​हवाई सुरक्षा पर बड़ा संकट? AAIB की रडार पर 19 गंभीर विमानन घटनाएँ, एयर इंडिया और इंडिगो समेत कई एयरलाइंस सवालों के घेरे में

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​संवाद 24 नई दिल्ली। भारत में हवाई यात्रा की बढ़ती मांग के बीच विमानन सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एयर एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने पिछले कुछ महीनों में हुई 19 विमानन घटनाओं की विस्तृत जाँच शुरू कर दी है, जिनमें से कई बड़ी दुर्घटनाओं का रूप ले सकती थीं। यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब देश की प्रमुख एयरलाइंस—एयर इंडिया और इंडिगो—भी नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) के निशाने पर हैं, और उन पर करोड़ों का जुर्माना लगाया गया है।

​AAIB की गहन जाँच: 19 घटनाओं से हड़कंप
​नागर विमानन मंत्रालय के तहत काम करने वाले AAIB ने 19 ऐसी घटनाओं की पड़ताल शुरू की है, जिन्हें ‘गंभीर घटनाएँ’ (Serious Incidents) माना गया है। इनमें से कई घटनाएँ पिछले कुछ महीनों में हुई हैं और अगर समय रहते उन पर काबू नहीं पाया जाता, तो वे बड़े विमान हादसों में तब्दील हो सकती थीं। इन घटनाओं में तकनीकी खराबी, मानवीय त्रुटियाँ, और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से जुड़ी समस्याएँ शामिल हैं। AAIB का लक्ष्य इन घटनाओं के मूल कारणों की पहचान करना और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सिफारिशें देना है।

​एयर इंडिया पर 1.10 करोड़ का जुर्माना: सुरक्षा नियमों की अनदेखी?
​हाल ही में DGCA ने एयर इंडिया पर 1.10 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई बेंगलुरु में एक यात्री द्वारा विमान के आपातकालीन द्वार (Emergency Exit) से छेड़छाड़ के प्रयास और नियमों की अनदेखी से जुड़े अन्य मामलों को लेकर की गई है। DGCA ने यह भी पाया कि एयरलाइन ने ऐसे सुरक्षा उल्लंघनों की रिपोर्टिंग में देरी की, जिससे हवाई सुरक्षा प्रोटोकॉल पर सवाल उठते हैं। यह जुर्माना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि विमानन सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

​इंडिगो भी नहीं बची: 1.20 करोड़ रुपये का झटका
​देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो को भी DGCA के सख्त रुख का सामना करना पड़ा है। पायलटों के लॉगबुक रिकॉर्ड में विसंगतियाँ (Discrepancies) पाए जाने के बाद इंडिगो पर 1.20 करोड़ रुपये का जुर्माना ठोका गया है। DGCA ने पाया कि कुछ पायलटों ने अपनी उड़ान ड्यूटी के घंटों और आराम के समय से जुड़े रिकॉर्ड को सही ढंग से नहीं भरा था, जो सुरक्षा नियमों का सीधा उल्लंघन है। पायलटों की थकान और अपर्याप्त आराम हवाई सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा हो सकता है, यही वजह है कि DGCA ने इस मामले को गंभीरता से लिया है।

​अन्य एयरलाइंस भी रडार पर
​जाँच में केवल एयर इंडिया और इंडिगो ही नहीं, बल्कि कुछ अन्य क्षेत्रीय और छोटी एयरलाइंस भी AAIB और DGCA की निगरानी में हैं। विमानों के इंजन में खराबी, लैंडिंग के दौरान अनियमितताएँ, और बर्ड स्ट्राइक जैसी घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं। इन घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि भारतीय विमानन क्षेत्र को अपनी सुरक्षा प्रणाली को और मजबूत करने की आवश्यकता है।

​भविष्य की राह: सुरक्षा या सुविधा?
​यह समय भारतीय विमानन क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है। हवाई यात्रा को अधिक सुलभ बनाने के प्रयासों के बीच, सुरक्षा मानकों से समझौता करना घातक साबित हो सकता है। DGCA और AAIB की सख्त कार्रवाई यह दर्शाती है कि नियामक निकाय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं। एयरलाइंस को अपनी आंतरिक सुरक्षा प्रणालियों को सुदृढ़ करना होगा, कर्मचारियों को उचित प्रशिक्षण देना होगा, और नियमों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करना होगा ताकि यात्रियों का विश्वास बना रहे और आसमान में सफर सुरक्षित रह सके।

Madhvi Singh
Madhvi Singh

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