राज्यसभा में बवाल: ‘मोदी की कब्र’ नारे पर नड्डा का कांग्रेस पर सीधा हमला, सोनिया गांधी से सार्वजनिक माफी की मांग”
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संवाद 24, नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र के अंतिम सप्ताह की शुरुआत जबरदस्त हंगामे के साथ हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथित अपमान को लेकर लोकसभा और राज्यसभा—दोनों सदनों में सत्तापक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। शोरगुल और अव्यवस्था के कारण कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा।
राज्यसभा में सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कांग्रेस की हालिया रैली में लगाए गए नारों को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की रैली में प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ “मोदी तेरी कब्र खुदेगी” जैसे नारे लगाए गए, जो न सिर्फ निंदनीय हैं बल्कि देश के लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी सवाल खड़े करते हैं।
नड्डा ने इसे कांग्रेस की “सोच और मानसिकता” का प्रतीक बताते हुए कहा कि किसी निर्वाचित प्रधानमंत्री के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस पूरे मामले पर कांग्रेस नेतृत्व की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और पार्टी की शीर्ष नेता सोनिया गांधी को देश से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
लोकसभा में भी उठा मुद्दा, सरकार हुई आक्रामक
लोकसभा में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने रामलीला मैदान में आयोजित कांग्रेस रैली का जिक्र करते हुए कहा कि वहां प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक और उकसाने वाले नारे लगाए गए। रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस ने राजनीति का स्तर गिरा दिया है और ऐसी भाषा लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि अतीत में भाजपा के एक सांसद द्वारा अनुचित शब्दों के इस्तेमाल पर खुद प्रधानमंत्री मोदी ने सख्त रुख अपनाते हुए माफी मंगवाई थी। रिजिजू ने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस अपने नेताओं और समर्थकों की इस हरकत के लिए वही नैतिक जिम्मेदारी दिखाएगी?
सदन में भारी हंगामा, कार्यवाही स्थगित
जेपी नड्डा और किरेन रिजिजू के बयानों के बाद दोनों सदनों में भारी हंगामा शुरू हो गया। सत्तापक्ष के कई मंत्रियों और सांसदों ने एक सुर में कांग्रेस से माफी की मांग की। शोरगुल न थमने पर राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने सदन की कार्यवाही दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी।
प्रधानमंत्री के कथित अपमान का यह मुद्दा अब संसद से निकलकर सियासी घमासान का रूप ले चुका है, जहां सत्तापक्ष कांग्रेस से जवाब और माफी की मांग पर अड़ा हुआ है, जबकि विपक्ष के रुख पर सबकी नजर टिकी है।






