हनुमानगढ़ में एथेनॉल फैक्ट्री को लेकर तनाव तेज: हिंसा के बाद इंटरनेट बंद, लोग घर छोड़कर गए, 14 वाहन जले, MLA घायल
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संवाद 24 संवाददाता। हनुमानगढ़ जिले के टिब्बी क्षेत्र में एथेनॉल फैक्ट्री के विरोध को लेकर बुधवार को भड़की हिंसा के बाद क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। हालात के मद्देनज़र प्रशासन ने इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं और फैक्ट्री के आसपास रहने वाले 30 से अधिक परिवार सुरक्षा के डर से घर खाली कर चुके हैं।
गुरुवार सुबह से किसान एक बार फिर प्रदर्शन स्थल के पास गुरुद्वारे में जुटने लगे हैं। किसानों और स्थानीय नेताओं ने साफ कहा है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

बुधवार की हिंसा: फैक्ट्री में घुसकर तोड़फोड़ और आगजनी
10 दिसंबर को राठीखेड़ा गांव स्थित निर्माणाधीन ड्यून एथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री में किसानों ने दीवार तोड़कर जबरन प्रवेश कर लिया। प्रदर्शनकारियों ने साइट ऑफिस में आग लगा दी। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई घंटे तक पत्थरबाजी चलती रही।
स्थिति को काबू करने लिए पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया, जिसके बाद भीड़ और उग्र हो गई और 14 वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया।
हिंसा में 50 से अधिक लोग घायल हुए हैं। कांग्रेस विधायक अभिमन्यु पूनिया भी लाठीचार्ज में घायल हुए। इलाके में स्कूल और कॉलेज दिनभर बंद रहे।

किसान आंदोलन क्यों हुआ उग्र?
- अनाज आधारित 40 मेगावॉट एथेनॉल प्लांट का काम चंडीगढ़ की कंपनी ड्यून इथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड कर रही है।
- कंपनी कहती है कि यह प्रोजेक्ट केंद्र सरकार के एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल (EBP) कार्यक्रम का हिस्सा है।
- किसान लगभग 10 महीनों तक शांतिपूर्ण विरोध करते रहे, लेकिन नवंबर 2025 में पुलिस सुरक्षा में निर्माण फिर शुरू होने के बाद नाराज़गी बढ़ गई।
- कई किसान नेताओं की गिरफ्तारी के बाद विरोध और तेज हुआ।
बुधवार को टिब्बी एसडीएम ऑफिस के बाहर बड़ी महापंचायत हुई। नेताओं का कहना था कि प्रशासन ने फैक्ट्री निर्माण रोकने का लिखित आश्वासन नहीं दिया। इसके बाद भीड़ फैक्ट्री पहुंच गई और हालात बेकाबू हो गए।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
हिंसा के बाद क्षेत्र में 700 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। जिलाधिकारी और वरिष्ठ अफसर हालात पर नजर रखे हुए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें।






