विधानसभा में सियासी तकरार : सीएम योगी के बयान पर अखिलेश यादव का पलटवार
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संवाद 24 लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। कफ सिरप (कोडीन) मामले को लेकर समाजवादी पार्टी द्वारा लगाए गए आरोपों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा जवाब दिया।
सीएम योगी ने कहा कि विपक्ष बिना पूरे तथ्य और अध्ययन के मुद्दे उठा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में कोडीन कफ सिरप से किसी की मृत्यु नहीं हुई है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वर्ष 2016 में इस दवा से जुड़े सबसे बड़े थोक कारोबारी को लाइसेंस तत्कालीन समाजवादी पार्टी सरकार के दौरान दिया गया था।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि देश में “दो नमूने” हैं—एक दिल्ली में और दूसरा लखनऊ में। उन्होंने बिना नाम लिए यह भी कहा कि जब भी किसी मुद्दे पर चर्चा होती है, कुछ लोग देश छोड़कर बाहर चले जाते हैं।
अखिलेश यादव का जवाब
मुख्यमंत्री के बयान के लगभग 40 मिनट बाद समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच X पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे “आत्म-स्वीकृति” करार देते हुए कहा कि संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को मर्यादा का पालन करना चाहिए। अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि भाजपा को अपनी आंतरिक खींचतान सार्वजनिक मंचों पर नहीं लानी चाहिए।
कोडीन कफ सिरप मामले पर सरकार का पक्ष
मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि इस मामले में NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है और अब तक 77 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि कानून के तहत दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और जरूरत पड़ने पर सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।

सदन में हंगामा और वॉकआउट
मुख्यमंत्री के बयान के बाद नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने आपत्ति जताई। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री ने किसी का नाम नहीं लिया है। इसके बावजूद सपा विधायकों ने हंगामा किया। स्थिति नियंत्रित न होने पर अध्यक्ष ने विपक्ष को चेतावनी दी, जिसके बाद समाजवादी पार्टी के विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर लिया।






