिल होते हैं, और बाद में सीमा पार जाकर आतंकी संगठनों का हिस्सा बन जाते हैं। ऐसे नेटवर्क को तोड़ने के लिए 360 डिग्री एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है।
दिल्ली ब्लास्ट और पहलगाम हमले की जांच की सराहना
गृह मंत्री ने दिल्ली धमाके और पहलगाम हमले की जांच को उदाहरण बताते हुए कहा कि यह सामान्य जांच नहीं थी, बल्कि सटीक खुफिया इनपुट, तकनीकी विश्लेषण और एजेंसियों के समन्वय का नतीजा थी।
उन्होंने कहा कि पहलगाम की बैसरन घाटी में हुआ हमला कश्मीर के विकास, पर्यटन और सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने की साजिश थी, लेकिन पूरी जांच के बाद पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर कटघरे में खड़ा किया जाएगा।
अमित शाह की बातों के प्रमुख बिंदु
- आतंकवाद से निपटने के लिए केंद्र सरकार ला रही है 360 डिग्री एक्शन प्लान
- पूरे देश में कॉमन एंटी टेरर स्क्वॉड (ATS) स्ट्रक्चर लागू करने की अपील
- NIA और CBI के मार्गदर्शन में राज्यों को संगठित अपराध पर निर्णायक प्रहार के निर्देश
- मल्टी एजेंसी सेंटर और नेशनल मेमोरी बैंक में सभी एजेंसियों की सक्रिय भागीदारी जरूरी
- जांच से लेकर कार्रवाई तक ऑपरेशनल यूनिफॉर्मिटी पर विशेष जोर
गृह मंत्री ने दो टूक कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई किसी एक एजेंसी की नहीं, बल्कि “टीम इंडिया” की सामूहिक जिम्मेदारी है। टेक्नोलॉजी, डेटा और भरोसेमंद साझेदारी ही इस बदले हुए खतरे का स्थायी समाधान है।






