जेवर से उड़ान: PM मोदी ने NCR को दिया दूसरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, बदल जाएगा उत्तर भारत का भविष्य
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संवाद 24 नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च 2026 को उत्तर प्रदेश के जेवर में बने Noida International Airport के पहले चरण का उद्घाटन कर दिया। यह प्रोजेक्ट देश के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट्स में गिना जा रहा है और इससे पूरे दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र की हवाई कनेक्टिविटी को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
दिल्ली-एनसीआर को मिला दूसरा बड़ा एयरपोर्ट
यह एयरपोर्ट अब Indira Gandhi International Airport के बाद NCR का दूसरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बन गया है। इससे दिल्ली एयरपोर्ट पर बढ़ते दबाव को कम करने में मदद मिलेगी और यात्रियों को ज्यादा विकल्प मिलेंगे। बताया जा रहा है कि दोनों एयरपोर्ट मिलकर एक इंटीग्रेटेड एविएशन सिस्टम के रूप में काम करेंगे, जिससे देश और विदेश के लिए उड़ानों की संख्या और सुविधा दोनों बढ़ेंगी।
12 मिलियन यात्रियों की क्षमता, भविष्य में होगा और विस्तार
जेवर एयरपोर्ट का पहला चरण सालाना लगभग 1.2 करोड़ (12 मिलियन) यात्रियों को संभालने की क्षमता के साथ तैयार किया गया है। आगे आने वाले चरणों में इसकी क्षमता को कई गुना बढ़ाया जाएगा, जिससे यह दुनिया के बड़े एयरपोर्ट्स की सूची में शामिल हो सकता है। इस एयरपोर्ट को भविष्य में 60 से 120 मिलियन यात्रियों तक की क्षमता तक विकसित करने की योजना है, जो इसे भारत का सबसे बड़ा एविएशन हब बना सकता है।
₹11,000 करोड़ का प्रोजेक्ट, वैश्विक स्तर की सुविधाएं
करीब ₹11,200 करोड़ की लागत से तैयार यह एयरपोर्ट अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। इसे स्विस कंपनी Zurich Airport International के सहयोग से विकसित किया गया है, जिससे इसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीक और मैनेजमेंट देखने को मिलेगा। यह एयरपोर्ट न सिर्फ यात्रियों के लिए सुविधाजनक होगा, बल्कि कार्गो, लॉजिस्टिक्स और व्यापार के लिए भी एक बड़ा केंद्र बनेगा।
उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों को बड़ा फायदा
इस एयरपोर्ट के शुरू होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के कई शहरों को सीधा फायदा मिलेगा। खासतौर पर Noida, ग्रेटर नोएडा और आसपास के इलाकों में आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट के चलते आसपास के क्षेत्रों में प्रॉपर्टी की कीमतों में भी तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिली है, जो इसके आर्थिक प्रभाव को दर्शाता है।
रोजगार और विकास को लेकर उम्मीदें और सवाल
जहां एक ओर इस एयरपोर्ट से बड़े पैमाने पर रोजगार और विकास की उम्मीद जताई जा रही है, वहीं स्थानीय लोगों के बीच कुछ चिंता भी सामने आई है। कई युवाओं का कहना है कि उन्हें अब तक अपेक्षित नौकरी के अवसर नहीं मिल पाए हैं। हालांकि सरकार का दावा है कि जैसे-जैसे एयरपोर्ट पूरी तरह ऑपरेशनल होगा, वैसे-वैसे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
भारत को ग्लोबल एविएशन हब बनाने की दिशा में कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट सिर्फ एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि भारत को वैश्विक एविएशन हब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संख्या बढ़ेगी और भारत की वैश्विक कनेक्टिविटी मजबूत होगी।






