भारत के लिए जीने का समय है, मरने का नहीं: देशभक्ति हर नागरिक के लिए जरूरी, ‘टुकड़े-टुकड़े’ जैसी भाषा स्वीकार नहीं – मोहन भागवतSamvad 24 OfficeOnDecember 13, 2025