हार के बाद घमासान, शुभमन गिल की कप्तानी पर उठा तूफान, पड़ोसी मुल्क से आई तीखी चुनौती
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संवाद 24 डेस्क। भारतीय क्रिकेट टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज में 2-1 से हार का सामना करना पड़ा। यह हार सिर्फ एक सीरीज तक सीमित नहीं रही, बल्कि टीम इंडिया के आत्मविश्वास, रणनीति और खासकर युवा कप्तान शुभमन गिल की नेतृत्व क्षमता पर भी कई सवाल खड़े कर गई। घरेलू मैदान पर इस तरह की हार ने फैंस और क्रिकेट पंडितों को चौंका दिया है।
निर्णायक मुकाबले में कहां चूकी टीम इंडिया
निर्णायक मैच में भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों में संघर्ष किया। न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने मौके का पूरा फायदा उठाते हुए बड़ा स्कोर खड़ा किया। बीच के ओवरों में विकेट न निकलना और रन गति पर लगाम न लग पाना टीम इंडिया पर भारी पड़ा। लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय बल्लेबाजी ने कुछ समय तक उम्मीद जगाई, लेकिन लगातार विकेट गिरने से टीम दबाव में आ गई।
विराट की जुझारू पारी, फिर भी अधूरा सपना
इस मुकाबले में विराट कोहली ने एक बार फिर साबित किया कि बड़े मैचों के खिलाड़ी वही हैं। उन्होंने जिम्मेदारी भरी शतकीय पारी खेली और टीम को जीत की ओर ले जाने की कोशिश की। हालांकि, दूसरे छोर से अपेक्षित सहयोग न मिल पाने के कारण विराट की मेहनत रंग नहीं ला सकी और टीम लक्ष्य से पीछे रह गई।
कप्तान शुभमन गिल के फैसलों पर सवाल
सीरीज हार के बाद कप्तान शुभमन गिल की कप्तानी चर्चा के केंद्र में आ गई। गेंदबाजी में बदलाव, फील्ड सेटिंग और अहम मौकों पर लिए गए फैसलों को लेकर कई सवाल उठे। कुछ मौकों पर ऐसा लगा कि टीम सही समय पर आक्रामक रणनीति अपनाने से चूक गई, जिसका फायदा विपक्षी टीम ने उठाया।
पड़ोसी देश से आई तीखी प्रतिक्रिया
भारतीय टीम की हार के बाद पड़ोसी देश के पूर्व क्रिकेटर बेसित अली ने शुभमन गिल की कप्तानी को लेकर कड़ा बयान दिया। उनका कहना था कि कप्तानी सिर्फ नाम से नहीं, बल्कि मैदान पर फैसलों से साबित होती है। उन्होंने गिल की रणनीतिक समझ पर सवाल उठाते हुए कहा कि युवा कप्तान को अभी नेतृत्व की बारीकियां सीखने की जरूरत है।
गेंदबाजी क्रम को लेकर बढ़ा विवाद
बेसित अली ने खास तौर पर भारतीय गेंदबाजी क्रम पर सवाल उठाए। उनका मानना था कि स्पिन गेंदबाजों को सही समय पर इस्तेमाल नहीं किया गया और तेज गेंदबाजों पर जरूरत से ज्यादा भरोसा किया गया। अगर परिस्थितियों के अनुसार बदलाव किए जाते, तो न्यूजीलैंड को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोका जा सकता था।
कप्तानी का दबाव या अनुभव की कमी
क्रिकेट जानकारों का मानना है कि शुभमन गिल एक बेहतरीन बल्लेबाज हैं, लेकिन कप्तानी का दबाव उनके खेल और फैसलों पर असर डाल रहा है। युवा कप्तान के लिए यह दौर सीखने का है, जहां हर हार एक सबक बन सकती है। अनुभव के साथ उनकी कप्तानी और निखर सकती है।
ड्रेसिंग रूम का माहौल
सीरीज हार के बाद भारतीय ड्रेसिंग रूम में आत्ममंथन का दौर शुरू हो गया है। खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के बीच रणनीतियों को लेकर लंबी चर्चाएं हो रही हैं। टीम मैनेजमेंट आने वाले मुकाबलों से पहले गलतियों को सुधारने पर फोकस कर रहा है।
फैंस की नाराजगी और उम्मीद
भारतीय फैंस इस हार से निराश जरूर हैं, लेकिन वे शुभमन गिल जैसे युवा कप्तान से भविष्य में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद भी कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर जहां आलोचना देखने को मिली, वहीं कई फैंस ने गिल का समर्थन करते हुए उन्हें समय देने की बात कही।टीम इंडिया के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती आत्मविश्वास वापस हासिल करने की है। आने वाली सीरीज में कप्तानी, टीम संयोजन और रणनीति पर खास ध्यान देना होगा। यह हार भले ही दर्दनाक हो, लेकिन अगर इससे सही सबक लिया गया तो टीम इंडिया और मजबूत होकर वापसी कर सकती है।






