हमारे सौर मंडल में आया अन्तरतारकीय मेहमान, जानिए क्या है रहस्यमयी 3I/ATLAS, जिसे NASA भी समझ नहीं पा रहा।

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संवाद 24 (संजीव सोमवंशी)। आधुनिक खगोल विज्ञान के इतिहास में इंटरस्टेलर वस्तुओं की खोज एक क्रांतिकारी घटना रही है। 2017 में  1I/Oumuamua की खोज के बाद, 2019 में 2I/Borisov ने हमें अन्य तारों की प्रणालियों से आने वाले रहस्यमयी मेहमानों की झलक दी। अब, 2025 में, तीसरा ऐसा इंटरस्टेलर धूमकेतु 3I/एटलस ने वैज्ञानिक समुदाय को आश्चर्यचकित कर दिया है। इसने यह स्पष्ट कर दिया कि हमारा सौर मंडल बाकी ब्रह्मांड से पूरी तरह अलग नहीं है। यह तीसरा ज्ञात अन्तरतारकीय वस्तु (interstellar object) है जो हमारे सौर मंडल से होकर गुज़र रहा है, और इसे समझना वैज्ञानिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। क्योंकि ये न केवल हमारी समझ को विस्तारित करता है बल्कि सौरमंडल के निर्माण और अन्य तारकीय प्रणालियों की रासायनिक संरचना के बारे में महत्वपूर्ण सुराग प्रदान करता है।

3I/एटलस की खोज 1 जुलाई 2025 को चिली के रियो हर्टाडो में स्थित एटलस (एस्टेरॉइड टेरेस्ट्रियल-इम्पैक्ट लास्ट अलर्ट सिस्टम) सर्वेक्षण दूरबीन द्वारा की गई। नासा द्वारा वित्तपोषित यह प्रणाली मुख्य रूप से पृथ्वी के निकट क्षुद्रग्रहों की निगरानी के लिए डिज़ाइन की गई है, लेकिन इसने अप्रत्याशित रूप से एक इंटरस्टेलर आगंतुक का पता लगाया। 

इसका नामकरण अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ (आईएयू) के नियमों के अनुसार हुआ, इसके “3I” नामकरण में “3” इस बात की ओर संकेत करता है कि यह तीसरा अन्तरतारकीय ऑब्जेक्ट है, “I” का अर्थ है “Interstellar” अर्थात् अन्य तारा प्रणाली से आया हुआ। जबकि “एटलस” खोजकर्ता सर्वेक्षण का संकेत है। यह आधिकारिक रूप से C/2025 N1 (ATLAS) भी जाना जाता है।

ईएसए के अनुसार, इसकी हाइपरबोलिक कक्षा (विकेंद्रीयता 6.1373) ने इसके बाहरी सौरमंडलीय मूल की पुष्टि की। खोज के समय इसकी गति 137,000 मील प्रति घंटा (221,000 किलोमीटर प्रति घंटा) थी, जो सूर्य के निकट पहुँचने पर बढ़ गई। इसकी कक्षीय पथ-गति और अन्य गुणों से यह स्पष्ट हुआ कि यह सौर मंडल से बँधा हुआ नहीं है, एक हाइपरबोलिक कक्षा में आ रहा तथा निकलने वाला पिंड है। यह सूर्य के सबसे निकट बिंदु (perihelion) के करीब 1.4 AU (लगभग 130 मिलियन मील) पर पहुंचने वाला है। पृथ्वी से इसकी सबसे कम दूरी लगभग 1.8 AU (लगभग 270 मिलियन किमी) होगी, इसलिए यह पृथ्वी के लिए कोई खतरनाक ऑब्जेक्ट नहीं है। 

विज्ञान-दृष्टि से यह महत्वपूर्ण है कि 3I/ATLAS ने कुछ ऐसे लक्षण दिखाए हैं जो इसे पारंपरिक सौर मंडलीय धूमकेतु (comet) से अलग करते हैं या कम-से-कम उनकी तुलना में रोचक बनाते हैं। Hubble Space Telescope द्वारा 21 जुलाई 2025 को लिया गया एक चित्र इस पिंड को एक आईसयुक्त केन्द्रक (icy nucleus) तथा उससे निकलते धूल के कोकून जैसे आवरण (teardrop-shaped cocoon) के साथ दिखाता है। उस चित्र के आधार पर, इस पिंड के केन्द्रक (nucleus) का व्यास अनुमानित तौर पर 0.44 किमी से लेकर 5.6 किमी तक बताया गया है यानि काफी अनिश्चितता के साथ।

शोध से यह भी पता चला है कि इसकी परावर्तिता (reflectance spectrum) और रंग-ढलान (spectral slope) कुछ हद तक अन्य सौर मंडलीय comets से अलग हैं। जैसे कि एनआईआर (near-infrared) में यह कभी-कभी थोड़ा “ब्लूश” ढलान दिखाता है। इसके पारगामी पथ (trajectories) और व्यवहार से यह निष्कर्ष निकला है कि यह वस्तु “साधारण सौर मंडल-व्युत्पन्न comet” की तरह नहीं पूरी तरह काम करती है यद्यपि अधिकांश वैज्ञानिक अभी भी इसे प्राकृतिक ऑब्जेक्ट मान रहे हैं। 

यहाँ यह उल्लेखनीय है कि NASA अकेला नहीं है अन्य एजेंसियां तथा मिशन भी इस ऑब्जेक्ट पर नजर बनाए हुए हैं। ESA के ExoMars Trace Gas Orbiter (TGO) तथा Mars Express ने 3I/ATLAS की मंगल ग्रह के पास से गुज़रने की अवलोकन की योजना बनाई। ESA ने यह भी कहा है कि 3I/ATLAS संभवतः 9–13 बिलियन साल पहले के “कॉस्मिक नून” (cosmic noon) के दौरान बने किसी तारे प्रणाली का अवशेष हो सकता है, यानी ब्रह्मांडीय समय में काफी प्राचीन हो सकता है। इस प्रकार, अंतर-एजेंसी सहयोग इस तरह के दुर्लभ अन्तरतारकीय आगन्तुक को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

NASA ने अपनी वेबसाइट पर 3I/ATLAS के लिए एक समर्पित पृष्ठ बनाया है जिसमें इसके अवलोकनों का संक्षिप्त विवरण, FAQs, तथा मीडिया-गैलरी उपलब्ध हैं। जिसके मुख्य सार्वजनिक बिंदु निम्नलिखित हैं: यह ऑब्जेक्ट सौर मंडल से बाहर बना हुआ है और हमारे सौर मंडल में प्रवेश कर रहा है। यह पृथ्वी के करीब नहीं आएगा; पृथ्वी को कोई खतरा नहीं है। इसके निष्कर्षों को लेकर अभी तक कई अनिश्चितताएँ मौजूद हैं, जैसे कि केन्द्रक का आकार, इसके गठन की स्थिति, एवं सामग्री संरचना। 

इन सार्वजनिक जानकारियों से यह साफ होता है कि NASA पूरी तरह से इसे एक प्राकृतिक खगोलीय ऑब्जेक्ट के रूप में देख रहा है यद्यपि “अनोखी व्यवहार” की वजह से शोधकर्ता अतिरिक्त ध्यान दे रहे हैं। यह ऑब्जेक्ट इसलिए विशेष है क्योंकि यह परभाषिक यानी अन्य तारा प्रणाली से छोड़ा गया ऑब्जेक्ट है। हमारे सौर मंडल में ऐसे बहुत कम उदाहरण मिले हैं (पहला था 1I/ʻOumuamua 2017 में, दूसरा 2I/Borisov 2019 में)। 

यह हमें हमारी सौर मंडल की उत्पत्ति व बनावट को बाहरी तारा प्रणालियों के उदाहरण से तुलना करने का अवसर देता है अर्थात् यह “अन्य तारे सिस्टम के बिल्डिंग-ब्लॉक्स” देखने जैसा है। यदि हम इस जैसे ऑब्जेक्ट्स को बेहतर समझ सके, तो ग्रह निर्माण, धूमकेतुओं एवं अन्तरतारकीय निमन्त्रणाओं (interstellar visitors) के अध्ययन में चुनौतीपूर्ण प्रश्नों का उत्तर मिल सकता है। 

हालाँकि यह विषय वैज्ञानिक रूप से रोमांचक है, लेकिन इसे समझने में कुछ चुनौतियाँ भी हैं, इस ऑब्जेक्ट के पास पहुँचने के लिए या इसे किसी अंतरिक्षयान द्वारा छूने की संभावना बहुत कम है, क्योंकि यह बहुत तेजी से गुज़र रहा है और उसकी पथ पहले से तय हो चुकी थी। उदाहरणतः, जुलाई 2025 के बाद किसी भी रॉकेट द्वारा भेजा गया मिशन इसे समय से नहीं पकड़ पाता। 

अवलोकन के लिए सीमित समय है, जब यह सूर्य के बहुत करीब जाएगा तो अवलोकन करना कठिन होगा (सूर्य की दिशा में चमकीले पृष्ठभूमि के कारण)। उसके बाद भी डेटा अधूरा है, विशेषकर स्पेक्ट्रोस्कोपी एवं कार्यक्षम विस्तार अध्ययन की दृष्टि से। फिलहाल केवल प्रारंभिक अवलोकन उपलब्ध हैं। 

हालाँकि चुनौतियाँ हैं, लेकिन भविष्य में प्रत्यक्ष अवलोकन तथा मिशन डिज़ाइन इस-प्रकार की वस्तुओं के लिए तैयार किए जा रहे हैं। उदाहरण के लिए, ESA का Comet Interceptor मिशन 2029 में लॉन्च होगा, जो इस प्रकार की अन्तरतारकीय या अत्यंत प्राचीन धूमकेतुओं को लक्ष्य बना सकता है। 

3I/ATLAS हमारी समझ को विस्तारित करने वाला एक अद्वितीय अवसर है, एक ऐसा खगोलीय पर्यटक जो हमारी सौर मंडल से बाहर बना हुआ है, और हमें यह दरसाता है कि ब्रह्माण्ड में हमारा स्थान कितनी विशिष्टता रखता है। 

NASA ने इस ऑब्जेक्ट के सम्बन्ध में जो सार्वजनिक जानकारी दी है, वह इस प्रकार है यह अन्तरतारकीय है, पृथ्वी के लिए खतरा नहीं है, तथा अभी अध्ययनाधीन है। खोज के तुरंत बाद, हार्वर्ड के अवी लोएब ने इसे एलियन अंतरिक्ष यान का सुझाव दिया, आकार, कक्षा और रासायनिक कमी के आधार पर। हालांकि, खगोलशास्त्री जैसे क्रिस लिंटॉट ने इसे खारिज किया, क्योंकि JWST और VLT ने धूमकेतु गतिविधि की पुष्टि की। यह विवाद इंटरस्टेलर ऑब्जेक्ट्स पर अतिरिक्त जांच को प्रोत्साहित करता है।

3I/एटलस सौरमंडल का एक दुर्लभ मेहमान है, जो हमें ब्रह्मांड की विशालता की याद दिलाता है। नासा और ईएसए द्वारा साझा सार्वजनिक डेटा हबल इमेज से JWST स्पेक्ट्रा तक इसकी कहानी को जीवंत बनाते हैं। जैसे-जैसे यह सौरमंडल छोड़ता है, इसके अवशेष डेटा वर्षों तक अनुसंधान को प्रेरित करेंगे। यह खोज न केवल विज्ञान की प्रगति दर्शाती है बल्कि मानव जिज्ञासा की अमरता को भी। वैज्ञानिक दृष्टि से यह महत्वपूर्ण इसलिए है क्योंकि यह हमें अन्य तारा प्रणालियों की सामग्री, ग्रह व धूमकेतु निर्माण के चरणों, और सौर मंडल-बाहर के खगोलीय पर्यावरण के बारे में नई अंतर्दृष्टि दे सकता है।

Samvad 24 Office
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