डॉ. शाहीन की कार से असॉल्ट राइफल और विदेशी पिस्टल बरामद: अल फलाह यूनिवर्सिटी में NIA की छापेमारी, 18.50 लाख कैश–सोना–विदेशी करेंसी भी मिली
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संवाद 24 | फरीदाबाद
दिल्ली ब्लास्ट मामले में गिरफ्तार लेडी डॉक्टर डॉ. शाहीन सईद से जुड़ी जांच में लगातार बड़े खुलासे हो रहे हैं। NIA ने फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी में खड़ी उसकी नई ब्रेज़ा कार से एक क्रिनकोव असॉल्ट राइफल और एक विदेशी पिस्टल बरामद की है। हथियार सीटों के नीचे बेहद चतुराई से छिपाकर रखे गए थे। यह कार 25 सितंबर 2025 को 10 लाख से अधिक कैश पेमेंट से खरीदी गई थी और इसकी डिलीवरी के वक्त डॉ. मुजम्मिल शकील भी उसके साथ मौजूद था। जांच में यह भी सामने आया है कि दिल्ली ब्लास्ट की प्लानिंग और विस्फोटकों की ढुलाई में इस्तेमाल हुई कई गाड़ियां डॉ. शाहीन और डॉ. उमर नबी के नाम थीं।
यूनिवर्सिटी के हॉस्टल ब्लॉक–15 के फ्लैट नंबर 32 की तलाशी के दौरान NIA को एक सीक्रेट लॉकर में से 18.50 लाख रुपए कैश, दो सोने के बिस्किट, 300 ग्राम सोने के गहने और खाड़ी देशों की करेंसी मिली। एजेंसी को शक है कि ये रकम टेरर फंडिंग का हिस्सा रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि शाहीन ने अपने पासपोर्ट पर तीन बार पता बदलवाया था—पहले लखनऊ का, फिर कानपुर GSVML मेडिकल कॉलेज का और अंत में अल फलाह यूनिवर्सिटी का।
जांच एजेंसी अब तक यूनिवर्सिटी के 30 डॉक्टरों के बयान दर्ज कर चुकी है, जिनमें कई कश्मीर के रहने वाले हैं। इन डॉक्टरों ने बताया कि डॉ. उमर नबी यूनिवर्सिटी में अलग-थलग रहता था और उसके कमरे में सिर्फ कुछ चुनिंदा लोग ही जा सकते थे। इस मॉड्यूल से जुड़े डॉक्टरों के बैकग्राउंड की भी जांच की जा रही है।
सोमवार को NIA ने शाहीन के लखनऊ स्थित खंदारी बाजार वाले घर पर भी छापा मारा। करीब छह घंटे की तलाशी में एजेंसी को कई दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिले हैं। शाहीन के एक डॉक्टर भाई को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। इसी दौरान कश्मीर के काजीगुंड, शोपियां, पुलवामा और सांबूरा में भी ताबड़तोड़ छापेमार कार्रवाई हुई।

उधर, दिल्ली की साकेत कोर्ट ने अल फलाह यूनिवर्सिटी के संस्थापक जावेद सिद्दीकी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है। मनी लॉन्ड्रिंग और फर्जी मान्यता से जुड़े मामलों में उनके खिलाफ गंभीर आरोप हैं। ITR की जांच से करोड़ों की संदिग्ध आय सामने आई है।
अल फलाह यूनिवर्सिटी में MBBS और MD कर रहे छात्रों के माता-पिता ने वर्चुअल बैठक कर मांग की है कि हरियाणा सरकार यूनिवर्सिटी को टेकओवर करे और आतंक मॉड्यूल से नाम जुड़ने के बाद यूनिवर्सिटी का नाम भी बदला जाए, ताकि छात्रों की डिग्री पर दाग न लगे। पेरेंट्स NMC से लिखित सुरक्षा आश्वासन मांगने की तैयारी में हैं।
जांच में लगातार मिल रहे हथियार, कैश, विदेशी नेटवर्क और यूनिवर्सिटी कनेक्शन को देखते हुए NIA का कहना है कि आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।






