फ्रॉड कॉल और ठगी खत्म, अब मोबाइल सुरक्षा आपके हाथों में, संचार साथी ऐप के साथ
Share your love

संवाद 24 संजीव सोमवंशी। भारत तेजी से डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। यूपीआई लेनदेन से लेकर ई-केवाईसी तक ज्यादातर काम अब मोबाइल फोन के जरिए होते हैं। ऐसे में फोन चोरी होना, डेटा लीक होना या डिजिटल फ्रॉड का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए दूरसंचार मंत्रालय ने एक बेहद उपयोगी और सुरक्षा-केंद्रित प्लेटफॉर्म विकसित किया है, संचार साथी ऐप। यह ऐप मोबाइल उपयोगकर्ताओं को सुरक्षा, सुविधा और पारदर्शिता एक साथ उपलब्ध कराने का दावा करता है।
क्या है संचार साथी ऐप?
संचार साथी ऐप दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा शुरू किया गया एक इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म है, जिसका मूल उद्देश्य मोबाइल उपभोक्ताओं की सुरक्षा बढ़ाना और फर्जी सिम, डिजिटल फ्रॉड तथा फोन चोरी जैसी समस्याओं पर नियंत्रण पाना है। यह ऐप कई तरह की सेवाओं का एक ही स्थान पर समाधान देता है, जैसे, चोरी हुआ फोन खोजने में मदद, अपने नाम पर कितने मोबाइल कनेक्शन हैं, उनकी जानकारी, और नकली कॉल/मैसेज की शिकायत।
मोबाइल चोरी होने पर तुरंत मदद
भारत में हर साल हजारों मोबाइल फोन चोरी होते हैं। संचार साथी ऐप इस समस्या से निपटने के लिए CEIR (Central Equipment Identity Register) से जुड़ा है।
कैसे काम करता है CEIR फीचर?
फोन चोरी होने पर यूज़र ऐप में जाकर शिकायत दर्ज कर सकता है। शिकायत दर्ज होते ही फोन का IMEI ब्लॉक कर दिया जाता है। इससे चोरी किया गया फोन किसी भी नेटवर्क पर काम नहीं करता। अगर फोन वापस मिल जाता है, तो इसे आसानी से अनब्लॉक कराया जा सकता है। इस सुविधा से चोरी के फोन का उपयोग लगभग असंभव हो जाता है, जिससे चोरी की घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।
नकली या फ्रॉड कॉल्स से सुरक्षा
डिजिटल फ्रॉड बढ़ने के साथ मोबाइल उपयोगकर्ताओं को सबसे ज्यादा परेशानी फर्जी कॉल और मैसेज से होती है। ऐप में मौजूद “संदिग्ध संचार की रिपोर्ट” फीचर के जरिए उपभोक्ता ऐसे नंबरों की शिकायत तुरंत दर्ज कर सकते हैं।
इससे क्या होगा?
दूरसंचार विभाग ऐसे नंबरों की जांच करता है।
धोखाधड़ी वाले नंबरों को ब्लॉक किया जा सकता है।
टेलीकॉम कंपनियों को भी चेतावनी मिलती है कि ऐसे नंबरों के खिलाफ कार्रवाई करें।
अपने नाम पर कितने सिम चल रहे हैं मिलेगी पूरी जानकारी
कई बार लोगों के आधार नंबर का दुरुपयोग कर फर्जी सिम कार्ड जारी कर दिए जाते हैं। संचार साथी ऐप का “न्यूज़ टेलीकॉम एनालिटिक्स” फीचर इस समस्या को हल करता है। इस फीचर से यूज़र को पता चलता है, उसके नाम पर कितने मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड हैं, इनमें से कितने उपयोग में हैं, अगर कोई नंबर संदिग्ध लगता है, तो उसे तुरंत बंद कराने का विकल्प भी मिलता है, इससे डिजिटल पहचान की सुरक्षा और मजबूत होती है।
फर्जी सिम और केवाईसी फ्रॉड पर रोक
संचार साथी ऐप उन मामलों पर विशेष ध्यान देता है, जहां बिना अनुमति किसी यूज़र के डॉक्यूमेंट का इस्तेमाल कर सिम जारी कर दिया गया हो। ऐप के जरिए यूज़र इस प्रकार की शिकायत दर्ज कर सकता है और विभाग तुरंत जांच प्रक्रिया शुरू करता है।
कैसे डाउनलोड करें?
संचार साथी ऐप फिलहाल गूगल प्ले स्टोर, एप्पल ऐप स्टोर,
और वेबसाइट इंटरफेस पर उपलब्ध है। इसका यूज़र इंटरफेस सरल है और सभी फीचर्स हिंदी व अंग्रेजी दोनों में उपयोग किए जा सकते हैं, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को सुविधा मिलती है।
क्यों खास है यह ऐप?
मोबाइल सुरक्षा में एक बड़ा कदम
फर्जी सिम और डिजिटल फ्रॉड पर प्रभावी नियंत्रण
उपभोक्ता के हाथ में पूरी डिजिटल पहचान का नियंत्रण
चोरी हुआ फोन पूरी तरह बेकार करने की क्षमता
केंद्रीय डेटाबेस से जुड़ा होने के कारण ज्यादा विश्वसनीय
संचार साथी ऐप आज की डिजिटल दुनिया में एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। फोन चोरी, ऑनलाइन फ्रॉड और फर्जी सिम जैसी समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए यह ऐप एक भरोसेमंद समाधान बनकर उभरा है। डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में यह सरकार की एक अहम पहल है।






