लाल किले के पास धमाका: सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ाने वाली घटना
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संवाद 24 दिल्ली। सोमवार शाम करीब 6.52 बजे (स्थानीय समय) राजधानी दिल्ली के पुराने हिस्से में, लाल किले के समीप, लाल किला मेट्रो स्टेशन (Gate 1) के पास एक कार में जोरदार विस्फोट हुआ।
विस्फोट उस समय हुआ जब एक धीमी गति से चल रही कार लाल रोशनी (ट्रैफिक सिग्नल) पर रुकी थी। इस विस्फोट में कम-से-कम 8 लोगों की मृत्यु हुई है और 20 से 24 घायल बताए जा रहे हैं।
विस्फोट के तुरंत बाद उस वाहन के आसपास खड़ी गाड़ियों, ऑटो-रिक्शाओं में आग लग गई थी। पुलिस और अग्नि दल ने तुरंत वहां पहुँचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
घटना का स्थल पुरानी दिल्ली का बहुत व्यस्त इलाका है मेट्रो स्टेशन, बाज़ार, भीड़-भाड़ वाला ट्रैफिक सिग्नल, सभी एक साथ मौजूद थे। विस्फोट की तीव्रता इतनी थी कि पास की गाड़ियाँ विकृत हो गईं और उस इलाके में केबल्स, शीशे तथा खिड़कियाँ टूटने की खबरें आईं।
कई लोगों ने बताया कि “इतनी तेज़ आवाज़” उन्होंने पहले कभी नहीं सुनी थी। जिस कार में विस्फोट हुआ, उस वाहन की पहचान हो चुकी है बताया गया कि यह एक Hyundai i20 कार थी। निकटस्थ व्यापारिक दुकानें, ऑटो-रिक्शा स्टैंड तथा मोटर चालकों में भय और अराजकता फैली। आसपास का ट्रैफिक विस्थापित हो गया।
विस्फोट के तुरंत बाद प्रशासन, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने सक्रिय कदम उठाए। दिल्ली पुलिस ने घटना स्थल को घेर लिया एवं आसपास के ट्रैफिक को रोका। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घटना स्थल का दौरा किया और कहा कि “सभी संभावनाओं की जांच की जा रही है”।
सक्रिय एजेंसियाँ जैसे एनएसजी (National Security Guard) और एनआईए (National Investigation Agency) एवं फोरेंसिक टीम तुरंत तैनात की गईं।घटना के बाद पूरे दिल्ली-एनसीआर में उच्च स्तर की सुरक्षा सतर्कता घोषित कर दी गई मेट्रो, एयरपोर्ट और सार्वजनिक स्थानों पर अतिरिक्त जाँच शुरू हो गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घायलों के शीघ्र उपचार और मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया।
विपक्षी नेता एवं स्थानीय प्रतिनिधियों ने घटना की गंभीरता को स्वीकार किया, तत्काल जाँच और जवाबदेही की मांग की है।
आम जनता में भय की स्थिति उत्पन्न हुई है, विशेषकर उस इलाके में जहाँ रोज़ बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं पर्यटन, दुकानदार, मेट्रो यात्री।
वाहन के मालिक को हिरासत में लिया गया है तथा प्रारंभिक स्वामित्व की जाँच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों ने इस घटना को पिछले कुछ ख़बरों एवं अवैध धमाके सामग्री बरामदगी से जोड़ने की संभावना पर भी विचार किया है।
लाल किला सिर्फ एक ऐतिहासिक स्मारक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय प्रतीक है, हर स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री वहीं से उद्बोधन देते हैं। इसलिए इस क्षेत्र में घटना का होना सिर्फ स्थानीय सुरक्षा समस्या नहीं बल्कि राष्ट्र-चिन्हित सचेतता की बात है। इस इलाके में भीड़-भाड़, पर्यटन, सड़क-मेट्रो-संवृत यातायात जैसी विशेषताएँ हैं, जो किसी आपात या हमले के दृष्टिकोण से संवेदनशील बनाती हैं।
घटना के तुरंत बाद उत्तर-प्रदेश, महाराष्ट्र तथा अन्य राज्यों में सुरक्षा बढ़ा दी गई, यह संकेत है कि केंद्रीय सुरक्षा तंत्र ने इसे सिर्फ स्थानीय घटना नहीं बल्कि संभावित व्यापक प्रभाव वाला माना है।






