NIA का बड़ा खुलासा: दिल्ली में हमास जैसी ड्रोन हमले की साजिश, भीड़भाड़ वाले इलाके को बनाया जाना था निशाना
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संवाद 24: दिल्ली में लाल किला के पास 10 नवंबर को हुए आत्मघाती कार धमाके की जांच में NIA को बड़ा इनपुट मिला है। एजेंसी ने पाया है कि वाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल पहले हमास की तरह ड्रोन और रॉकेट से हमला करने की योजना बना रहा था। यह वही तरीका है जिसे हमास ने 7 अक्टूबर 2023 को इजराइल पर हमले में इस्तेमाल किया था। लक्ष्य था—भीड़भाड़ वाले इलाके में ड्रोन बम गिराकर अधिकतम लोगों को निशाना बनाना।
NIA को यह जानकारी आतंकियों में शामिल डॉ. उमर उन नबी के सहयोगी जसीर बिलाल वानी उर्फ दानिश की गिरफ्तारी के बाद मिली। दानिश जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग के काजीगुंड का रहने वाला है। NIA ने उसे चार दिन पहले हिरासत में लेने के बाद सोमवार को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया।
NIA के अनुसार दानिश को छोटे ड्रोन को हथियारों में बदलने की तकनीकी जानकारी है। उसने आतंकी हमलों के लिए डॉ. उमर को टेक्निकल सपोर्ट दिया, ड्रोन को मॉडिफाई कर बम ले जाने योग्य बनाने की कोशिश की और रॉकेट तैयार करने पर भी काम कर रहा था। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, उसने भारी बैटरी और कैमरे वाले शक्तिशाली ड्रोन विकसित करने की कोशिश की थी, जो बड़े विस्फोटक ले जा सकें।
भीड़भाड़ वाले इलाके में गिराना था ड्रोन बम
एजेंसी जांच में सामने आया कि आतंकियों की योजना किसी अत्यधिक भीड़ वाले क्षेत्र में ड्रोन से बम गिराने की थी, ताकि अधिकतम जनहानि हो सके। बाद में प्लान बदलकर आत्मघाती कार धमाके को अंजाम दिया गया।
मुख्य आरोपी आमिर राशिद 10 दिन की NIA कस्टडी में
धमाके के मुख्य आरोपी आमिर राशिद अली, निवासी पंपोर, को सोमवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने 10 दिन की NIA कस्टडी में भेज दिया।
एजेंसी का कहना है कि आमिर धमाके से पहले अंतिम व्यक्ति था, जो डॉ. उमर के संपर्क में था। धमाके में इस्तेमाल कार आमिर के नाम पर रजिस्टर्ड थी और उसे खरीदने के लिए वह दिल्ली आया था। आमिर को रविवार को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया।
इस मामले में अब तक जम्मू-कश्मीर पुलिस 8 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।






