कांग्रेस रैली के नारे पर सियासी संग्राम: भाजपा का आरोप – हिंसा की भाषा पर उतरी कांग्रेस, राहुल पर साधा निशाना
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संवाद 24, दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को आयोजित कांग्रेस की ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ रैली उस समय विवादों में घिर गई, जब रैली से जुड़े कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। इन वीडियो में कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक और उकसाने वाले नारे लगाए जाते दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है।
भाजपा सांसद और राज्यसभा सदस्य सुधांशु त्रिवेदी ने नारेबाजी की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह कांग्रेस की “हिंसक और विभाजनकारी सोच” को उजागर करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व के संरक्षण में प्रधानमंत्री के खिलाफ मौत से जुड़े नारे लगवाए गए, जो लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है। त्रिवेदी ने कहा कि जो पार्टी दूसरों के दफन होने की बात करती है, उसका राजनीतिक भविष्य खुद अंधकार में है।
भाजपा सांसद ने कांग्रेस नेतृत्व पर वंशवाद का आरोप लगाते हुए ऐतिहासिक उदाहरणों का जिक्र किया और कहा कि जिस तरह मुगल साम्राज्य छठी पीढ़ी के बाद समाप्त हुआ, उसी तरह कांग्रेस का भी पतन तय है। उन्होंने राहुल गांधी की अगुवाई में पार्टी के भविष्य पर सवाल खड़े किए।
इस बीच, नारेबाजी से जुड़ा एक नाम भी सामने आया है। जयपुर की कांग्रेस नेता और महिला कांग्रेस की जिला अध्यक्ष मंजू लता मीणा पर आरोप लगा है कि उन्होंने पीएम मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाए। इस पर सफाई देते हुए मीणा ने कहा कि यह नारे जनता के गुस्से की अभिव्यक्ति थे और कांग्रेस वोटों में धांधली के खिलाफ आवाज उठा रही है। उन्होंने भाजपा और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप भी लगाए।
कांग्रेस की यह रैली चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के विरोध में आयोजित की गई थी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार चुनाव आयोग और भाजपा पर “वोट चोरी” के आरोप लगाते रहे हैं। इससे पहले भी वे कई प्रेस कॉन्फ्रेंस में आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठा चुके हैं।
रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री का आत्मविश्वास कमजोर पड़ चुका है और चुनावी प्रक्रियाओं में गड़बड़ी उजागर हो रही है। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने पर चुनाव संबंधी कानूनों में बदलाव किया जाएगा और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भावुक अंदाज में कहा कि निजी परेशानियों के बावजूद वे देशहित की लड़ाई से पीछे नहीं हट सकते। वहीं, प्रियंका गांधी ने भाजपा सरकार पर संस्थाओं को कमजोर करने और जनता से दूरी बनाने का आरोप लगाया।
कुल मिलाकर, कांग्रेस की रैली जहां चुनावी मुद्दों को लेकर सरकार पर हमला करने के लिए आयोजित की गई थी, वहीं विवादित नारेबाजी ने सियासी तापमान और बढ़ा दिया है। अब यह मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर सार्वजनिक बहस का विषय बन गया है।






