बिहार चुनाव में ऐतिहासिक मतदान: पहले चरण में 64.66% वोटिंग, 27 वर्षों का रिकॉर्ड टूटा
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संवाद 24 (डेस्क), पटना।
बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में मतदाताओं ने उत्साह और लोकतांत्रिक जिम्मेदारी का अद्भुत उदाहरण पेश किया। 121 विधानसभा सीटों पर हुए मतदान में 64.66 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई, जो पिछले 27 वर्षों में सबसे अधिक है। इस चरण में 1314 उम्मीदवार मैदान में थे, जिनका भविष्य अब ईवीएम में बंद है।
बंपर वोटिंग के कारण
- लोगों में बदलाव और विकास की अपेक्षा
- स्थानीय मुद्दों को लेकर बढ़ी जागरूकता
- चुनाव आयोग और प्रशासन की बेहतर व्यवस्थाएँ
- महिलाओं की बढ़ी भागीदारी
2020 विधानसभा चुनाव में पहले चरण का मतदान लगभग 57.29% था, जबकि इस बार यह 7% से अधिक बढ़कर 64.66% पहुँच गया।
बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में भी बड़ी भागीदारी
पटना और गंगा किनारे के इलाकों में नावों से पार जाकर लोगों ने मतदान किया। कई बाढ़ प्रभावित बूथों पर भी लंबी कतारें देखी गईं। इससे स्पष्ट है कि प्राकृतिक बाधाओं के बावजूद लोगों ने अपने वोट के अधिकार का उपयोग किया।
कितने प्रत्याशी मैदान में
- कुल प्रत्याशी: 1314
- पुरुष उम्मीदवार: 792
- महिला प्रत्याशी: 122
- शेष उम्मीदवार छात्र, समाजसेवी, स्थानीय संगठनों और विभिन्न दलों से जुड़े रहे।
मतदाताओं का उत्साह सबसे अधिक
बेगूसराय, समस्तीपुर और मधेपुरा में सर्वाधिक मतदान दर्ज किया गया। वहीं शहरी क्षेत्रों में भी इस बार ग्रामीण इलाकों के बराबर वोटिंग दिखी, जो जनभागीदारी में सकारात्मक संकेत है।






