BCCI का मास्टरस्ट्रोक, कोहली-रोहित को झटका, गिल-बुमराह बने नए दौर की पहचान!
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संवाद 24 डेस्क। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने 2026 के लिए अपनी सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट जारी कर दी है और इसके साथ ही क्रिकेट गलियारों में हलचल मच गई है। इस बार बोर्ड ने सिर्फ नाम और रुतबे के आधार पर नहीं, बल्कि खिलाड़ियों की मौजूदा भूमिका, फिटनेस और सभी फॉर्मेट में उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया है।
खत्म हुआ A+ ग्रेड, बदला पूरा सिस्टम
इस बार BCCI ने अपने कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में सबसे बड़ा बदलाव करते हुए A+ ग्रेड को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। पहले यह ग्रेड भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े सितारों के लिए आरक्षित माना जाता था, लेकिन अब बोर्ड ने साफ कर दिया है कि कोई भी खिलाड़ी सिर्फ स्टारडम के भरोसे टॉप ग्रेड में नहीं रहेगा।
A ग्रेड में सिर्फ तीन नाम
नई कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट में A ग्रेड को सबसे ऊंचा दर्जा दिया गया है और इसमें सिर्फ तीन खिलाड़ियों को जगह मिली है।
शुभमन गिल, भारतीय क्रिकेट के नए पोस्टर बॉय
जसप्रीत बुमराह, टीम इंडिया की गेंदबाजी की रीढ़
रवींद्र जडेजा, हर फॉर्मेट के भरोसेमंद ऑलराउंडर , यह चयन साफ संकेत देता है कि बोर्ड अब भविष्य की टीम को प्राथमिकता दे रहा है।
रोहित-कोहली को क्यों लगा झटका?
भारतीय क्रिकेट के दो सबसे बड़े नाम रोहित शर्मा और विराट कोहली इस बार टॉप ग्रेड में जगह नहीं बना पाए। दोनों खिलाड़ियों का अब सीमित फॉर्मेट में ही सक्रिय रहना और लगातार सभी फॉर्मेट न खेलना, उनके लिए भारी पड़ा। इसी वजह से उन्हें B ग्रेड में रखा गया है, जो एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
B ग्रेड में सितारों की भीड़
B ग्रेड इस बार सबसे ज्यादा चर्चा में है, क्योंकि इसमें कई बड़े और मैच विनर खिलाड़ी शामिल हैं।
इस ग्रेड में शामिल प्रमुख नाम हैं।
विराट कोहली
रोहित शर्मा
सूर्यकुमार यादव
हार्दिक पांड्या
केएल राहुल
ऋषभ पंत
मोहम्मद सिराज
कुलदीप यादव
यशस्वी जायसवाल
श्रेयस अय्यर
यह ग्रेड उन खिलाड़ियों के लिए है जो टीम का अहम हिस्सा हैं, लेकिन सभी फॉर्मेट में नियमित नहीं हैं।
C ग्रेड से उभरेंगे नए सितारे
C ग्रेड में उन खिलाड़ियों को शामिल किया गया है जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी जगह बनाने की प्रक्रिया में हैं। यह ग्रेड युवा प्रतिभाओं के लिए एक बड़ा मंच माना जाता है, जहां से प्रदर्शन के दम पर खिलाड़ी ऊंचे ग्रेड तक पहुंच सकते हैं।
BCCI का साफ संदेश
BCCI के इस फैसले से एक बात बिल्कुल साफ हो गई है अब नाम नहीं, काम बोलेगा अब उपलब्धता और फिटनेस सबसे बड़ी शर्त होगी और अब भविष्य की टीम को प्राथमिकता मिलेगी बोर्ड चाहता है कि जो खिलाड़ी तीनों फॉर्मेट में देश के लिए तैयार है, वही शीर्ष सम्मान पाए।
टीम इंडिया के भविष्य की झलक
इस नए कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम को भारतीय क्रिकेट के नई पीढ़ी मॉडल के तौर पर देखा जा रहा है। शुभमन गिल जैसे युवा खिलाड़ियों को टॉप ग्रेड में रखना यह दिखाता है कि आने वाले वर्षों में टीम इंडिया का नेतृत्व और जिम्मेदारी नई पीढ़ी के कंधों पर होगी।
आगे क्या बदल सकता है?
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में:
सैलरी स्ट्रक्चर और ज्यादा परफॉर्मेंस-आधारित होगा
खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेट और फिटनेस पर भी फोकस करना पड़ेगा। सिर्फ IPL या सीमित मैचों से टॉप ग्रेड पाना मुश्किल होगा। BCCI की सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट 2026 सिर्फ खिलाड़ियों की सूची नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट की नई सोच का ऐलान है। यह फैसला दिखाता है कि टीम इंडिया अब भावनाओं से नहीं, बल्कि रणनीति और भविष्य की तैयारी से चलेगी। अब देखना दिलचस्प होगा कि कौन इस चुनौती को अवसर में बदलता है।






