दिल्ली ब्लास्ट मॉड्यूल में डॉक्टरों की फंडिंग का खुलासा, डॉ. आदिल की वॉट्सऐप चैट सामने आई
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संवाद 24। नई दिल्ली / सहारनपुर
दिल्ली ब्लास्ट मामले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। आतंकी मॉड्यूल में शामिल डॉक्टर्स ने विस्फोटक तैयार करने के लिए अपनी सैलरी से लाखों रुपए जुटाए। सहारनपुर के फेमस मेडिकेयर अस्पताल में तैनात डॉ. आदिल अहमद के मोबाइल डेटा और बैंकिंग ट्रांजैक्शन में पता चला कि उसने अकेले ₹8 लाख विस्फोटक सामग्री के लिए दिए।
जांच एजेंसियों ने उसकी वॉट्सऐप चैट भी बरामद की है, जिसमें आदिल अस्पताल प्रबंधन के सामने एडवांस सैलरी के लिए गिड़गिड़ाता दिखा। चैट में उसने लिखा—
“सर, बहुत जरूरत है… कृपया सैलरी जल्दी डाल दीजिए… आपका आभार रहेगा।”



₹26 लाख में आतंकी तैयारियां, कई डॉक्टर शामिल
NIA और सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार, धौज और फतेहपुर-तगा (फरीदाबाद) के ठिकानों से बरामद विस्फोटक और दिल्ली ब्लास्ट में इस्तेमाल किए गए मटेरियल पर कुल ₹26 लाख खर्च हुए। इन पैसों में डॉ. आदिल के ₹8 लाख सबसे ज्यादा योगदान थे।
पूछताछ में सामने आया कि डॉ. मुजम्मिल, डॉ. शाहीन सईद और डॉ. उमर नबी भी इस साजिश में शामिल थे।
अब तक 2,000 से ज्यादा संदिग्धों से पूछताछ हो चुकी है।
कौन है डॉ. आदिल, कैसे बना डॉक्टर से आतंकी?
- मूल निवासी: वानपुर, कुलगाम (कश्मीर)
- MBBS: श्रीनगर मेडिकल कॉलेज
- नौकरी छोड़ी: GMC अनंतनाग, 2024
- आया दिल्ली ➝ सहारनपुर, वेतन ₹5 लाख/माह
- 4 अक्टूबर 2024 को कश्मीर में शादी, पत्नी रुकैया (मनोचिकित्सक)
- भाई भी डॉक्टर
- 17-18 अक्टूबर को श्रीनगर में जैश-ए-मोहम्मद के पोस्टर लगाए, गिरफ्तारी हुई
- लॉकर से AK-47 और हथियार बरामद
सैलरी मांगने की पूरी चैट (5 से 9 सितंबर)
“गुड आफ्टरनून सर, मैंने सैलरी ट्रांसफर के लिए रिक्वेस्ट की थी। मुझको रुपए की बहुत जरूरत है। वही खाता डाल दें।”
“सर, जल्दी कर दीजिए, आपकी बहुत मदद होगी।”
“प्लीज कल कर दीजिए सर… मुझे बहुत ज़रूरत है।”
जांच में सामने आया कि उसी पैसों का बड़ा हिस्सा विस्फोटक खरीद में लगाया गया।
शादी में जाने वाले डॉक्टर और मेहमान रडार पर
4 अक्टूबर की शादी में अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ भी शामिल थे। एजेंसियां इनकी पहचान कर रही हैं। साथ ही, कश्मीर से शामिल लोगों की लिस्ट तैयार की जा रही है कि कहीं मॉड्यूल से जुड़ा कोई और व्यक्ति तो नहीं पहुंचा था।
अल-फलाह यूनिवर्सिटी कनेक्शन
डॉ. उमर नबी (जिसने कार में ब्लास्ट किया और मारा गया)
फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर था।
वहीं से डॉ. मुजम्मिल और डॉ. शाहीन भी जुड़े थे।
10 नवंबर को लाल किले के पास i20 कार में धमाका हुआ था। 15 मौतें हुईं।
केमिकल सप्लाई की जांच
- फरीदाबाद की बीआर साइंटिफिक एंड केमिकल शॉप पर छापा
- शक है कि रिसिन समेत विस्फोटक के लिए रसायन यहीं से खरीदे गए
- रिकॉर्ड जब्त, अब सत्यापन जारी
यह खुलासा भारत में मेडिकल प्रोफेशन के नाम पर चल रहे सबसे खतरनाक आतंकी फंडिंग नेटवर्क में से एक माना जा रहा है। एजेंसियां इस मॉड्यूल से जुड़े और सदस्यों की पहचान में जुटी हैं।






