नागपुर की रात में तूफान अभिषेक, रिंकू की आंधी, वरुण की फिरकी और कीवी टीम चारों खाने चित
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संवाद 24 डेस्क। नागपुर की पिच पर खेले गए पहले टी-20 मुकाबले में टीम इंडिया ने ऐसा विस्फोटक खेल दिखाया कि स्टेडियम में मौजूद दर्शक देर रात तक रोमांच से भरे रहे। बल्लेबाज़ी में आक्रामक तेवर और गेंदबाज़ी में सटीक रणनीति के दम पर भारत ने न्यूजीलैंड को बड़े अंतर से हराकर सीरीज में दमदार आगाज़ किया।
टॉस से ही बदले मैच के तेवर
भारतीय कप्तान ने टॉस जीतते ही बल्लेबाज़ी का फैसला कर साफ कर दिया कि टीम इस मुकाबले में दबाव बनाने के इरादे से उतरी है। शुरुआती ओवरों में संयम और उसके बाद आक्रामकता, यही भारत की रणनीति रही, जिसने न्यूजीलैंड को शुरुआत से ही बैकफुट पर धकेल दिया।
अभिषेक शर्मा का बल्ला बना आग का गोला
पारी की असली कहानी लिखी युवा बल्लेबाज़ अभिषेक शर्मा ने। मैदान के चारों ओर शॉट्स बरसाते हुए उन्होंने न्यूजीलैंड के गेंदबाज़ों की लाइन-लेंथ पूरी तरह बिगाड़ दी। छक्कों की झड़ी और चौकों की बारिश ने दर्शकों को खड़े होकर तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। उनकी पारी ने न सिर्फ रन बनाए, बल्कि विपक्षी टीम का मनोबल भी तोड़ दिया।
सूर्यकुमार यादव की क्लास और कप्तानी टच
एक छोर पर अभिषेक जब आक्रमण कर रहे थे, वहीं सूर्यकुमार यादव ने अपने खास अंदाज़ में इनिंग्स को संभाला। फाइन लेग के ऊपर से खेले गए शॉट्स और कवर ड्राइव्स ने दिखा दिया कि भारतीय बल्लेबाज़ी कितनी संतुलित और खतरनाक है। कप्तान की यह पारी टीम को मजबूत आधार देने में अहम साबित हुई।
रिंकू सिंह का फिनिशिंग धमाका
पारी के आखिरी ओवरों में मैदान पर उतरे रिंकू सिंह ने एक बार फिर साबित किया कि वह क्यों भारत के सबसे भरोसेमंद फिनिशर माने जाते हैं। बिना किसी डर के बड़े शॉट खेलते हुए उन्होंने स्कोर को उस ऊंचाई तक पहुंचा दिया, जहां से न्यूजीलैंड की राह मुश्किल हो गई। आखिरी ओवरों में बरसे छक्कों ने मैच का रुख पूरी तरह भारत की ओर मोड़ दिया।
विशाल स्कोर और बढ़ता दबाव
भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में एक विशाल स्कोर खड़ा किया। यह ऐसा लक्ष्य था जिसे हासिल करने के लिए न्यूजीलैंड को शुरुआत से ही आक्रमण करना जरूरी था। डगआउट में बैठे कीवी खिलाड़ी भी जानते थे कि यह आसान काम नहीं होगा।
न्यूजीलैंड की शुरुआत, लेकिन टिक नहीं पाई रफ्तार
लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड टीम ने तेज़ शुरुआत करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय गेंदबाज़ों ने शुरुआती ओवरों में ही विकेट निकालकर दबाव बना दिया। हालांकि बीच के ओवरों में ग्लेन फिलिप्स ने तूफानी बल्लेबाज़ी करते हुए मुकाबले में जान डालने की कोशिश की और कुछ देर के लिए दर्शकों की धड़कनें बढ़ा दीं।
वरुण चक्रवर्ती की फिरकी में उलझे कीवी
जैसे ही मैच न्यूजीलैंड की ओर झुकता दिखा, वरुण चक्रवर्ती की रहस्यमयी स्पिन ने खेल पलट दिया। उनकी गेंदों को पढ़ना बल्लेबाज़ों के लिए मुश्किल साबित हुआ। एक के बाद एक विकेट गिरते गए और रन-रेट पर लगाम लगती चली गई। यही वह दौर था जहां भारत ने मैच पर पूरी तरह पकड़ बना ली।
तेज़ गेंदबाज़ों की सटीक चोट
स्पिन के साथ-साथ भारतीय तेज़ गेंदबाज़ों ने भी शानदार सहयोग दिया। नई गेंद से स्विंग, डेथ ओवरों में यॉर्कर और कसी हुई लाइन, हर मोर्चे पर भारतीय गेंदबाज़ हावी रहे। न्यूजीलैंड की टीम लगातार विकेट खोती रही और लक्ष्य से दूर होती चली गई।
अंत में भारत की दमदार जीत
20 ओवर पूरे होते-होते साफ हो गया कि मुकाबला भारत की मुट्ठी में है। न्यूजीलैंड की टीम पूरे प्रयास के बावजूद लक्ष्य के करीब नहीं पहुंच सकी और भारत ने बड़े अंतर से मुकाबला अपने नाम कर लिया। स्टेडियम में भारत-भारत के नारों के साथ जीत का जश्न मनाया गया।
सीरीज की शानदार शुरुआत
इस जीत के साथ भारत ने न सिर्फ सीरीज में बढ़त बनाई, बल्कि यह भी दिखा दिया कि टीम का संयोजन और फॉर्म दोनों शानदार हैं। युवा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और अनुभवी खिलाड़ियों की समझ, दोनों का बेहतरीन मेल इस मुकाबले में देखने को मिला।






