खुशियों के आंगन में बिछ गई लाशें: पाकिस्तान में शादी समारोह के दौरान आत्मघाती धमाके से दहला खैबर पख्तूनख्वा
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संवाद 24 नई दिल्ली । पाकिस्तान का अशांत क्षेत्र खैबर पख्तूनख्वा एक बार फिर बम धमाकों की गूँज और चीख-पुकार से दहल उठा है। जहां एक ओर एक परिवार में शहनाइयां बज रही थीं और लोग शादी के जश्न में डूबे थे, वहीं अचानक हुए एक आत्मघाती हमले ने खुशियों को मातम में बदल दिया। इस खौफनाक हमले में कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई है और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।
कैसे हुआ यह कायराना हमला?
स्थानीय सूत्रों और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना खैबर पख्तूनख्वा के एक रिहायशी इलाके में आयोजित शादी समारोह के दौरान हुई। हमलावर ने भीड़भाड़ वाले स्थान को निशाना बनाया और खुद को बम से उड़ा लिया। धमाका इतना जोरदार था कि आसपास की दीवारें गिर गईं और समारोह स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि धमाके के बाद हर तरफ धुंआ और खून के धब्बे दिखाई दे रहे थे।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल
इस हमले ने एक बार फिर पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ दावों की पोल खोल दी है। खैबर पख्तूनख्वा का इलाका लंबे समय से चरमपंथियों और आतंकी गुटों का गढ़ रहा है। हाल के महीनों में यहाँ सुरक्षा बलों और आम नागरिकों पर हमलों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। स्थानीय निवासियों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है, उनका कहना है कि सरकार और प्रशासन नागरिकों की जान बचाने में विफल साबित हो रहे हैं।
अस्पतालों में मची चीख-पुकार
धमाके के तुरंत बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को पास के जिला अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कुछ की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों का कहना है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर दिया है और फोरेंसिक टीमें साक्ष्य जुटाने में लगी हैं। अभी तक किसी भी आतंकी संगठन ने आधिकारिक तौर पर इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन शक की सुई स्थानीय प्रतिबंधित गुटों की ओर घूम रही है।
आतंक का साया और भविष्य की चिंता
यह हमला न केवल एक परिवार की तबाही है, बल्कि उस बढ़ते आतंक का संकेत है जो पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाकों को अपनी चपेट में ले रहा है। आम जनता अब सार्वजनिक कार्यक्रमों में जाने से कतराने लगी है।






