राजकोट में भारत की हार, मिचेल की आंधी में उड़ी टीम इंडिया, न्यूजीलैंड बराबरी पर लाई सीरीज

Share your love

संवाद 24, डेस्क। भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए दूसरे वनडे मुकाबले ने क्रिकेट प्रेमियों को चौंका दिया। जिस मैदान पर टीम इंडिया से जीत की उम्मीद की जा रही थी, वहीं न्यूजीलैंड ने शानदार रणनीति, धैर्यपूर्ण बल्लेबाज़ी और बेखौफ खेल से भारत को 7 विकेट से करारी शिकस्त दी। इस जीत के साथ ही कीवी टीम ने तीन मैचों की वनडे सीरीज को 1-1 से बराबर कर दिया और निर्णायक मुकाबले का रोमांच कई गुना बढ़ा दिया।

भारतीय पारी की शुरुआत, उम्मीदों के साथ उतरी टीम इंडिया
टॉस जीतकर भारत ने पहले बल्लेबाज़ी का फैसला किया। शुरुआती ओवरों में भारतीय बल्लेबाज़ों ने संभलकर खेल दिखाया, लेकिन बड़ी साझेदारी की तलाश जारी रही। पिच पर उछाल और हल्की स्विंग ने बल्लेबाज़ों को सतर्क रहने पर मजबूर किया।

केएल राहुल का शतक, संकट में कप्तानी पारी
भारतीय पारी की रीढ़ बने केएल राहुल, जिन्होंने दबाव में शानदार नाबाद शतक जड़ा। राहुल ने जिम्मेदारी संभालते हुए पारी को अंतिम ओवरों तक मजबूती दी। उनकी बल्लेबाज़ी में संयम भी था और आक्रामकता भी, जिसने भारत को सम्मानजनक स्कोर तक पहुँचाया।

शुभमन गिल का योगदान, भविष्य की झलक
राहुल का बखूबी साथ निभाया शुभमन गिल ने। गिल ने तकनीकी रूप से सधी हुई अर्धशतकीय पारी खेली और दिखाया कि क्यों उन्हें भारतीय क्रिकेट का अगला बड़ा सितारा माना जा रहा है। उनकी टाइमिंग और शॉट सिलेक्शन ने दर्शकों का दिल जीत लिया।

बड़े नाम रहे फीके
भारतीय टीम को झटका तब लगा जब अनुभवी बल्लेबाज़ बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। जल्दी-जल्दी विकेट गिरने से रन गति पर असर पड़ा और टीम इंडिया आखिरी ओवरों में खुलकर नहीं खेल सकी।

भारत का अंतिम स्कोर, चुनौतीपूर्ण लेकिन सुरक्षित नहीं
50 ओवरों में भारत ने 284 रन बनाए। यह स्कोर कागज़ों पर मजबूत दिख रहा था, लेकिन बल्लेबाज़ों के स्वर्ग जैसे हालात में यह पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा सकता था।

न्यूजीलैंड की शुरुआत, झटकों के बावजूद भरोसा कायम
लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड टीम को शुरुआती ओवरों में झटके लगे, लेकिन इसके बावजूद टीम का आत्मविश्वास डगमगाया नहीं। विकेट गिरने के बाद भी कीवी बल्लेबाज़ों ने संयम बनाए रखा।

डैरिल मिचेल की ऐतिहासिक पारी
मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया डैरिल मिचेल ने। उन्होंने भारतीय गेंदबाज़ों की एक न चलने दी और मैदान के चारों ओर शॉट्स लगाए। मिचेल की नाबाद पारी न केवल मैच जिताऊ रही, बल्कि भारतीय गेंदबाज़ी की कमजोरियों को भी उजागर कर गई।

मिचेल-यंग की साझेदारी, भारत की मुश्किलें बढ़ीं
डैरिल मिचेल को शानदार साथ मिला विल यंग का। दोनों के बीच हुई लंबी साझेदारी ने भारतीय खेमे में बेचैनी बढ़ा दी। रन रुकने का नाम नहीं ले रहे थे और मैच धीरे-धीरे न्यूजीलैंड की पकड़ में जाता दिखने लगा।

भारतीय गेंदबाज़ी की पोल खुली
भारतीय गेंदबाज़ न तो सही लाइन-लेंथ पकड़ पाए और न ही बीच के ओवरों में दबाव बना सके। फील्डिंग में भी चूक देखने को मिली, जिसने न्यूजीलैंड के काम को और आसान बना दिया।

आसान लक्ष्य, तेज़ जीत
न्यूजीलैंड ने लक्ष्य को पूरे आत्मविश्वास के साथ हासिल किया। आखिरी ओवरों में मुकाबला एकतरफा हो चुका था और कीवी टीम ने कई ओवर शेष रहते जीत दर्ज कर ली।

कप्तानी और रणनीति पर उठे सवाल
इस हार के बाद भारतीय टीम की रणनीति पर सवाल खड़े हो गए हैं। गेंदबाज़ी में बदलाव, फील्ड सेटिंग और दबाव के क्षणों में फैसले चर्चा का विषय बन गए हैं।

हार से सीख, टीम इंडिया के लिए चेतावनी
यह मुकाबला भारत के लिए एक चेतावनी की तरह है कि सिर्फ मजबूत बल्लेबाज़ी से मैच नहीं जीते जाते। गेंदबाज़ी और फील्डिंग में निरंतरता बेहद जरूरी है, खासकर बड़े टूर्नामेंट से पहले।

सीरीज अब निर्णायक मोड़ पर
सीरीज 1-1 से बराबर हो चुकी है और अब सबकी निगाहें तीसरे और आखिरी वनडे पर टिकी हैं। यह मुकाबला तय करेगा कि ट्रॉफी किसके नाम होगी।

फैंस की प्रतिक्रिया, सोशल मीडिया पर हलचल
मैच के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। किसी ने मिचेल की तारीफ की तो किसी ने भारतीय गेंदबाज़ी पर नाराज़गी जताई। फैंस अब निर्णायक मैच में दमदार वापसी की उम्मीद कर रहे हैं। राजकोट का यह मुकाबला एक बार फिर साबित करता है कि क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है। आखिरी गेंद तक कुछ भी तय नहीं होता। अब देखना दिलचस्प होगा कि निर्णायक मैच में कौन बाज़ी मारता है, भारत या न्यूजीलैंड।

Manvendra Somvanshi
Manvendra Somvanshi

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Get regular updates on your mail from Samvad 24 News